à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सबसे खूबसूरत राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• सिकà¥à¤•िम, देश के उतà¥à¤¤à¤° पूरà¥à¤µà¥€ à¤à¤¾à¤— में हिमालय की गोंद में बसा है। करीब 7096 वरà¥à¤— किलोमीटर में फैला à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सबसे छोटे राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। सिकà¥à¤•िम à¤à¤¾à¤°à¤¤ का सबसे सà¥à¤µà¤šà¥à¤› राजà¥à¤¯ है। यह पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ और ससà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¥‡à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ बढ़ाने के अपने पà¥à¤°à¥‹à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इनिशिà¤à¤Ÿà¤¿à¤µ को लेकर पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ है। इसने कई कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® को लागू किया है, जिसमें मजबूत वेसà¥à¤Ÿ मैनेजमेंट पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® और सिंगल उपयोग वाले पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• का निषेध शामिल है।
विशेष तौर पर सिकà¥à¤•िम à¤à¤¾à¤°à¤¤ का पहला पूरà¥à¤£ ऑरà¥à¤—ेनिक राजà¥à¤¯ होने का गौरव रखता है। 2016 में 100% ऑरà¥à¤—ेनिक सरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤•ेशन हासिल करते हà¥à¤ यह सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ कृषि सिसà¥à¤Ÿà¤® को बढ़ावा देने में à¤à¤• अगà¥à¤°à¤£à¥€ राजà¥à¤¯ के रूप में उà¤à¤°à¤¾ है। साल 2021 में सिकà¥à¤•िम सरकार ने वेसà¥à¤Ÿ मैनेजमेंट को परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ के अनà¥à¤•ूल तरीके से बढ़ाने के लिये सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ कदम उठाà¤à¥¤
राजà¥à¤¯ ने सà¤à¥€ सरकारी बैठकों और कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• की पानी की बोतलों के उपयोग पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध लगा दिया। इसके अलावा राजà¥à¤¯ ने पूरे सिकà¥à¤•िम में डिसà¥à¤ªà¥‹à¤œà¥‡à¤¬à¤² फोम उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध लागू किया। गà¥à¤µà¤¾à¤Ÿà¥‡à¤®à¤¾à¤²à¤¾ के बाद सिकà¥à¤•िम विशà¥à¤µ सà¥à¤¤à¤° पर इलायची के दूसरे सबसे बड़े उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤• के रूप में à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ रखता है। इलायची, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ वà¥à¤¯à¤‚जनों में वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• रूप से इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाने वाला मसाला है। विशेष रूप से सिकà¥à¤•िम में यह अपनी खास गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ की वजह से अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ है।
सिकà¥à¤•िम को à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सबसे कम आबादी वाला राजà¥à¤¯ होने का गौरव हासिल है। 2021 तक लगà¤à¤— 610,577 की आबादी के साथ यह à¤à¤• शांत और कम à¤à¥€à¤¡à¤¼-à¤à¤¾à¤¡à¤¼ वाला टूरिसà¥à¤Ÿ डेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¥€ है। इस वजह से विशेष रूप से शांत और शांतिपूरà¥à¤£ वातावरण की चाहत रखने वाले परà¥à¤¯à¤Ÿà¤• इस पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की ओर आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ होते हैं।
सिकà¥à¤•िम à¤à¤¾à¤°à¤¤ का à¤à¤•मातà¥à¤° राजà¥à¤¯ है जो तीन देशों के साथ सीमा साà¤à¤¾ करता है। पूरà¥à¤µ में à¤à¥‚टान, उतà¥à¤¤à¤° में चीन और पशà¥à¤šà¤¿à¤® में नेपाल। इस à¤à¥Œà¤—ोलिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ ने राजà¥à¤¯ की समृदà¥à¤§ और विविध संसà¥à¤•ृति और परंपराओं को आकार देने में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆ है। सिकà¥à¤•िम अपनी जैव विविधता के लिठà¤à¥€ जाना जाता है, जिसमें अलà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ और उपोषà¥à¤£à¤•टिबंधीय जलवायॠशामिल हैं, साथ ही यहीं पर कंचनजंगा मौजूद है, जो à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सबसे ऊंची और पृथà¥à¤µà¥€ पर तीसरी सबसे ऊंची चोटी है।
सिकà¥à¤•िम में हर साल मारà¥à¤š से मई माह के बीच अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ª महोतà¥à¤¸à¤µ का आयोजन होता है। इस छोटे से राजà¥à¤¯ में करीब 5,000 फूल पौधे हैं, 515 दà¥à¤°à¥à¤²à¤ आरà¥à¤•ेड, 60 पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥à¤¯à¥à¤²à¤¸ पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, 36 रोडोडेंडà¥à¤°à¥‰à¤¨ पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, 11 ओकà¥à¤¸ किसà¥à¤®à¥‹à¤‚, 23 बांस की किसà¥à¤®à¥‡à¤‚, 16 शंकà¥à¤§à¤¾à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, 362 पà¥à¤°à¤•ार के फरà¥à¤¨ और फरà¥à¤¨ सहयोगी, 8 पेड़ के फरà¥à¤¨, और 424 औषधीय पौधों है। आरà¥à¤•ेड डेंडरोबियम नोबाइल सिकà¥à¤•िम का आधिकारिक फूल है।
सिकà¥à¤•िम à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ में दूसरा सबसे ऊंचा ससà¥à¤ªà¥‡à¤‚शन बà¥à¤°à¤¿à¤œ à¤à¥€ समेटे हà¥à¤ है। उतà¥à¤¤à¤°à¥€ सिकà¥à¤•िम जिले में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ लाचà¥à¤‚ग ससà¥à¤ªà¥‡à¤‚शन बà¥à¤°à¤¿à¤œ 400 फीट लंबा है और आसपास के पहाड़ों के लà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¥‡ दृशà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
1974 तक सिकà¥à¤•िम à¤à¤• सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° राषà¥à¤Ÿà¥à¤° था। इसके बाद 1975 में इसने à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अपना विलय कर लिया और देश का 22 वां राजà¥à¤¯ बन गया।
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