बीते à¤à¤•-डेढ़ दशक में अमेरिका और à¤à¤¾à¤°à¤¤ कई सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ पर à¤à¤•-दूसरे के करीब आठहैं। समाज से लेकर सियासत तक राहें मजबूत हà¥à¤ˆ हैं। शिकà¥à¤·à¤¾, चिकितà¥à¤¸à¤¾ और कारोबार में जड़ें जमी हैं। अगर इस नजदीकी की शà¥à¤°à¥‡à¤¯ दोनों देशों के सतà¥à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ान को जाता है तो संबंधों की नींव को खाद-पानी देकर उसे ठोस बनाने का काम समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ ने किया है। यह समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ तो है ही अमेरिकी à¤à¥€ है। कà¥à¤› à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ यहां आठऔर अपने संघरà¥à¤· के साथ वैधानिक राह पकड़कर अमेरिका के नागरिक बन गà¤à¥¤ हमेशा से à¤à¤• यहां का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ रहा जिसने दूसरी धरती से आठलोगों को अपने साथ जोड़ा। लेकिन तारीफ उस समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की à¤à¥€ कम नहीं जो दूसरी धरती से आया और अपनाई हà¥à¤ˆ धरा को अपना मानकर अपने साथ-साथ उसकी तरकà¥à¤•ी में à¤à¥€ जà¥à¤Ÿ गया। इसलिà¤, सà¥à¤¦à¥‚र बेशक संबंधों के जो किनारे मिले दिखते हैं उसमें समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ à¤à¤• मजबूत सेतॠकी तरह खड़ा है। इसीलिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ से कोई à¤à¥€ नेता या सामाजिक नायक यहां आता है तो इस 'मिले-जà¥à¤²à¥‡ माहौल और गरà¥à¤®à¤œà¥‹à¤¶à¥€ से à¤à¤°à¥‡ अपनेपन' के लिठसमà¥à¤¦à¤¾à¤¯ का शà¥à¤°à¥‡à¤¯ देता है। अमेरिका में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के राजदूत विनय मोहन कà¥à¤µà¤¾à¤¤à¥à¤°à¤¾ ने à¤à¤• बार फिर समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ को कà¥à¤› इसीलिठयाद किया है। कैपिटल हिल में आयोजित अमेरिका-à¤à¤¾à¤°à¤¤ साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ शिखर समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ के दौरान राजदूत कà¥à¤µà¤¾à¤¤à¥à¤°à¤¾ ने अमेरिका में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ की बढ़ती à¤à¤¾à¤—ीदारी की पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा करते हà¥à¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 'सबसे मूलà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¨ संरकà¥à¤·à¤•ों में से à¤à¤•' बताया। कà¥à¤µà¤¾à¤¤à¥à¤°à¤¾ ने इस बात पर जोर दिया कि à¤à¤¾à¤°à¤¤-अमेरिका साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ 'मूल रूप से पीढ़ियों से पोषित साà¤à¤¾ मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में निहित है।' बकौल कà¥à¤µà¤¾à¤¤à¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¤¤-अमेरिका साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ के लिठजीवंत सेतॠहैं।
यहां तक की कहानी तो हर उस à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ को समठआती है जो अमेरिका आकार अपने सपने को साकार करने का खà¥à¤µà¤¾à¤¬ देखता रहा है। साकार à¤à¥€ करता रहा है। अवसरों की इस धरती पर उसने ऊंचाइयां à¤à¥€ हासिल की हैं, जो पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सामने हैं और आज के सियासी-सतà¥à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ान में à¤à¥€ परिलकà¥à¤·à¤¿à¤¤ होती हैं। लेकिन इधर, खासकर इस साल के छह-साढ़े छह महीने में जब से डोनलà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª दूसरी बार सतà¥à¤¤à¤¾ में आठहैं, अमेरिका के हालात दà¥à¤°à¥à¤¤ गति से बदले हैं। नीतियां बदली हैं। उन बदली हà¥à¤ˆ नीतियों का असर दिखने लगा है। और लगने लगा है कि वह सपना जो अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ देखा करते थे, देखते आठहैं और देख रहे हैं उसे पूरा करना अब आसान नहीं रह गया है। आंकड़े इसकी गवाही देते हैं। सरकारी आंकड़ों से ही पता चलता है कि मारà¥à¤š से मई 2025 के बीच à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को मिलने वाले F-1 सà¥à¤Ÿà¥‚डेंट वीजा में 27 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की गिरावट दरà¥à¤œ की गई है। परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨, शिकà¥à¤·à¤£ या यहां आकर काम करने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नागरिकों को à¤à¥€ जलà¥à¤¦ ही वीजा संबंधी लागतों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा। साल 2026 से 'वन बिग बà¥à¤¯à¥‚टीफà¥à¤² बिल' के तहत अधिकांश गैर-आपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ वीजा कैटेगरी पर 250 डॉलर का à¤à¤• नया 'वीजा इंटीगà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ चारà¥à¤œ' लगाया जाà¤à¤—ा। इस पर 4 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को अमेरिकी राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ हसà¥à¤¤à¤¾à¤•à¥à¤·à¤° कर चà¥à¤•े हैं। अब यह कानून है। यानी सपनों को पूरा करने वाला संघरà¥à¤· बढ़ गया है। लगातार सखà¥à¤¤à¥€ इस संघरà¥à¤· को और बढ़ा सकती है या सà¥à¤¨à¤¹à¤°à¥€ धरती से मोहà¤à¤‚ग à¤à¥€ करा सकती है। हालात का अंदाजा à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल की अमेरिकी सांसद पà¥à¤°à¤®à¤¿à¤²à¤¾ जयपाल के आहà¥à¤µà¤¾à¤¨ से लगाया जा सकता है। अपने नागरिक बनने की 17 साल लंबी यातà¥à¤°à¤¾ को याद करते हà¥à¤ जयपाल ने अमेरिका की वैध इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को बचाठरखने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर आज जैसा माहौल तब होता तो शायद वो अमेरिका की नागरिक कà¤à¥€ बन ही नहीं पातीं।
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