à¤à¤¾à¤°à¤¤ धन पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ के मामले में à¤à¤• बार फिर रिकॉरà¥à¤¡ कायम करते हà¥à¤ शीरà¥à¤· पर है। विदेश में पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸ करने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ लगातार कई बरसों से दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का à¤à¤¸à¤¾ सबसे बड़ा समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ बने हà¥à¤ हैं जो अपने घर सबसे अधिक पैसा à¤à¥‡à¤œà¤¤à¥‡ हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ रिजरà¥à¤µ बैंक (RBI) के à¤à¥à¤—तान संतà¥à¤²à¤¨ के नवीनतम आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 2025 की पहली छमाही में पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ को रिकॉरà¥à¤¡ 135.46 बिलियन डॉलर à¤à¥‡à¤œà¥‡à¥¤ यह आंकड़ा पिछले वितà¥à¤¤ वरà¥à¤· की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में 14 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की वृदà¥à¤§à¤¿ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है, जो देश दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आवक पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ का उचà¥à¤šà¤¤à¤® सà¥à¤¤à¤° है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ लगातार à¤à¤• दशक से अधिक समय से दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ का शीरà¥à¤· पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤•रà¥à¤¤à¤¾ रहा है। 2016-17 के बाद से यह पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ दोगà¥à¤¨à¤¾ से अधिक हो गया है, जब यह आंकड़ा 61 बिलियन डॉलर था। मारà¥à¤š 2025 के मासिक बà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¨ में पà¥à¤°à¤•ाशित RBI के à¤à¤• परà¥à¤šà¥‡ में बताया गया है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आने वाले अधिकांश पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ विदेश में रहने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण हैं, जिसमें गैर-निवासी जमा खातों से निकासी à¤à¥€ शामिल है।
गौरतलब है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ लोग दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के जिस देश में à¤à¥€ जाकर बसे या बसर कर रहे हैं, वहां का सबसे बड़ा समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ बन गà¤à¥¤ अमेरिका इसकी नजीर है। वैसे धन पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ के मामले में लगातार ऊपर बने रहना à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ लोगों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कई वृतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को लगातार पà¥à¤·à¥à¤Ÿ करता है। पहली बात तो यही है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जहां à¤à¥€ गठवहां उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने खà¥à¤¦ को जमाने और आगे बढ़ाने के लिठउस धरती को अपना मानकर काम किया। सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µà¤—त लोचदार होने के नाते à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ लोगों को अपनाई गई धरती के समाज के साथ कदमताल करने में कà¤à¥€ कोई दिकà¥à¤•त महसूस नहीं हà¥à¤ˆà¥¤ बेशक, इसीलिठवे अमेरिका से लेकर कनाडा और मॉरीशस से लेकर सूरीनाम तक समाज, सियासत और कारोबारी जगत में खà¥à¤¦ को जमाते चले गà¤à¥¤ यहां यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होगा कि विदेश जाने वाला à¤à¤• वरà¥à¤— तो वह है जो दूसरी धरती पर जाता ही इसलिठहै कि वह वहां बस जाना चाहता है। यह बात संपनà¥à¤¨ वरà¥à¤— को लेकर तो कही ही जा सकती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसकी योजनाà¤à¤‚ अलग तरह की होती हैं। à¤à¤• वरà¥à¤— वह है जो à¤à¤¾à¤°à¤¤ छोड़ता ही इसलिठहै कि वह वहां रहना नहीं चाहता। इसलिठउसका धन पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ जैसे किसी मामले से कोई लेना-देना नहीं। इसके कई कारण हो सकते हैं। विदेशों में अधिक पैसा, अधिक अवसर, उनà¥à¤¨à¤¤ और ईमानदार वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚ आदि। लेकिन à¤à¤• बड़ा वरà¥à¤— वह à¤à¥€ है जो विदेश जाता ही इसलिठहै ताकि वहां से पैसा कमाकर अपने देश में अपने परिवार-परिजनों की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• जरूरतें पूरी कर सके या आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बेहतर कर सके। यह मजदूरी करने वाला वरà¥à¤— है। इसी शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• वरà¥à¤— की बात à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ रिजरà¥à¤µ बैंक ने की है जिसके वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण के दम पर धन पà¥à¤°à¥‡à¤·à¤£ के मामले में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में सबसे आगे है। यही बड़ा तबका विदेश में गैर निवासी है।
इस मेहनतकश वरà¥à¤— को आप दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लिहाज से à¤à¥€ देख सकते हैं और अपने देश के लिहाज से à¤à¥€à¥¤ यानी सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर à¤à¥€à¥¤ जैसे à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ही बिहार, उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶, पशà¥à¤šà¤¿à¤® बंगाल या अनà¥à¤¯ राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के लोग दिलà¥à¤²à¥€-à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤†à¤° आ जाते हैं और मेहनत-मजदूरी करके वहां अपना गà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¾ करते हैं लेकिन अपने घर के लिठपैसा जोड़ना और ससमय à¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ नहीं à¤à¥‚लते। उनके पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸ का यही लकà¥à¤·à¥à¤¯ होता है। ठीक वैसा ही विदेश में है। अमेरिका से लेकर दà¥à¤¬à¤ˆ तक इसी पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की बड़ी उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है।
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