जब à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनता पारà¥à¤Ÿà¥€ (à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾) के नेता नरेंदà¥à¤° मोदी मई 2014 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के 14वें पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ चà¥à¤¨à¥‡ गà¤, तो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के हिंदà¥à¤“ं से उस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर à¤à¤• à¤à¤µà¥à¤¯ मंदिर बनाने का संकलà¥à¤ª लिया था, जहां हिंदू धरà¥à¤® में सबसे पूजनीय देवताओं में से à¤à¤• à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® का जनà¥à¤® हà¥à¤† था। सोमवार 22 जनवरी, 2024 को यह संकलà¥à¤ª à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पवितà¥à¤° शहर अयोधà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤• à¤à¤µà¥à¤¯ हिंदू मंदिर के रूप में पूरा किया जाà¤à¤—ा, जिसे राम मंदिर कहा जाता है।
राम मंदिर की नींव कंकà¥à¤°à¥€à¤Ÿ की परतों से परे फैली हà¥à¤ˆ है। à¤à¤—वान राम à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ और शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾ में निहित, धारà¥à¤®à¤¿à¤•ता, नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ और सदाचार के हिंदू आदरà¥à¤¶à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• हैं। उनका महाकावà¥à¤¯ रामायण, करोड़ों लोगों के लिठà¤à¤• मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤• पà¥à¤°à¤•ाश रहा है, जो नैतिक शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है। जो समय की कसौटी पर खरा उतरा है और इसने अपने à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• अटल आधार तैयार किया है। राम मंदिर का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ केवल à¤à¤• बिलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ नहीं है, बलà¥à¤•ि यह à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लोगों को सांसà¥à¤•ृतिक à¤à¤•सूतà¥à¤° में बांधने वाली दिशा में à¤à¤• सामूहिक यातà¥à¤°à¤¾ है।
हर महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से कà¥à¤› सà¥à¤¤à¤° की बहस के बिना संà¤à¤µ नहीं है। और यह सà¥à¤¥à¤² निरà¥à¤®à¤¾à¤£ से पहले इसी तरह à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कानूनी और सामाजिक-राजनीतिक गाथा में फंस गई थी। विवाद उस à¤à¥‚मि के सà¥à¤µà¤¾à¤®à¤¿à¤¤à¥à¤µ के आसपास केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ था जिस पर मंदिर का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ किया जा रहा है। आखिरकार 2019 में सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ के फैसले से इसका समाधान निकल आया। कोरà¥à¤Ÿ के फैसले ने कलह के à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ को बंद करते हà¥à¤ सामंजसà¥à¤¯à¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ किया है।
राम मंदिर के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ को धारà¥à¤®à¤¿à¤• से परे दूरगामी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ माना जाता है, जिसमें परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ दोनों के लिठसकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ शामिल हैं। नठमंदिर के साथ अयोधà¥à¤¯à¤¾ आसानी से वैशà¥à¤µà¤¿à¤• तीरà¥à¤¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤°à¤¾ गंतवà¥à¤¯ के रूप में उà¤à¤° सकती है, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प घरेलू और अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ दोनों परà¥à¤¯à¤Ÿà¤•ों की आमद होगी, जो न केवल सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को बढ़ावा देगा बलà¥à¤•ि रोजगार के अवसर à¤à¥€ पैदा करेगा। और मोदी सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास' पर जोर देने के साथ, मंदिर के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के लाठसामूहिक समृदà¥à¤§à¤¿ के यà¥à¤— का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करते हà¥à¤ समाज के सà¤à¥€ वरà¥à¤—ों तक पहà¥à¤‚चने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है।
निरà¥à¤®à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में अपनाया गया समावेशी दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण, जिसमें कई धारà¥à¤®à¤¿à¤• समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ शामिल हैं, विविधता में à¤à¤•ता के लिठमोदी की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ का à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ संदेश देता है। मंदिर अंतरधारà¥à¤®à¤¿à¤• संवाद के लिठà¤à¤• अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करेगा और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ धारà¥à¤®à¤¿à¤• समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के बीच आपसी समठऔर समà¥à¤®à¤¾à¤¨ का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करेगा। इस संदरà¥à¤ में राम मंदिर धारà¥à¤®à¤¿à¤• वरà¥à¤šà¤¸à¥à¤µ का दावा नहीं है, बलà¥à¤•ि सांसà¥à¤•ृतिक निरंतरता और सह-असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ है।
इस संबंध में परियोजना पर विचार करते समय राम मंदिर केवल à¤à¤• इमारत नहीं है, बलà¥à¤•ि à¤à¤¾à¤°à¤¤ के बहà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¦à¥€ लोकाचार का à¤à¤• वसीयतनामा है। राजनीतिक संबदà¥à¤§à¤¤à¤¾ की परवाह किठबिना मंदिर निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के लिठसरकार की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾, परियोजना के सांसà¥à¤•ृतिक और à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• महतà¥à¤µ की साà¤à¤¾ समठको दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है। à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° में जहां विविधता का जशà¥à¤¨ मनाया जाता है, राम मंदिर à¤à¤• à¤à¤•ीकृत पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• के रूप में खड़ा होगा जो धारà¥à¤®à¤¿à¤• सीमाओं को पार करता है और राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ गौरव और à¤à¤•जà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ावा देता है।
इसके बारे में कोई गलतीफहमी न पाले, अयोधà¥à¤¯à¤¾ में राम मंदिर का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लोगों के लिठगहरा महतà¥à¤µ रखता है। समय के साथ यह à¤à¤• साà¤à¤¾ विरासत का à¤à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• बन जाà¤à¤—ा जो à¤à¤• विविध राषà¥à¤Ÿà¥à¤° को à¤à¤•जà¥à¤Ÿ करता है, लेकिन आरà¥à¤¥à¤¿à¤• और राजनीतिक पहलà¥à¤“ं से परे नया मंदिर à¤à¤• सांसà¥à¤•ृतिक महतà¥à¤µ à¤à¥€ रखेगा। à¤à¤• बार फिर à¤à¤¾à¤°à¤¤ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सामने अपनी वासà¥à¤¤à¥à¤¶à¤¿à¤²à¥à¤ª और कलातà¥à¤®à¤• शकà¥à¤¤à¤¿ का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करेगा। शिलà¥à¤ª कौशल और सौंदरà¥à¤¯ संवेदनाओं का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करेगा जो पीढ़ियों से चली आ रही हैं, और à¤à¤• कलातà¥à¤®à¤• परंपरा को पà¥à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¤ करेगी जो आधà¥à¤¨à¤¿à¤• जीवन को à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ विरासत में सांस ले सकती है।
अयोधà¥à¤¯à¤¾ में राम मंदिर का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सà¤à¥€ लोगों के लिठà¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अवसर है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ विकास को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करता है जो धारà¥à¤®à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं से परे है और à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सांसà¥à¤•ृतिक और à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• पहचान के सार को समाहित करता है। मंदिर à¤à¤•ता, नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ और सामूहिक पà¥à¤°à¤—ति के पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• के रूप में खड़ा होगा, जो à¤à¤• समावेशी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है जो देश को परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ करता है।
जब 22 जनवरी को पवितà¥à¤° संरचना का अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• होगा तो यह न केवल अयोधà¥à¤¯à¤¾ के कà¥à¤·à¤¿à¤¤à¤¿à¤œ को नया रूप देगा, बलà¥à¤•ि अपनी परंपराओं और साà¤à¤¾ विरासत से बंधे राषà¥à¤Ÿà¥à¤° की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को à¤à¥€ फिर से जागृत करेगा। राम मंदिर à¤à¤• ईंट-और-गारे की संरचना से कहीं अधिक है; यह à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लोगों के लचीलेपन, सदà¥à¤à¤¾à¤µ और सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ के लिठà¤à¤• वसीयतनामा के रूप में काम करेगा।
(लेखक अरà¥à¤£ अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² डलास के बिजनेसमैन और IACEO (à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अमेरिकी CEO काउंसिल) के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• और सह-अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· हैं।)
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