कृतà¥à¤°à¤¿à¤® बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¤à¥à¤¤à¤¾ यानी AI में अमेरिका निरà¥à¤µà¤¿à¤µà¤¾à¤¦ रूप से वैशà¥à¤µà¤¿à¤• नायक के रूप में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ हो और लगातार बना à¤à¥€ रहे इसके लिठकà¥à¤› दिन पहले राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने तीन कारà¥à¤¯à¤•ारी आदेशों पर हसà¥à¤¤à¤¾à¤•à¥à¤·à¤° किये हैं। हालांकि तीसरे आदेश पर कà¥à¤› आपतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और सियासी वाद-संवाद है लेकिन अपने देश को फिर से 'महान' बनाने की à¤à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जंग में सब चलेगा। लेकिन इन कारà¥à¤¯à¤•ारी आदेशों पर हसà¥à¤¤à¤¾à¤•à¥à¤·à¤° करते समय राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने चीन में कारखाने लगाने और à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लोगों को काम पर रखने के लिठअमेरिकी पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी कंपनियों को जो लताड़ लगाई है वह उचित पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ नहीं होती। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ यह बेरà¥à¤–ी टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने AI शिखर समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ के दौरान दिखाई। टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने इसे अमेरिकी आजादी का गलत फायदा उठाने और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ लोगों को उनके अधिकारों से महरूम करने जैसा माना। इस तरह टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने देशà¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ और राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ निषà¥à¤ ा की अपनी वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ अवाम, कारोबार जगत और हà¥à¤•ूमत से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ लोगों के सामने पेश की है। टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने दो टूक कहा कि अब à¤à¤¸à¤¾ नहीं चलेगा। हमे à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी कंपनियों की जरूरत है जो अमेरिका के लिठपूरी तरह से समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ हों। वे अमेरिका को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता दें और उनà¥à¤¹à¥‡ à¤à¤¸à¤¾ करना ही होगा। यानी कारोबार हो या नौकरी अथवा कोई और मामला पहले अमेरिका और अमेरिकावासी।
बहरहाल, अमेरिका को फिर से 'महान' बनाने, उसे वैशà¥à¤µà¤¿à¤• नायक के रूप में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने, उसका दबदबा फिर से कायम करने और महाबली के रूप में देखे जाने के लिठकिसी à¤à¥€ देश के मà¥à¤–िया को सैदà¥à¤§à¤¾à¤‚तिक और नैतिक तौर पर तो यही सोचना चाहिà¤à¥¤ लेकिन यह सब हासिल करने के लिठजो राह टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने चà¥à¤¨à¥€ है उसकी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में निंदा हो रही है। उनकी 'दोसà¥à¤¤à¥€' और 'दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨à¥€' के पैमाने न तो सà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ हैं और अधिकांश समठमें न आने वाले। अगर बात à¤à¤¾à¤°à¤¤ और उसके पड़ोसी की ही करें तो बहà¥à¤¤ कà¥à¤› 'उलटा-पà¥à¤²à¤Ÿà¤¾' नजर आता है। किसके साथ दोसà¥à¤¤à¥€ की जा रही है और किसके साथ निà¤à¤¾à¤ˆ जा रही है इस पर गफलत है। फिर आतंकवाद के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर अमेरिका कहां है, यह à¤à¥€ पहेली ही है। मौखिक रूप से कà¥à¤› कहना और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में कà¥à¤› और करना आखिर किस तरह से 'महानता' दिलाने वाला है यह तो टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ही जानते होंगे।
जहां तक à¤à¤¾à¤°à¤¤ का सवाल है तो उसके लिहाज से à¤à¥€ बहà¥à¤¤ कà¥à¤› ठीक नहीं चल रहा। कम से कम वैसा तो नहीं जिसके बारे में टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª की सतà¥à¤¤à¤¾ की दूसरी पारी शà¥à¤°à¥‚ होने से पहले उमà¥à¤®à¥€à¤¦ लगाई गई थी। हालांकि जो आशंकाà¤à¤‚ तब उठी थीं उनमें से अधिकांश सही निकली हैं। खास तौर पर वीजा, शिकà¥à¤·à¤¾ और काम को लेकर। अपने देश के लोगों को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देना सही है लेकिन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ार करना तो अमेरिका के मूल तंतà¥à¤° और इसकी आतà¥à¤®à¤¾ के ही खिलाफ है। हर किसी ने, और खासकर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ ने, अमेरिका आने का सपना इसीलिठदेखा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह अवसरों, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं की कदà¥à¤° करने वाली धरती है। यहां जिसमें बौदà¥à¤§à¤¿à¤• शकà¥à¤¤à¤¿ है उसके सपने साकार होते हैं। यहां पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ देखी जाती है, शकà¥à¤² या नसà¥à¤² नहीं। लेकिन टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª की बेरà¥à¤–ी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ार का रासà¥à¤¤à¤¾ तैयार करती है। कà¥à¤¯à¤¾ खà¥à¤¦ से पà¥à¤¯à¤¾à¤° करने के लिठकिसी और से नफरत करना जरूरी है। कà¥à¤¯à¤¾ अपनी तरकà¥à¤•ी के लिठकिसी और को नीचे गिराना सही है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लोग आज अगर अमेरिका के हर कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में आगे हैं तो अपनी काबिलियत के दम पर। उस काबिलियत पर मà¥à¤¹à¤° तो अमेरिका की ही है। और इसी मà¥à¤¹à¤° ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के मन में à¤à¤• अमेरिकी सपना बà¥à¤¨à¤¾ है, जो बार-बार साकार हà¥à¤† है। पर अब उस सपने पर 'गà¥à¤°à¤¹à¤£' की आशंकाà¤à¤‚ हैं।
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