बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बारे में अकà¥à¤¸à¤° कहा जाता है कि यह उमà¥à¤° पढ़ने लिखने की होती है। इसलिठइस उमà¥à¤° में योग करने का फायदा कà¥à¤¯à¤¾ है। योग तो बड़ी उमà¥à¤° वालों के लिठहै। कà¥à¤¯à¤¾ वासà¥à¤¤à¤µ में à¤à¤¸à¤¾ होना चाहिà¤? इसकी वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ आप à¤à¤¸à¥‡ समà¤à¥‡à¤‚। जब आप à¤à¤• बगीचा तैयार करना चाहते हैं, तो आप कà¥à¤¯à¤¾ करते हैं? कà¥à¤¯à¤¾ आप सिरà¥à¤« बीज छिड़कते हैं? नहीं, सबसे पहले आपको मिटà¥à¤Ÿà¥€ तैयार करनी होगी। आपको इसे नरम बनाना होगा और खरपतवार को बाहर निकालना होगा। फिर आप बीज बोते हैं। और वे अचà¥à¤›à¥‡ फूल और फल देने वाले पेड़ों में विकसित होंगे।
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यही नियम मानव मन पर à¤à¥€ लागू होता है। बीजों को सà¥à¤µà¥€à¤•ार करने के लिठमन को तैयार करना होगा। कà¥à¤› मन à¤à¤¸à¥‡ होते हैं जो कà¥à¤› à¤à¥€ गà¥à¤°à¤¹à¤£ नहीं करता है। आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जो कà¥à¤› à¤à¥€ बताते हैं वह उनके कानों पर पड़ता है, लेकिन कà¥à¤› à¤à¥€ उनके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में नहीं जाता है। वे कठोर मिटà¥à¤Ÿà¥€ की तरह होते हैं। बीज वहां नहीं उगेंगे, इससे कोई फरà¥à¤• नहीं पड़ता कि आप उस पर कितना काम करते हैं। फिर कà¥à¤› लोग à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ होते हैं जो नरम मिटà¥à¤Ÿà¥€ की तरह होते हैं। जब आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤› बताते हैं, तो वे बिलà¥à¤•à¥à¤² गà¥à¤°à¤¹à¤£à¤¶à¥€à¤² होते हैं।
इसलिà¤, योग में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ यह है कि हम चेतना की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ को बदलने की कोशिश करें। तब सब कà¥à¤› बिना किसी बाधा के पाया जा सकता है। दरअसल, मानव शरीर में à¤à¤• विशेष गà¥à¤²à¥‡à¤‚ड से संबंधित है जिसे पीनियल गà¥à¤²à¥‡à¤‚ड के रूप में जाना जाता है। यह गà¥à¤°à¤‚थि रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के शीरà¥à¤· पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। यह बहà¥à¤¤ ही छोटी गà¥à¤²à¥‡à¤‚ड है, लेकिन इसका बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µ है। वासà¥à¤¤à¤µ में लाखों साल पहले इस गà¥à¤²à¥‡à¤‚ड ने मानव मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆ थी।
योग में पीनियल गà¥à¤²à¥‡à¤‚ड को आजà¥à¤žà¤¾ चकà¥à¤° कहा जाता है। रहसà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦à¥€ और तांतà¥à¤°à¤¿à¤• इसे तीसरी आंख के रूप में बताते हैं और दारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤• इसे सà¥à¤ªà¤°-माइंड कहते हैं। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का मन बहà¥à¤¤ ही गà¥à¤°à¤¹à¤£à¤¶à¥€à¤² होता है। वे नरम मिटà¥à¤Ÿà¥€ की तरह होते हैं। और यह पीनियल गà¥à¤²à¥‡à¤‚ड बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बहà¥à¤¤ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होती है। योग में पीनियल गà¥à¤²à¥‡à¤‚ड को मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में नियंतà¥à¤°à¤£ और निगरानी सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ माना जाता है।दूसरी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बात बचà¥à¤šà¥‡ के नैतिक वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में à¤à¤¡à¤°à¤¿à¤¨à¤² गà¥à¤²à¥‡à¤‚ड की बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका होती है। आमतौर पर आपराधिक पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ वाले लोगों में यह अतिसकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होती है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने के संदरà¥à¤ में इसका बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µ है।
योग विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ सिसà¥à¤Ÿà¤® है जो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के कामकाज, वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° और गà¥à¤°à¤¹à¤£à¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती हैं। इसलिठआप पाà¤à¤‚गे कि कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ दिमाग से सà¥à¤¸à¥à¤¤ हैं। कà¥à¤› बहà¥à¤¤ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ हैं। आपको à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ मिलेंगे जो दोनों के बीच होते हैं। à¤à¤• पल में वे बहà¥à¤¤ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ होते हैं और अगले ही पल वे मूरà¥à¤– बन जाते हैं। फिर आपको बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की à¤à¤• और शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ मिलेगी जो बहà¥à¤¤ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ और सà¥à¤¸à¤‚गत हैं। लेकिन आधà¥à¤¨à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ इन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को समà¤à¤¨à¥‡ में नाकाम रही है। यह नंबर सिसà¥à¤Ÿà¤® पर आधारित है।
वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ मन और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करना है। योग पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को आतà¥à¤®à¤¸à¤¾à¤¤ करने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• सहज मामला है, जो मन के गहरे सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ पर होता है। कà¥à¤¯à¤¾ आधà¥à¤¨à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ में शिकà¥à¤·à¤•ों ने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ाने के लिठइस तरह की पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ विकसित की है? उतà¥à¤¤à¤° नहीं है। लेकिन योग, पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, सूरà¥à¤¯ नमसà¥à¤•ार और मंतà¥à¤° के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के माधà¥à¤¯à¤® से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की गà¥à¤°à¤¹à¤£ करने की पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को विकसित किया जा सकता है।
इसलिठआधà¥à¤¨à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ इस सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ को यह कहकर दरकिनार नहीं कर सकती कि योग à¤à¤• शारीरिक पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ है। कई वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— पहले ही किठजा चà¥à¤•े हैं। योग à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ नहीं है जिसे वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• जांच के दायरे से परे माना जाना चाहिà¤à¥¤ अगर हम à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ को आज से बेहतर बनाना चाहते हैं तो वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को यौगिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ ही होगा। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का मन बहà¥à¤¤ ही गà¥à¤°à¤¹à¤£à¤¶à¥€à¤² होता है। उसे यूं ही सोशल मीडिया और मोबाइल की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से मिले अधकचरे जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के सहारे नहीं छोड़ा जा सकता है।
विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और मनà¥à¤·à¥à¤¯ की चेतना और चरितà¥à¤° पर योग के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ के बारे में बहà¥à¤¤ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है। यह तय करने का समय आ गया है कि इसे à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• योजना के रूप में कैसे लागू किया जाà¤à¥¤ अब, यह शिकà¥à¤·à¤•ों पर निरà¥à¤à¤° करता है कि वे इस बारे में सोचें।
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