किसी जगह की संसà¥à¤•ृति और परंपरा के बारे में अगर आप जानना चाहते हैं तो वहां का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ खानापान इसमें काफी मददगार साबित हो सकता है। सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ कहानीकार है जो शहर के इतिहास, संसà¥à¤•ृति और पहचान की समृदà¥à¤§ कहानी को फà¥à¤¸à¤«à¥à¤¸à¤¾à¤¤à¤¾ है।
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ में कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ परंपराओं की छाप होती है।Photo by Jay Wennington / Unsplash
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ में कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ परंपराओं की छाप होती है, जो समय के साथ विकसित हà¥à¤ अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और पाक विरासत को बयां करती है। सड़क के किनारे के सà¥à¤Ÿà¤¾à¤²à¥‹à¤‚ से लेकर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤‚ट तक, सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ खानपान सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की सामूहिक सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¤•ट करता है। यह साà¤à¤¾ अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ और विविध पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ का जशà¥à¤¨ मनाता है।
किसी शहर की धड़कन को सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के लिठवहां के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ को चखना बहà¥à¤¤ जरूरी है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आप किसी à¤à¥€ जगह के खाने से वहां की जलवायà¥, खेती, वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° और इतिहास का अंदाजा लगा सकते हैं। à¤à¤• शहर की आतà¥à¤®à¤¾ को जीवित करने के लिà¤, सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ अकà¥à¤¸à¤° किसी सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर आने वाले लोगों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पसंद किया जाता है।
चाहे वह आरामदायक सूप का कटोरा हो, à¤à¤• नमकीन सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤Ÿ सà¥à¤¨à¥ˆà¤•, या à¤à¤• मिठाई। सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤• शहर की आतà¥à¤®à¤¾ के सार को समाहित करता है। इसके माधà¥à¤¯à¤® से सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ लोग और आगंतà¥à¤• समान रूप से à¤à¤• लजीज यातà¥à¤°à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ करते हैं। à¤à¤• शहर के अतीत की कहानियों को उजागर करते हैं, इसके वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ को गले लगाते हैं। और उस विशिषà¥à¤Ÿ सार का आनंद लेते हैं जो इसे वैशà¥à¤µà¤¿à¤• रसोई कलाकारी में अलग करता है।
सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के महतà¥à¤µ को देखते हà¥à¤ ऑनलाइन गाइड टेसà¥à¤Ÿ à¤à¤Ÿà¤²à¤¸ ने हाल ही में 'दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ खादà¥à¤¯ शहरों' की सूची जारी की है। इनमें मà¥à¤‚बई, हैदराबाद, दिलà¥à¤²à¥€, चेनà¥à¤¨à¤ˆ और लखनऊ को शीरà¥à¤· 100 में शामिल किया गया है। शीरà¥à¤· 50 में जगह बनाने वाले दो à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शहर मà¥à¤‚बई और हैदराबाद हैं, जो 35 वें और 39 वें सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर हैं। दिलà¥à¤²à¥€ 56वें, चेनà¥à¤¨à¤ˆ 65वें और लखनऊ 92वें सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर है।
दिलà¥à¤²à¥€ और मà¥à¤‚बई अपनी खास तरह की चाट के लिठलोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं। हैदराबाद अपनी बिरयानी के लिठजाना जाता है। चेनà¥à¤¨à¤ˆ अपने मनोरम डोसा और इडली के लिठजाना जाता है। हम सà¤à¥€ जानते हैं कि लखनऊ सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ मà¥à¤—लई वà¥à¤¯à¤‚जनों के लिठजाना जाता है जिसमें कबाब और बिरयानी शामिल हैं।
जब सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ की बात आती है, तो लोग पाव à¤à¤¾à¤œà¥€, डोसा, वड़ा पाव, छोले à¤à¤Ÿà¥‚रे, कबाब, निहारी, पानी पà¥à¤°à¥€, छोले कà¥à¤²à¥à¤šà¥‡, बिरयानी और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की चाट खाना पसंद करते हैं। ये वà¥à¤¯à¤‚जन न केवल आपके पेट को à¤à¤°à¤¤à¥‡ हैं, बलà¥à¤•ि पूरे खाने के अनà¥à¤à¤µ को अदà¥à¤à¥à¤¤ और तृपà¥à¤¤ करते हैं।
सूची में सबसे ऊपर रोम (इटली) है जो ताजा सामगà¥à¤°à¥€ के साथ अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ वà¥à¤¯à¤‚जनों के लिठजाना जाता है। बोलोगà¥à¤¨à¤¾ और नेपलà¥à¤¸ दो इतालवी शहर हैं जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दूसरा और तीसरा सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ हासिल किया है। सà¤à¥€ तीन इतालवी शहर अपने पासà¥à¤¤à¤¾, पिजà¥à¤œà¤¾ और पनीर आधारित वà¥à¤¯à¤‚जनों के लिठजाने जाते हैं।
शीरà¥à¤· 10 शहरों की सूची में जगह बनाने वालों में वियना (ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾), टोकà¥à¤¯à¥‹ (जापान), ओसाका (जापान), हांगकांग (चीन), टà¥à¤¯à¥‚रिन (इटली), गाजियांटेप (तà¥à¤°à¥à¤•ी), बांडà¥à¤‚ग (इंडोनेशिया), पोजनान (पोलैंड), सैन फà¥à¤°à¤¾à¤‚सिसà¥à¤•ो (संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका), जिनेवा (सà¥à¤µà¤¿à¤Ÿà¥à¤œà¤°à¤²à¥ˆà¤‚ड), मकाती (फिलीपींस) शामिल हैं।
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