आमिर खान के 60वें जनà¥à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ पर आइठउनके कल, आज और कल पर à¤à¤• नजर डालते हैं। दूरदरà¥à¤¶à¥€ अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾-फिलà¥à¤® निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ के साथ ही आमिर के पिता और चाचा नहीं चाहते थे कि वे अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ बनें। आमिर खान के चाचा नासिर हà¥à¤¸à¥ˆà¤¨ à¤à¤• लेखक, निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ और निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤• थे जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने तà¥à¤®à¤¸à¤¾ नहीं देखा, दिल देके देखो और तीसरी मंजिल जैसी फिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ के साथ शमà¥à¤®à¥€ कपूर के करियर को बदल दिया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पà¥à¤¯à¤¾à¤° का मौसम और कारवां से नया टà¥à¤°à¥‡à¤‚ड सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करना जारी रखा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बाद वाली फिलà¥à¤® का सह-निरà¥à¤®à¤¾à¤£ अपने à¤à¤¾à¤ˆ ताहिर हà¥à¤¸à¥ˆà¤¨ के साथ किया, जो जब पà¥à¤¯à¤¾à¤° किसी से होता है और पà¥à¤¯à¤¾à¤° का मौसम में à¤à¥€ नजर आठऔर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जखà¥à¤®à¥€, लॉकेट और तà¥à¤® मेरे हो सहित अपनी खà¥à¤¦ की फिलà¥à¤®à¥‡à¤‚ बनाईं। तà¥à¤® मेरे हो में उनके सà¥à¤Ÿà¤¾à¤° बेटे आमिर ने अà¤à¤¿à¤¨à¤¯ किया, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आठसाल की उमà¥à¤° में अपने चाचा की फिलà¥à¤® यादों की बारात से डेबà¥à¤¯à¥‚ किया था।
आमिर की पारिवारिक पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि को देखते हà¥à¤ लेकिन यह जानते हà¥à¤ कि यह पेशा कितना असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है और हर शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° को किसà¥à¤®à¤¤ बदलती रहती है न तो नासिर और न ही ताहिर हà¥à¤¸à¥ˆà¤¨ चाहते थे कि उनके बेटे उन संघरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से गà¥à¤œà¤°à¥‡à¤‚ जिनका उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सामना किया था। लिहाजा दोनों ने अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठअचà¥à¤›à¥€ शिकà¥à¤·à¤¾ पर जोर दिया।
आमिर को सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ का पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार पाने में 10 साल लग गà¤à¥¤ अपशकà¥à¤¨ से बà¥à¤²à¥‰à¤•बसà¥à¤Ÿà¤° तक और पà¥à¤°à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤° शो समापà¥à¤¤ होने से पहले ही जिस फिलà¥à¤® ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤° बना दिया वह निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से कयामत से कयामत तक (QSQT) थी। चाचा नासिर हà¥à¤¸à¥ˆà¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ और उनके चचेरे à¤à¤¾à¤ˆ मंसूर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ फिलà¥à¤® ऊटी में पहले दिन की शूटिंग कोहरे के कारण धà¥à¤² गई थी। चिंतित आमिर ने सोचा कि कà¥à¤¯à¤¾ यह à¤à¤• अपशकà¥à¤¨ था लेकिन 29 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² 1988 को रिलीज हà¥à¤ˆ QSQT à¤à¤• बà¥à¤²à¥‰à¤•बसà¥à¤Ÿà¤° रही।
इसने संपूरà¥à¤£ मनोरंजन पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाली सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ फिलà¥à¤® का राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार जीता। इसने आमिर के लिठसरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ नवोदित सहित आठफिलà¥à¤®à¤«à¥‡à¤¯à¤° पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार à¤à¥€ जीते। लेकिन नवोदित आमिर ने सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया कि वह सांतà¥à¤µà¤¨à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार से निराश थे। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ का पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार जीतने की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ थी जो उस वरà¥à¤· तेजाब के लिठअनिल कपूर को मिला। बहरहाल, राजा हिंदà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ हिंदी सिनेमा की सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कमाई करने वाली फिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है और इसकी रिलीज के बाद आमिर खान ने कà¤à¥€ पीछे मà¥à¤¡à¤¼à¤•र नहीं देखा।
आमिर की जिंदगी का सबसे बड़ा जà¥à¤† थी फिलà¥à¤® लगान
जैसे-जैसे दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ 21वीं सदी में कदम रख रही थी आमिर खान ने लगान के साथ निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ की à¤à¥‚मिका में उतने की सोची। लेखक-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤• आशà¥à¤¤à¥‹à¤· गोवारिकर ने सबसे पहले अपने साहसिक विचार को आगे बढ़ाया था जिसमें गांव के कà¥à¤› लोग मिलकर बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤•ों के खिलाफ कà¥à¤°à¤¿à¤•ेट खेलते हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लगता है कि अगर वे अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤¤ जीत हासिल कर लेते हैं तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शाहरà¥à¤– खान को तीन साल तक à¤à¤¾à¤°à¥€-à¤à¤°à¤•म लगान (कर) नहीं देना पड़ेगा, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इसे ठà¥à¤•रा दिया था।
यà¥à¤¦à¥à¤§ और शांति
बहरहाल, वरिषà¥à¤ नागरिक रिटायर होने के लिठतैयार नहीं है। 2007 में आमिर ने तारे जमीन पर के साथ अपने निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¨ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की। इसमें उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• कला शिकà¥à¤·à¤• की à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆ, जो à¤à¤• आठवरà¥à¤·à¥€à¤¯ डिसà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को पढ़ाई में मदद करता है और साथ ही à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाता है जिसके बारे में पहले बहà¥à¤¤ कम लोगों ने सà¥à¤¨à¤¾ था। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में आमिर इसके आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• सीकà¥à¤µà¤² सितारे जमीन पर को अंतिम रूप दे रहे हैं। इसमें चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से जूठरहे 10 लोग उसकी मदद करते हैं, जो à¤à¤• सामानà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ है। आरà¤à¤¸ पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ इस फिलà¥à¤® की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ 2018 की सà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¶ फिलà¥à¤® चैंपियंस है।
आमिर ने निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤• राजकà¥à¤®à¤¾à¤° संतोषी और उनके घायल, घातक, दामिनी नायक सनी देओल को फिर से à¤à¤• साथ लाने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆà¥¤ वह खà¥à¤¦ लाहौर 1947 का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ कर रहे हैं जिसमें पà¥à¤°à¥€à¤¤à¤¿ जिंटा सात साल के अंतराल के बाद सनी देओल की पतà¥à¤¨à¥€ की à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤à¤‚गी। वे à¤à¤• मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® दंपती हैं जो लखनऊ से लाहौर चला जाता है और नà¤-नठपाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वह हवेली मिलती है जिसके मूल मालिक विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के बाद सीमा पार चले गठथे। लेकिन उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जलà¥à¤¦ ही पता चलता है कि à¤à¤• बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— हिंदू महिला (शबाना आजमी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अà¤à¤¿à¤¨à¥€à¤¤) जो अपने बेटे का इंतजार कर रही थी अब à¤à¥€ वहां रह रही है और वे उसके साथ à¤à¤• ही छत साà¤à¤¾ करते हैं। फिलà¥à¤® जून में रिलीज होने वाली है। इस फिलà¥à¤® के गीत लिखने वाले जावेद अखà¥à¤¤à¤° को विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है कि यह फिलà¥à¤® आम जनता और मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ दोनों में à¤à¤• बड़ी हिट होगी।
इस बीच, आमिर ने अगले पांच वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में इसे पूरा करने की योजना के साथ à¤à¤• और महाकावà¥à¤¯ परियोजना, महाà¤à¤¾à¤°à¤¤ पर काम शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है। यह à¤à¤• कठिन यातà¥à¤°à¤¾ है लेकिन वह अकेले नहीं हैं। अपने जनà¥à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ की पूरà¥à¤µ संधà¥à¤¯à¤¾ पर दो बार विवाहित और अलग हà¥à¤ अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾-फिलà¥à¤® निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ ने 18 महीने की अपनी साथी गौरी सà¥à¤ªà¥à¤°à¥ˆà¤Ÿ को पेश करके सà¤à¥€ को चौंका दिया। बेशक, पà¥à¤¯à¤¾à¤° की कोई उमà¥à¤° नहीं होती और यह किसी à¤à¥€ महाà¤à¤¾à¤°à¤¤ को जीत सकता है।
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