संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के ‘Sounds Right’ अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ के तहत à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ गायक अरमान मलिक और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकी गायिका रवीना ने वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° पर 30 से अधिक कलाकारों के साथ मिलकर विशेष संगीत रचनाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ की हैं। ये रचनाà¤à¤ अरà¥à¤¥ डे 2025 के मौके पर रिलीज़ की गईं हैं, जिनमें पà¥à¤°à¤•ृति की धà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रूप से शामिल किया गया है।
इस अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ संगीत के माधà¥à¤¯à¤® से परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ जागरूकता फैलाना और पà¥à¤°à¤•ृति को à¤à¤• "कà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¡ कलाकार" के रूप में पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करना है। इसमें दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° के कलाकारों ने बारिश, पकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की चहचहाहट, समà¥à¤¦à¥à¤° की लहरें और जंगलों की आवाज़ें जैसी पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक धà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उपयोग किया है।
अरमान मलिक ने 'What In The World (feat. NATURE)' नामक गीत में योगदान दिया है, जिसे à¤à¤• पॉप à¤à¤‚थम के रूप में तैयार किया गया है। यह गीत पहले COVID-19 महामारी के दौरान Billboard Live At-Home पर पेश किया गया था और अब इसे इस वैशà¥à¤µà¤¿à¤• अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ का हिसà¥à¤¸à¤¾ बनाया गया है।
यह à¤à¥€ पढ़ें- कà¥à¤°à¥‚ज़ टूरिजà¥à¤® से दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को दिखेगा à¤à¤¾à¤°à¤¤ का नया रूप
वहीं, रवीना ने 'Morning Prayer (feat. NATURE)' शीरà¥à¤·à¤• से à¤à¤• धà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• गीत पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया है। यह गीत उनके à¤à¤• निजी अनà¥à¤à¤µ से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ है, जब वे à¤à¤• जंगल यातà¥à¤°à¤¾ के दौरान बारिश में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ कर रही थीं। उस अनà¥à¤à¤µ की रिकॉरà¥à¤¡à¤¿à¤‚गà¥à¤¸ को आधार बनाकर गीत की रचना की गई है।
रवीना, जो अपनी सिख पंजाबी विरासत और पà¥à¤°à¤•ृति से गहरे जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ के लिठजानी जाती हैं, इस गीत को अपने नठà¤à¤²à¥à¤¬à¤® ‘Where the Butterflies Go in the Rain’ के अनà¥à¤¯ गानों के साथ अमेरिका के कई शहरों में पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करेंगी। उनका संगीत दौरा 30 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² से 10 जून 2025 तक चलेगा।
इस अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– Gabriel Smales ने बताया, “हमने सोचा कि अगर पà¥à¤°à¤•ृति खà¥à¤¦ बोल पाती, तो वह कà¥à¤¯à¤¾ कहती? और कà¥à¤¯à¤¾ उसे कलाकार के रूप में शà¥à¤°à¥‡à¤¯ मिलना चाहिà¤? आज, लाखों लोग इन गीतों को सà¥à¤¨ रहे हैं और पà¥à¤°à¤•ृति की रकà¥à¤·à¤¾ में जà¥à¤Ÿà¥‡ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ को इससे आरà¥à¤¥à¤¿à¤• मदद à¤à¥€ मिल रही है।”
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login