à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल की अमेरिकी लेखक तेजल तोपरानी मिशà¥à¤°à¤¾ ने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठअपनी नई किताब 'सीकिंग सीता: द फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ दिवाली' जारी की है। इसमें दिल को छू लेने वाली कहानी के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति की समृदà¥à¤§ परंपराओं à¤à¤µà¤‚ मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में बताया गया है।
'सीकिंग सीता: द फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ दिवाली' में दà¥à¤·à¥à¤Ÿ राजा रावण की कैद से छूटने के बाद सीता के अयोधà¥à¤¯à¤¾ राजà¥à¤¯ में लौटने की घटना का विवरण दिया गया है। मिशà¥à¤°à¤¾ कहती हैं कि पृथà¥à¤µà¥€ की बेटी और देवी लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€ की अवतार सीता शांति और साहस की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• हैं। उनका आदरà¥à¤¶à¤µà¤¾à¤¦à¥€ जीवन वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ आधà¥à¤¨à¤¿à¤• समाज में à¤à¥€ मौजूं है।
पेशे से थेरेपिसà¥à¤Ÿ तेजल मिशà¥à¤°à¤¾ का मानना है कि कहानियों का यà¥à¤µà¤¾à¤“ं के मन पर गहरा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। सीता की कहानी के माधà¥à¤¯à¤® से उनका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ मनोरंजन के साथ जीवन के अमूलà¥à¤¯ सबक पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि सà¤à¥€ पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि के बचà¥à¤šà¥‡ सीता की कहानी से ताकत और साहस महसूस कर सकें।
तेजल मिशà¥à¤°à¤¾ की पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• सामयिक है। यह à¤à¤¸à¥‡ समय में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति के बारे में अलग नजरिया पेश करती है जब सांसà¥à¤•ृतिक समठके साथ दयालà¥à¤¤à¤¾ की बेहद आवशà¥à¤¯à¤•ता है। तेजल मिशà¥à¤°à¤¾ की 'सीकिंग सीता: द फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ दिवाली' अब बिकà¥à¤°à¥€ के लिठउपलबà¥à¤§ है।
तेजल मिशà¥à¤°à¤¾ का जीवन पैतृक जड़ों से गहरे से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है। वह अकà¥à¤¸à¤° अपने परिवार के साथ à¤à¤¾à¤°à¤¤ की यातà¥à¤°à¤¾à¤à¤‚ करते हà¥à¤ बड़ी हà¥à¤ˆ हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ ने उनके लेखन को काफी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किया है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने दो बेटों को à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सांसà¥à¤•ृतिक विरासत का जà¥à¤žà¤¾à¤¨ दिया है।
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