कंगना रनौत के बारे में बहà¥à¤¤ कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ है जो आज à¤à¥€ उनके पà¥à¤°à¤¶à¤‚सकों को हैरान करता है। किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ में ही उनके पास दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के खिलाफ खड़े होने की ताकत कैसे थी, इतनी छोटी उमà¥à¤° में घर से à¤à¤¾à¤— जाने के बाद à¤à¥€ वे कैसे बच पाईं, अपने जैसे रूढ़िवादी घर में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कैसे सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° सोच विकसित की, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤·à¤¾ की बाधाओं को कैसे पार किया, इतनी मà¥à¤–र होने के बावजूद वे अपनी बहन रंगोली पर हà¥à¤ à¤à¤¸à¤¿à¤¡ अटैक के बारे में कैसे चà¥à¤ª रहीं। इन सबका à¤à¤• ही जवाब है कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने जीवन के अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ को आतà¥à¤®à¤¸à¤¾à¤¤ कर लिया है और इसे à¤à¤• कला में बदल दिया है जहां वे केवल 'à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨' की आवाज पर ही अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को बाहर निकालती हैं!
गैंगसà¥à¤Ÿà¤°-ठलव सà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥€
जब 17 वरà¥à¤·à¥€à¤¯ कंगना ने गैंगसà¥à¤Ÿà¤°-ठलव सà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥€ के लिठऑडिशन दिया, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ महेश à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿ ने रिजेकà¥à¤Ÿ कर दिया था। वे बहà¥à¤¤ छोटी थीं और चितà¥à¤°à¤¾à¤‚गदा अपने शांत सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ और नाटकीय लà¥à¤• के साथ इस à¤à¥‚मिका के लिठअधिक उपयà¥à¤•à¥à¤¤ थीं। लेकिन जब चितà¥à¤°à¤¾à¤‚गदा नहीं आईं तो फिलà¥à¤® घà¥à¤‚घराले बालों और पतले कद वाली यà¥à¤µà¤¾ लड़की के पास चली गई। यानी कंगना के पास।
उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ परà¥à¤¦à¥‡ के लिठजो à¤à¤• मौका मिला उसका शà¥à¤°à¥‡à¤¯ अनà¥à¤°à¤¾à¤— बसॠकी दूरदरà¥à¤¶à¤¿à¤¤à¤¾ या आदितà¥à¤¯ पंचोली को दिया जा सकता है जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उनके पोरà¥à¤Ÿà¤«à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¥‹ शॉटà¥à¤¸ के लिठपैसे दिà¤à¥¤ लेकिन à¤à¤• बात तो तय थी कि कंगना जानती थीं कि यह उनका à¤à¤•मातà¥à¤° मौका था और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इसे बखूबी निà¤à¤¾à¤¯à¤¾à¥¤ अपनी किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ में कंगना ने कचà¥à¤šà¥€ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ और गहराई से à¤à¤°à¤¾ अà¤à¤¿à¤¨à¤¯ किया। सिमरन के रूप में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पà¥à¤¯à¤¾à¤°, अपराधबोध और असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के बीच फंसी à¤à¤• महिला को इतनी सहजता से चितà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया कि यह विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल था कि यह उनकी पहली फिलà¥à¤® थी।
उनकी कà¥à¤› कहने वाली आंखें, सूकà¥à¤·à¥à¤® à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ और जिस तरह से उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने किरदार के दरà¥à¤¦ को बखूबी निà¤à¤¾à¤¯à¤¾ उसने फिलà¥à¤® को यादगार बना दिया। कंगना ने हमें सिमरन के दिल टूटने, पà¥à¤¯à¤¾à¤° और आंतरिक संघरà¥à¤· का हर पहलू महसूस कराया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से ही साबित कर दिया कि वह सिरà¥à¤« à¤à¤• सà¥à¤‚दर चेहरा नहीं बलà¥à¤•ि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ की à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿ थीं।
फैशन
मधà¥à¤° à¤à¤‚डारी की फिलà¥à¤® फैशन à¤à¤²à¥‡ ही पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का चोपड़ा की मेघना माथà¥à¤° की फैशन की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में यातà¥à¤°à¤¾ के बारे में थी लेकिन कंगना की शोनाली गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤² को कोई नहीं à¤à¥‚ल सकता। à¤à¤• लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ मॉडल और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से कमजोर यà¥à¤µà¤¾ होने के दà¥à¤µà¤‚दà¥à¤µ को कंगना की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ ने कà¥à¤¶à¤²à¤¤à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• चितà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया था। वह चोपड़ा की यिन के लिठयांग थी जिसने फैशन की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के अंधेरे पकà¥à¤· को उसके संघरà¥à¤·à¥‹à¤‚, कमजोरियों और लत के साथ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾à¥¤
à¤à¤‚डारकर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ फैशन की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के चितà¥à¤°à¤£ को कई लोगों ने सतही कहा लेकिन कंगना दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शोनाली के चितà¥à¤°à¤£ में बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ सतहीपन नहीं था। सतà¥à¤¤à¤¾ की उसकी à¤à¥‚ख, उसका नशाखोरी और शांति पाने की उसकी हताशा कचà¥à¤šà¥€ और दिल दहला देने वाली थी। उनके किरदार को और à¤à¥€ खास बनाने वाली बात यह है कि कंगना मà¥à¤¶à¥à¤•िल से अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ बोल पाती थीं, हिंदी में उनका उचà¥à¤šà¤¾à¤°à¤£ अजीब था, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रैंप वॉकिंग का कोई अनà¥à¤à¤µ नहीं था और वह फिलà¥à¤® में मिस वरà¥à¤²à¥à¤¡ पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का चोपड़ा की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤‚दà¥à¤µà¥€ बनने के लिठतैयार थीं। लेकिन इस तरह की चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ लेने के लिठउनसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸à¥€ कोई और नहीं हो सकता...। उनके बà¥à¤°à¥‡à¤•डाउन सीकà¥à¤µà¥‡à¤‚स इतने जोरदार थे कि कई लोग उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निà¤à¤¾à¤ गठकिरदार के लिठगलत समà¤à¤¨à¥‡ लगे। यह कोई आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ की बात नहीं है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस फिलà¥à¤® के लिठराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार मिला!
कà¥à¤µà¥€à¤¨
जब कà¥à¤µà¥€à¤¨ रिलीज हà¥à¤ˆ थी तब इसमें कà¥à¤› à¤à¥€ असामानà¥à¤¯ नहीं था। पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° में कà¥à¤› à¤à¥€ असाधारण नहीं था लेकिन फिर à¤à¥€, जब यह सिनेमाघरों में आई तो इसने सà¤à¥€ को चौंका दिया। यह फिलà¥à¤® न केवल मनोरंजक थी बलà¥à¤•ि इसने सà¤à¥€ के चेहरे पर मà¥à¤¸à¥à¤•ान और दिलों में उमà¥à¤®à¥€à¤¦ जगाई। कà¥à¤› à¤à¥€ हमेशा के लिठनहीं खोता, खासकर गरिमा। यह फिलà¥à¤® à¤à¤• अनमोल रतà¥à¤¨ थी और कंगना रनौत को 'रानी' के रूप में देखना ताजगी देने वाला था। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने हर सà¥à¤¤à¤° को बदला और न केवल फिलà¥à¤® में बलà¥à¤•ि पेशेवर रूप से à¤à¥€ अपनी कहानी को खूबसूरती से बदल दिया।
तनॠवेडà¥à¤¸ मनॠरिटरà¥à¤¨à¥à¤¸
कà¥à¤µà¥€à¤¨ के ठीक बाद à¤à¤• और फिलà¥à¤® आई जिसने कंगना रनौत को बॉलीवà¥à¤¡ में सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾à¤“ं में से à¤à¤• के रूप में पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ किया। 2011 की फिलà¥à¤® तनॠवेडà¥à¤¸ मनॠका यह सीकà¥à¤µà¤² à¤à¤• शांत रिलीज माना जा रहा था। संगीत में à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› à¤à¥€ नहीं था जो लोगों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ खींचे और न ही 2015 में रिलीज होने से पहले फिलà¥à¤® के लिठअधिक पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° किया गया।
फिलà¥à¤® ने तनॠवेडà¥à¤¸ मनॠके साथ ही शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ (जहां पहली फिलà¥à¤® खतà¥à¤® हà¥à¤ˆ थी) की लेकिन बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ वैसी नहीं जैसी उमà¥à¤®à¥€à¤¦ थी जबकि हर कोई जिंदादिल तनॠऔर शांत मनॠके लिठहमेशा खà¥à¤¶ रहने की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ कर रहा था। केमिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ खतà¥à¤® हो गई और रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में दरार आने लगी। तनॠकी डà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¾ की जरूरत और मनॠकी शांति की जरूरत के बीच टकराव तब होता है जब कंगना रनौत दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अà¤à¤¿à¤¨à¥€à¤¤ दतà¥à¤¤à¥‹ फिर से फà¥à¤°à¥‡à¤® में आती है और शानदार किरदार निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। सीकà¥à¤µà¤² à¤à¥€ हिट रहा और कंगना जो पहले से हिट थीं आगे बढ़ती रहीं।
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