फिलà¥à¤® निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ दीपा मेहता का पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ 'शेर' शरà¥à¤²à¤• होमà¥à¤¸ की कहानियों से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है। यह फिलà¥à¤® औपनिवेशिक काल के कलकतà¥à¤¤à¤¾ और डॉ. जॉन वॉटसन के चरितà¥à¤° के इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ घूमती है। वॉटसन शरà¥à¤²à¤• की मृतà¥à¤¯à¥ के बाद अपनी किताबें बेचने की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ पहà¥à¤‚चता है, लेकिन इस दौरान उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शरà¥à¤²à¤• की बेटी मिल जाती है। à¤à¤• खास इंटरवà¥à¤¯à¥‚ में मेहता सà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥€ की खास बिंदà¥à¤“ं का जिकà¥à¤° किया है।
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