परà¥à¤¦à¥‡ पर 55 वरà¥à¤· और गिनती अà¤à¥€ जारी है। हम किसी अनà¥à¤¯ अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ के बारे में नहीं सोच सकता जो इतने लंबे समय तक इस उदà¥à¤¯à¥‹à¤— का सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ सदसà¥à¤¯ रहा हो। इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ सात हिंदà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ से हà¥à¤ˆ जिसमें अमिताठबचà¥à¤šà¤¨ ने अनवर अली की à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆ थी। à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जिसे हिंदी अपनी उरà¥à¤¦à¥‚ à¤à¤¾à¤·à¤¾ से जटिल लगती थी, जिसने हर गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥‡ साल के साथ गति पकड़ी और लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ हासिल की। 5 दशक बाद à¤à¥€ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ बने रहने के लिठउनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने शैलियों, रà¥à¤à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ और सà¥à¤ªà¤°à¤¸à¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को कैसे पार किया इस पर विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
सबसे पहले तो इस धारणा को दूर कर लें कि उनके लिठयह सब आसान था। इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह अपने समय के सबसे अधिक नापसंद किठजाने वाले अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾à¤“ं में से à¤à¤• थे। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने कद और यहां तक कि अपने लà¥à¤•à¥à¤¸ के लिठà¤à¥€ शरà¥à¤®à¤¿à¤‚दा होना पड़ता था। वह कोई राजेश खनà¥à¤¨à¤¾ नहीं थे जो अपनी करिशà¥à¤®à¤¾à¤ˆ मà¥à¤¸à¥à¤•ान से लड़कियों को मंतà¥à¤°à¤®à¥à¤—à¥à¤§ कर देते थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤ªà¤°à¤¸à¥à¤Ÿà¤¾à¤° के खनà¥à¤¨à¤¾ के साथ आनंद (1971) में सहायक की à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆ जो उन दोनों की साà¤à¤¾ की गई सबसे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित फिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• थी। फिलà¥à¤® को मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¥‚मिका के लिठराजेश खनà¥à¤¨à¤¾ और सहयोगी के लिठबचà¥à¤šà¤¨ को फिलà¥à¤®à¤«à¥‡à¤¯à¤° मिला। लेकिन 1973 में समय बदला। नमक हराम के लिठखनà¥à¤¨à¤¾ अà¤à¥€ à¤à¥€ मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¥‚मिका में थे, लेकिन बचà¥à¤šà¤¨ को सहायक à¤à¥‚मिका के लिठपà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार मिला और खनà¥à¤¨à¤¾ को नामांकित तक नहीं किया गया।
वरà¥à¤· 1973 ने अमिताठबचà¥à¤šà¤¨ के लिठकई चीजें बदल दीं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 'दूसरी' à¤à¥‚मिका, छोटी à¤à¥‚मिकाà¤à¤‚ निà¤à¤¾à¤¨à¤¾ छोड़ दिया और अपनी फिलà¥à¤® जंजीर के साथ à¤à¤‚गà¥à¤°à¥€ यंग मैन की छवि अखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤° कर ली। सहायक à¤à¥‚मिकाओं से अब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¥‚मिकाओं के लिठचà¥à¤¨à¤¾ जाने लगा। उस वरà¥à¤· उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ और चिंतित बचà¥à¤šà¤¨ अपने पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार का इंतजार कर रहे थे जो कि नहीं मिला। यह लवर बॉय ऋषि कपूर ही थे जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इसे सचमà¥à¤š चà¥à¤°à¤¾ लिया था कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ बाद अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ ने सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया था कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यह पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार 30,000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ में खरीद लिया था। लेकिन वह जखà¥à¤®à¥‹à¤‚ को कà¥à¤°à¥‡à¤¦à¤¨à¥‡ का समय नहीं था, फिलà¥à¤®à¥‡à¤‚ बनानी थीं। और वे फिलà¥à¤®à¥‡à¤‚ थीं अà¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨, दीवार, मजबूर, अमर अकबर à¤à¤‚थनी, तà¥à¤°à¤¿à¤¶à¥‚ल और डॉन। इनके अलावा à¤à¥€à¥¤
अमिताठबचà¥à¤šà¤¨ à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ शखà¥à¤¸ हैं जो वासà¥à¤¤à¤µ में सà¥à¤µà¥‡à¤šà¥à¤›à¤¾ से अपने निजी जीवन के विवरण में नहीं जाते। उनके इमà¥à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ और कषà¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ के बारे में शायद ही कà¤à¥€ बात की जाती है लेकिन उनकी सफलता के बावजूद कोई à¤à¥€ इससे इनकार नहीं कर सकता। हम बात कर रहे हैं साल 1964 की जब वह अमृता सिंह के साथ मरà¥à¤¦ की शूटिंग कर रहे थे। कà¥à¤²à¥€ के सेट पर लगà¤à¤— घातक दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ के ठीक दो साल बाद बिग बी सेट पर अचानक गिर पड़े। पता चला कि वह मायसà¥à¤¥à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤¸ से पीड़ित हैं। à¤à¤• ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न बीमारी जो नà¥à¤¯à¥‚रोमसà¥à¤•à¥à¤²à¤° कनेकà¥à¤¶à¤¨ को नषà¥à¤Ÿ कर देती है जिससे मांसपेशियों की गति असंà¤à¤µ हो जाती है।
हाल ही में अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ ने नेशनल टेलीविजन पर इस बारे में बात की। बताया कि जब किसी को जनà¥à¤® से ही विकलांगता होती है तो उसे पता रहता है कि किसी की मदद की जरूरत पड़ेगी। लेकिन मेरे जैसा कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जो सामानà¥à¤¯ था और उसे à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ के कारण इतनी बड़ी विकलांगता का सामना करना पड़ा, इसे सà¥à¤µà¥€à¤•ार करना आसान नहीं है। मैं निराश हो गया था, इसने मà¥à¤à¥‡ और अवसाद में धकेल दिया। मà¥à¤à¥‡ अपने परिवार और पतà¥à¤¨à¥€ जया की सराहना करनी होगी जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मà¥à¤à¥‡ इससे बाहर निकाला। जया ने मà¥à¤à¥‡ बेहतर तरीके से संà¤à¤¾à¤²à¤¾à¥¤
बचà¥à¤šà¤¨ ने याद किया- मैं पानी नहीं पी सकता था, अपने कोट के बटन नहीं लगा सकता था या अपनी आंखें à¤à¥€ बंद नहीं कर सकता था। डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने दवा लेने की सलाह दी लेकिन मैं इस तनाव में था कि मैं फिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ में कैसे काम करूंगा? मैं ठीक से चल à¤à¥€ नहीं पा रहा था और बात à¤à¥€ नहीं कर पा रहा था। मैं यह कà¤à¥€ नहीं à¤à¥‚लूंगा कि वह मनमोहन देसाई ही थे जो मेरे पास आये थे और कहा था कि तनाव मत पालो। मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° पर बैठाऊंगा और तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• मूक à¤à¥‚मिका दूंगा... अगर यही à¤à¤•मातà¥à¤° रासà¥à¤¤à¤¾ है तो।
आज चार दशक बाद à¤à¥€ यह बीमारी उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ परेशान कर रही है, लेकिन बचà¥à¤šà¤¨ की गति न थमी न धीमी हà¥à¤ˆà¥¤ हर बार जब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लगता कि वह नीचे जा रहे हैं, तो वह धमाके के साथ वापस आते हैं। 1990 के दशक की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ à¤à¥€ मेगा सà¥à¤Ÿà¤¾à¤° के लिठअचà¥à¤›à¥€ रही। इस दशक की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ अगà¥à¤¨à¤¿à¤ªà¤¥ के लिठराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार और बाद में हम के लिठमà¥à¤–à¥à¤¯ अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ के लिठतीसरे फिलà¥à¤®à¤«à¥‡à¤¯à¤° पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार के साथ हà¥à¤ˆà¥¤ और फिर धीरे-धीरे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बदल गई।
आज, कई साल बीत चà¥à¤•े हैं, केवल वही सà¥à¤ªà¤°à¤¹à¥€à¤°à¥‹ हैं जिसने à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ से लड़ाई की, जिसने खराब सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और बहà¥à¤¤ कà¥à¤› से संघरà¥à¤· किया और विजयी हà¥à¤†à¥¤ ठीक फीनिकà¥à¤¸ की तरह, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह अपनी ही राख से फिर-फिर जीवित हो उठता है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login