फिलà¥à¤® में अगर कहानी दमदार हो तो उसे न पà¥à¤°à¤®à¥‹à¤¶à¤¨ की जरूरत होती है और न ही किसी सà¥à¤ªà¤°à¤¸à¥à¤Ÿà¤¾à¤° की। 55वें अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ फिलà¥à¤® महोतà¥à¤¸à¤µ 2024 में गोलà¥à¤¡à¤¨ पीकॉक अवारà¥à¤¡ के लिठ15 फिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ का चयन हà¥à¤† है। इसमें तीन à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ फिलà¥à¤®à¥‡à¤‚ à¤à¥€ शामिल हैं। ये फिलà¥à¤®à¥‡à¤‚ हैं- द गोट लाइफ, आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल 370 और रावसाहेब।
वैशà¥à¤µà¤¿à¤• और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सिनेमा का सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करने वाली ये पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• फिलà¥à¤® मानवीय मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚, संसà¥à¤•ृति और कहानी का अदà¥à¤à¥à¤¤ संगम पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करती हैं।
इस साल, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित गोलà¥à¤¡à¤¨ पीकॉक जूरी में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ फिलà¥à¤® निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ आशà¥à¤¤à¥‹à¤· गोवारिकर, पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार विजेता सिंगापà¥à¤° के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤• à¤à¤‚थनी चेन, बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶-अमेरिकी निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ à¤à¤²à¤¿à¤œà¤¾à¤¬à¥‡à¤¥ कारà¥à¤²à¤¸à¤¨, सà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¶ निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ फà¥à¤°à¤¾à¤¨ बोरà¥à¤—िया और पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ फिलà¥à¤® संपादक जिल बिलकॉक शामिल हैं। ये जूरी सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ फिलà¥à¤®, सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤•, सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ (पà¥à¤°à¥à¤·), सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ (महिला) और विशेष जूरी पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार सहित शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में विजेताओं के नामों का चयन करेगी। सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤Ÿ फिलà¥à¤® को ₹40 लाख का पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार से नवाजा जाà¤à¤—ा।
गोलà¥à¤¡à¤¨ पीकॉक अवारà¥à¤¡ के लिठचयनित à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ फिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ पर à¤à¤• नजरः
द गोट लाइफ
'द गोट लाइफ' में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार विजेता मलयालम फिलà¥à¤® निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤• बà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ है। इस फिलà¥à¤® में विदेश में नौकरी के लिठफंसे à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ की कहानी दिखाई गई है। फिलà¥à¤® में नायक सऊदी अरब के रेगिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में बेहद विपरीत परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कैसे जिंदा रहता है और कैसे बच निकलता है, यह दिखाया गया है। यह फिलà¥à¤® à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• की सचà¥à¤šà¥€ कहानी पर आधारित है। यह फिलà¥à¤® लेखक बेनà¥à¤¯à¤¾à¤®à¤¿à¤¨ के सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• बिकने वाले मलयालम उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ ' आदà¥à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¥à¤®' से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ है।
आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल 370
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार विजेता फिलà¥à¤® निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ आदितà¥à¤¯ सà¥à¤¹à¤¾à¤¸ जमà¥à¤à¥‡à¤²à¥‡ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ 'आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल 370' à¤à¤¾à¤°à¤¤ के संवैधानिक परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि पर आधारित à¤à¤• राजनीतिक थà¥à¤°à¤¿à¤²à¤° है। कहानी अनà¥à¤šà¥à¤›à¥‡à¤¦ 370 की पेचीदगियों को गहराई से दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है, जिसने जमà¥à¤®à¥‚-कशà¥à¤®à¥€à¤° को विशेष सà¥à¤µà¤¾à¤¯à¤¤à¥à¤¤à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की थी। फिलà¥à¤® में इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के सामाजिक-राजनीतिक परिदृशà¥à¤¯ को बेहतरीन तरीके से दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ गया है।
रावसाहेब
'रावसाहेब ' राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार विजेता फिलà¥à¤® निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ निखिल महाजन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ मराठी कà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤® थà¥à¤°à¤¿à¤²à¤° फिलà¥à¤® है। इस साल के IFFI में इस फिलà¥à¤® का वरà¥à¤²à¥à¤¡ पà¥à¤°à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤° किया गया है। निखिल महाजन की कà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤® थà¥à¤°à¤¿à¤²à¤° आदिवासी à¤à¥‚मि में मानव-पशॠसंघरà¥à¤· और नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ की खोज पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ है। यह फिलà¥à¤® à¤à¤¾à¤°à¤¤ के आदिवासी इलाकों में फिलà¥à¤®à¤¾à¤ˆ गई है।
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