जैसे-जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ और लोकलà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨ पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° कई देशों में अपनी जड़ें जमा रहा है, वैसे-वैसे यह सवाल बना हà¥à¤† है कि कà¥à¤¯à¤¾ यह à¤à¤¾à¤°à¤¤ और अमेरिका जैसे देशों में बहà¥à¤¸à¤¾à¤‚सà¥à¤•ृतिक समाज के ताने-बाने को तोड़ रहा है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login