वाशिंगटन डीसी में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤• अनोखा संगठन ‘आशियाना’ (Ashiyanaa) बीते तीन दशकों से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वकà¥à¤¤ से घरेलू हिंसा और लिंग आधारित अतà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾à¤° à¤à¥‡à¤² रहे दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लोगों के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और सहारे का घर बना हà¥à¤† है। इसका नाम जितना आतà¥à¤®à¥€à¤¯ है, इसकी सेवा उतनी ही संवेदनशील और जमीनी है।
1989 में बनी थी ‘ASHA for Women’, अब है ‘आशियाना’
इस संगठन की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ वरà¥à¤· 1989 में ASHA (Asian Women’s Self Help Association) के रूप में हà¥à¤ˆ थी। इसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ था—अमेरिका में रहने वाली दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ महिलाओं को घरेलू हिंसा, à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• शोषण, सामाजिक बहिषà¥à¤•ार जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से उबरने में मदद करना।
कोविड के दौरान नाम बदला, ‘आशियाना’
2020 में, कोविड महामारी के दौरान वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• आकलन के बाद संगठन ने खà¥à¤¦ को ‘Ashiyanaa’ नाम से रीबà¥à¤°à¤¾à¤‚ड किया, जिसका अरà¥à¤¥ है ‘घर’ या ‘घोंसला’। यह नाम हिंदी, उरà¥à¤¦à¥‚, नेपाली और बंगला में à¤à¤• जैसी आतà¥à¤®à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¤¾ है।
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