किसी à¤à¥€ अपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ के लिठजो दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° या वैवाहिक कलह का सामना कर रहा है, संघरà¥à¤· केवल पीड़ादायक नहीं है - यह कानूनी धमकियों, आवà¥à¤°à¤œà¤¨ à¤à¤¯ और सांसà¥à¤•ृतिक अपराधबोध में लिपटा हà¥à¤† है।
"उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मà¥à¤à¤¸à¥‡ कहा कि अगर मैं चला गया तो मà¥à¤à¥‡ निरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ कर दिया जाà¤à¤—ा।" "उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि मैं अपने बचà¥à¤šà¥‡ को फिर कà¤à¥€ नहीं देख पाऊंगा।" "मेरे माता-पिता ने मà¥à¤à¥‡ समायोजित करने के लिठकहा - 'लोग कà¥à¤¯à¤¾ कहेंगे?'" ये वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• लोगों की वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• कहानियां हैं। वे डर और गलत सूचना के बीच फंसे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से आते हैं - अकà¥à¤¸à¤° यह नहीं पता होता कि कहां जाना है।
इस सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹, नà¥à¤¯à¥‚ इंडिया अबà¥à¤°à¥‰à¤¡ ने घरेलू हिंसा कानूनों, आवà¥à¤°à¤œà¤¨ मिथकों को समà¤à¤¨à¥‡ के लिठतà¥à¤°à¤¿-योगà¥à¤¯ वकील (Tri-Qualified Attorney), सà¥à¤Ÿà¥‚टी नाग से मà¥à¤²à¤¾à¤•ात की।
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