लॉस à¤à¤‚जेलिस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ ऑल इंडिया कैफ़े अपने लज़ीज à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और ताज़ी, उचà¥à¤š-गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ वाली सामगà¥à¤°à¥€ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ समरà¥à¤ªà¤£ के लिठजाना जाता है। शेफ संतोख सिंह खिंडा दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 1996 में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ यह रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤‚ट अपने पà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤• वà¥à¤¯à¤‚जनों और अà¤à¤¿à¤¨à¤µ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण के लिहाज से à¤à¥€ अपनी पहचान रखता है। अब अगली पीढ़ी, पवन और सिमरन खिंडा दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संचालित, ऑल इंडिया कैफे अपनी जड़ों से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रहते हà¥à¤ समय के साथ कदमताल कर रहा है। पासाडेना, आरà¥à¤•ेडिया और गà¥à¤²à¥‡à¤¨à¤¡à¥‡à¤² में अपनी शाखाओं के साथ ऑल इंडिया कैफ़े à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ गंतवà¥à¤¯ बना हà¥à¤† है जहां पारंपरिक à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का रोमांचक नठअनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ से मिलन होता है।
हमें पवनदीप कौर खिंडा से उनके उदà¥à¤¯à¤®à¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ के सफ़र और ऑल इंडिया कैफ़े की à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की योजनाओं के बारे में बात करने का अवसर मिला। पेश हैं साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार के मà¥à¤–à¥à¤¯ अंश...
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