डॉ. ईशान शिवानंद : अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ योग दिवस पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को याद दिलाता है कि योग से जà¥à¥œà¥‡ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ के तरीके हमारे मन को शांत करने और हमें सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में कितने फायदेमंद हैं। ये तरीके पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ योगिक जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पर आधारित हैं। ये हमें न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बलà¥à¤•ि हमारे मन, à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं और आतà¥à¤®à¤¾ को à¤à¥€ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करते हैं।
जैसे-जैसे दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के समाज अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बेहतर ढंग से समà¤à¤¨à¥‡ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रहे हैं, मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त और सामूहिक समृदà¥à¤§à¤¿ का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ आधार बनकर उà¤à¤°à¤¾ है। हाल के वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में समगà¥à¤° कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ घटक के रूप में मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की पहचान को उचित सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ मिला है। यह दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से गहराई से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है। इसने लंबे समय से सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• अवधारणा के रूप में जोर दिया है। इसमें मानसिक, à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤•, मनोसामाजिक और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• पहलू शामिल हैं।
जैसे-जैसे समाज आगे बढ़ रहा हैं, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के बारे में हमारी समठका विसà¥à¤¤à¤¾à¤° हो रहा है। मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को केवल à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त चिंता के रूप में नहीं, बलà¥à¤•ि à¤à¤• सामाजिक दायितà¥à¤µ के रूप में सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया जा रहा है। जागरूकता में पà¥à¤°à¤—ति के बावजूद मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ देखà¤à¤¾à¤² तक पहà¥à¤‚च में कठिनाइयां बनी हà¥à¤ˆ है। जिससे कई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आवशà¥à¤¯à¤• सपोरà¥à¤Ÿ के बिना रह जाते हैं। विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ है कि विशà¥à¤µ सà¥à¤¤à¤° पर चार में से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपने जीवन में किसी न किसी समय मानसिक विकार का अनà¥à¤à¤µ करता है। फिर à¤à¥€ केवल à¤à¤• छोटा सा हिसà¥à¤¸à¤¾ ही सहायता हासिल कर पाता करता है। यह विसंगति सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और सामाजिक दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठà¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को रेखांकित करती है।
मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ 'कम से कम रेगà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ और सबसे अधिक à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ' कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• बना हà¥à¤† है। यह कलंक और गलत सूचनाओं से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ है। सामाजिक कलंक से परे कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवाओं तक पहà¥à¤‚च को बाधित करती हैं। इनमें उपलबà¥à¤§ संसाधनों और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ उपचार विधियों के बारे में जागरूकता की कमी शामिल है। मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में गलत धारणाà¤à¤‚ कि ये शारीरिक बीमारियों जितनी जरूरी या कमजोर करने वाली नहीं हैं, इन बाधाओं को और बढ़ाते हैं।
इन असमानताओं को दूर करने के लिठà¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं और उपलबà¥à¤§ सहायता पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में मिथकों को दूर करने और जागरूकता बढ़ाने के लिठसारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। कलंक को दूर करने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ सामाजिक दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण को बदलना और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को निरà¥à¤£à¤¯ के डर के बिना मदद लेने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करना है। यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने की दिशा में आवशà¥à¤¯à¤• कदम यह है कि मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ देखà¤à¤¾à¤² सà¤à¥€ के लिठसà¥à¤²à¤ और समान हो।
नीति निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समानता के लिठवकालत à¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। इसमें यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना शामिल है कि सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा नीतियों और बजट में मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को शारीरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में समान धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और संसाधन पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हों। नीति सà¥à¤¤à¤° पर मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देकर, संरचनातà¥à¤®à¤• बाधाओं को समापà¥à¤¤ किया जा सकता है। इससे अधिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• देखà¤à¤¾à¤² वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता बन सकती है।
समगà¥à¤° कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के लिठधà¥à¤¯à¤¾à¤¨ के तरीकों का महतà¥à¤µ : योग आधारित धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ संबंधी कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® मानसिक कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ को बढ़ावा देने और मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• संकट को कम करने के लिठà¤à¤• आशाजनक दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करते हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में निहित ये अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸, जीवन की समगà¥à¤° गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ को बढ़ाते हà¥à¤ तनाव, चिंता और अवसाद को कम करने की अपनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के लिठपहचाने जाते हैं । पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® (शà¥à¤µà¤¾à¤¸ नियंतà¥à¤°à¤£), धारणा (इंटेशन सेटिंग) और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ (धà¥à¤¯à¤¾à¤¨) जैसी तकनीकें मन, शरीर और आतà¥à¤®à¤¾ के आपसी संबंध को बढ़ावा देती हैं। वे आंतरिक संतà¥à¤²à¤¨ और सामंजसà¥à¤¯ को बढ़ावा देते हैं। ये न केवल लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को संबोधित करते हैं, बलà¥à¤•ि मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के छिपे कारणों को à¤à¥€ संबोधित करते हैं।
शोध से पता चलता है कि कई हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक योग आधारित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ अवसाद और चिंता के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को काफी कम कर सकते हैं। यह पारंपरिक उपचारों के साथ पूरक लाठपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं। इसके अलावा, ये धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ संबंधी अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ गैर-आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• हैं, जो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दवा संबंधी दिकà¥à¤•तों और चिकितà¥à¤¸à¤¾ के अनà¥à¤¯ रूपों के साथ à¤à¤•ीकरण के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ बनाते हैं। उनका समगà¥à¤° दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤• पूरे के रूप में मानता है, जिसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ शारीरिक, मानसिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आयामों में संतà¥à¤²à¤¨ को बहाल और बनाठरखना है।
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ संबंधी तरीकों को जोड़ने से जीवन को बदलने और सामाजिक सà¥à¤¤à¤° पर समगà¥à¤° कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ को बढ़ाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ है। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अपने मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤° लेने के लिठसशकà¥à¤¤ बनाकर, ये अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली और सामना करने के तंतà¥à¤° को अपनाने को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करते हैं।
à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• लचीलापन, बेहतर शारीरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और मजबूत पारसà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• संबंध नियमित धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ संबंधी अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कई लाà¤à¥‹à¤‚ में से हैं। ये लाठन केवल वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ को बढ़ाते हैं, बलà¥à¤•ि à¤à¤• खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤² समाज में à¤à¥€ योगदान करते हैं। निवारक और समगà¥à¤° दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोणों के माधà¥à¤¯à¤® से मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के बोठको कम करने से सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर दबाव à¤à¥€ कम हो सकता है, जिससे संसाधनों को अधिक कà¥à¤¶à¤²à¤¤à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• आवंटित किया जा सकता है।
मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ à¤à¤• मौलिक मानव अधिकार है। सà¤à¥€ के लिठइसकी पहà¥à¤‚च सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता होनी चाहिà¤à¥¤ मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को समगà¥à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के à¤à¤• अà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अंग के रूप में पहचानना जरूरी है। इसके साथ ही सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ संबंधी अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ को जोड़ सकते हैं। जैसे-जैसे हम मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के बारे में अपनी समठऔर दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण में आगे बढ़ते हैं, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ जैसे समगà¥à¤° पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं को अपनाने से अधिक संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और लचीला समाज के लिठà¤à¤• मारà¥à¤— मिलता है। जहां मानसिक कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ को सà¤à¥€ के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता दी जाती है और संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ किया जाता है।
(लेखक डॉ. ईशान शिवानंद à¤à¤• मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ शोधकरà¥à¤¤à¤¾, गैर-दवा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ संबंधी तरीकों में विशेषजà¥à¤žà¤¤à¤¾ वाले à¤à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° और योग ऑफ इमोरà¥à¤Ÿà¤²à¥à¤¸ (YOI) कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• हैं। इस लेख में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ विचार और राय लेखक के हैं। जरूरी नहीं कि ये नà¥à¤¯à¥‚ इंडिया अबà¥à¤°à¥‰à¤¡ की आधिकारिक नीति या सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हों)
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