à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤•, सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ सेनानी व कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिकारी योगी अरबिंदो à¤à¤•à¥à¤°à¥‹à¤¯à¤¡ घोष ने इंगà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड में कà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¿à¤•à¥à¤¸ (सेंट पॉल सà¥à¤•ूल और किंगà¥à¤¸ कॉलेज, कैमà¥à¤¬à¥à¤°à¤¿à¤œ) में पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया था। माना जाता है कि वे à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ देशों के लिठà¤à¤• उà¤à¤°à¤¤à¥‡ समरà¥à¤¥à¤• थे।
योगी अरबिंदो à¤à¤•à¥à¤°à¥‹à¤¯à¤¡ घोष के जीवन और दरà¥à¤¶à¤¨ के बारे में कई पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ें लिखी गईं। पीटर हीहà¥à¤¸ की पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में योगी अरबिंदो की जीवन से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कई अहम तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का जिकà¥à¤° किया है। इस साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार में हीहà¥à¤¸ ने पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• के विषय पर जोर दिया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि कैसे योगी अरबिंदो ने इतिहास को सिरà¥à¤« राजनीतिक या आरà¥à¤¥à¤¿à¤• संदरà¥à¤ में नहीं देखा, बलà¥à¤•ि मानव जाति के आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• विकास के हिसà¥à¤¸à¥‡ के रूप में देखा।
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