सिलिकॉन वैली में à¤à¤• छिपा हà¥à¤† खजाना है 'पà¥à¤°à¤¨à¤ªà¥‹à¤²à¥€'। यह à¤à¤• पूरी तरह से शाकाहारी रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤‚ट है जो असली महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¨ खाना परोसता है। कैलिफोरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सांता कà¥à¤²à¤¾à¤°à¤¾ में सà¥à¤•ॉट बà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¡ पर ऑफिस बिलà¥à¤¡à¤¿à¤‚गà¥à¤¸ के बीच छिपा हà¥à¤† ये रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤‚ट कई लोगों के लिठखà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का ठिकाना है। पारà¥à¤•िंग लॉट में गेंदे के फूलों से सजे हà¥à¤ à¤à¤• पीले बोरà¥à¤¡ पर लिखे शबà¥à¤¦ 'पà¥à¤°à¤¨à¤ªà¥‹à¤²à¥€' आपको à¤à¤• खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के तूफान में ले जाते हैं, जो खानेवालों के मà¥à¤‚ह में मचने लगता है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ खानपान अपनी बटर चिकन और दाल तड़के की सीमा से बाहर निकल गया है। खाने के उन शौकीनों को à¤à¤• नया सà¥à¤µà¤¾à¤¦ मिल रहा है, जो पहले कà¤à¥€ महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¨ खाना नहीं खाठथे। अनीता गेरा पहली बार मिसल पाव का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ ले रही थीं। वो सà¥à¤µà¤¾à¤¦ से खà¥à¤¶ थीं। शनिवार की सà¥à¤¬à¤¹ अपने लोस अलà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸ हिल के घर से निकलकर वो शहर के दूसरे हिसà¥à¤¸à¥‡ तक पहà¥à¤‚ची थीं।
अनिल गेरा ने सोचा कि लोस अलà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸ डाउनटाउन में आरामदायक वीकेंड की सà¥à¤¬à¤¹ के लिठकई बà¥à¤°à¤‚च विकलà¥à¤ª हैं, फिर सांता कà¥à¤²à¤¾à¤°à¤¾ तक कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जाना है। लेकिन जब खाना टेबल पर आया, तो हैरान हो गठकि वह पहली बार à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ खाना खा रहे हैं। अनिल कहते हैं कि 'हमें याद है कि उतà¥à¤¤à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ में पले-बढ़ते हà¥à¤ हमने केवल पंजाबी खाना ही खाया था। हमें पता ही नहीं था कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में कितने तरह के खाने हैं।'
वेंक शà¥à¤•à¥à¤²à¤¾ को दिलà¥à¤²à¥€ के कनॉट पà¥à¤²à¥‡à¤¸ में मदà¥à¤°à¤¾à¤¸ कैफ़े की याद आ रही थी, जो उनका à¤à¤•मातà¥à¤° à¤à¤¸à¤¾ अनà¥à¤à¤µ था जो काका दा ढाबा और मोती महलों से अलग था, जो दिलà¥à¤²à¥€ में हर जगह थे। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों के लिठपंजाबी खाना ही à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ खाना था। 1947 में देश के विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के समय गैर मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® पंजाबी पशà¥à¤šà¤¿à¤® पंजाब से चले आठथे। लाहोरी अपने नठघर नठसà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ की राजधानी में और कई मामलों में दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¥€ अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¦ लेकर आठथे। लाहोरी पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का खाना ही à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ खाने के रूप में परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ बटर चिकन, साग और कसूरी मेथी से लदी दाल मखनी का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ पर छोड़ा गया। चकित दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ ने अपने रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤‚ट के मेनà¥à¤¯à¥‚ में फिश à¤à¤‚ड चिपà¥à¤¸ को हटाकर चिकन टिकà¥à¤•ा मसाला को जगह दे दी।
अब à¤à¤¾à¤°à¤¤ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ वà¥à¤¯à¤‚जन सामने आ रहे हैं। इसकी वजह ये है कि बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ विदेशों में जा रहे हैं। उनके दिल में उनकी मां के हाथ के खाने का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बना हà¥à¤† है। पà¥à¤°à¤¨à¤ªà¥‹à¤²à¥€ के मालिक रोशन और शीतल शिवलकर à¤à¤¾à¤ˆ-बहन हैं। दोनों रतà¥à¤¨à¤¾à¤—िरी और मà¥à¤‚बई में पले-बà¥à¥‡ हैं। वे उन 10,000 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मराठी परिवारों में से हैं जो बे à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में रहते हैं। असà¥à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ परिवार महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° राजà¥à¤¯ के पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° मà¥à¤‚बई, कोलà¥à¤¹à¤¾à¤ªà¥à¤° और पà¥à¤£à¥‡ जैस इलाकों से हैं। पà¥à¤°à¤•ाश à¤à¤¾à¤²à¥‡à¤°à¤¾à¤µ बे à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 2024 में हà¥à¤ महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° मंडल बे à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (MMBA) समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ के संयोजक थे। उस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में 5,000 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोग शामिल हà¥à¤ थे।
सबà¥à¤¦à¤¾à¤¨à¤¾ खिचड़ी, सबà¥à¤¦à¤¾à¤¨à¤¾ वड़ा, à¤à¤°à¤²à¥€ वांगी, मिसल जैसे खाने खानेवालों को पसंद आते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें मसालों का संतà¥à¤²à¤¨ अचà¥à¤›à¤¾ होता है। सोनजा जेतर का कहना है कि 'यहां का खाना बहà¥à¤¤ ही शानदार है। इसमें मसाले बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥‡ लगे हैं, लेकिन इतने जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं कि आप खाने का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ न ले पाà¤à¤‚। मैं à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ खाने में नया हूं। मैं आपको बता नहीं सकता कि मैंने कà¥à¤¯à¤¾ खाया। बस इतना कह सकता हूं कि मेरे सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के लिठयह बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ था।' दà¥à¤°à¥à¤—ेश ने कहा कि पाव à¤à¤¾à¤œà¥€, वड़ा पाव, सबà¥à¤¦à¤¾à¤¨à¤¾ वड़ा, और कोथंबीर वाडी खास तौर पर पसंद आà¤à¥¤
सà¥à¤²à¥‚ करà¥à¤£à¤¿à¤• ने कहा, मà¥à¤à¥‡ ये मोदक बहà¥à¤¤ पसंद आया । मैंने इससे बेहतर मोदक कà¤à¥€ नहीं खाया। शाकाहारी लोगों के लिठयह सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤œà¤¨ पाने का à¤à¤• शानदार विकलà¥à¤ª है। रितॠने कहा कि हमने काउंटर पर अपना खाना ऑरà¥à¤¡à¤° किया था, लेकिन खाने के बीच में हमें अतिरिकà¥à¤¤ पाव और मिठाई चाहिठथी। मैं इस बात की सराहना करती हूं कि हम खाने के दौरान अपने ऑरà¥à¤¡à¤° में बदलाव कर सकते हैं। इस जगह का माहौल à¤à¤• मंदिर जैसा है। à¤à¤œà¤¨ संगीत और हवा में बहती हà¥à¤ˆ अगरबतà¥à¤¤à¥€ की खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ शांति का अनà¥à¤à¤µ कराती है और मन को पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ करती है। दà¥à¤°à¥à¤—ेश ने कहा कि पà¥à¤°à¤¨à¤ªà¥‹à¤²à¥€ में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पारà¥à¤•िंग और नकद à¤à¥à¤—तान पर 10% की छूट मिलती है।
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