वरà¥à¤· 1985 के à¤à¤¯à¤° इंडिया बम विसà¥à¤«à¥‹à¤Ÿ मामले के पूरà¥à¤µ संदिगà¥à¤§ रिपà¥à¤¦à¤®à¤¨ सिंह मलिक की हतà¥à¤¯à¤¾ के दोषी à¤à¤• कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ किलर को 28 जनवरी को कनाडा में आजीवन कारावास की सजा सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ गई। सीबीà¤à¤¸ ने अदालती दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥‹à¤‚ का हवाला देते हà¥à¤ बताया कि 24 वरà¥à¤·à¥€à¤¯ टैनर फॉकà¥à¤¸ को पैरोल के लिठपातà¥à¤° होने से पहले कम से कम 20 साल की सजा काटनी होगी।
फॉकà¥à¤¸ और उसके सहयोगी जोस लोपेज को पिछले अकà¥à¤Ÿà¥‚बर में मलिक की सेकेंड-डिगà¥à¤°à¥€ हतà¥à¤¯à¤¾ के लिठदोषी ठहराया था। मलिक की 14 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ, 2022 को सरे, बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ कोलंबिया में उनके वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ के बाहर गोली मारकर हतà¥à¤¯à¤¾ कर दी गई थी। दोनों दोषियों ने वितà¥à¤¤à¥€à¤¯ मà¥à¤†à¤µà¤œà¥‡ के लिठहतà¥à¤¯à¤¾ को अंजाम देने की बात सà¥à¤µà¥€à¤•ार की थी। लेकिन यह बताने से इनकार कर दिया था कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसने सà¥à¤ªà¤¾à¤°à¥€ दी थी।
सजा की सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ के दौरान बीसी सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ से मलिक के परिवार ने नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ की गà¥à¤¹à¤¾à¤° लगाई थी। मलिक की बहू संदीप कौर धालीवाल ने सीधे फॉकà¥à¤¸ को संबोधित करते हà¥à¤ अदालत में कहा कि हम आपसे उन लोगों के नाम उजागर करने का अनà¥à¤°à¥‹à¤§ करते हैं जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आपको काम पर रखा था।
अदालत को बताया गया कि फॉकà¥à¤¸ और लोपेज ने हतà¥à¤¯à¤¾ से कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पहले à¤à¤• होंडा सीआर-वी चà¥à¤°à¤¾ ली थी। बाद में पहचान से बचने के लिठउसकी लाइसेंस पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤‚ बदल दीं। हमले के दिन दो लोगों ने मलिक को उस समय कई बार गोली मारी जब वह अपनी कार में बैठे थे। अधिकारियों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पकड़े जाने से पहले उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤—ने वाले वाहन को आग लगा दी।
कà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ अà¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤œà¤• मैथà¥à¤¯à¥‚ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¥€ ने अपराध को वितà¥à¤¤à¥€à¤¯ लाठके लिठकी गई 'योजनाबदà¥à¤§ और जानबूà¤à¤•र हतà¥à¤¯à¤¾' के रूप में अदालत के सामने रखा। रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° फॉकà¥à¤¸ के सह-आरोपी लोपेज को 6 फरवरी को अदालत में पेश होना है।
कौन था मलिक
वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¥€ और सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• नेता मलिक को 2005 में à¤à¤¯à¤° इंडिया फà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ 182 बम विसà¥à¤«à¥‹à¤Ÿ से संबंधित आरोपों से बरी कर दिया गया था। धमाके में 23 जून, 1985 को आयरलैंड के तट पर 329 लोग मारे गठथे। यह हमला 9/11 से पहले विमानन आतंकवाद का सबसे घातक कृतà¥à¤¯ बना हà¥à¤† है।
हालांकि सबूतों की कमी के कारण दोषमà¥à¤•à¥à¤¤ होने के बावजूद मलिक उस कांड के केंदà¥à¤° में बने रहे। अलबतà¥à¤¤à¤¾, उनके बेटे जसपà¥à¤°à¥€à¤¤ सिंह मलिक ने अपने पिता को बमबारी से जोड़ने वाले मीडिया चितà¥à¤°à¤£ की आलोचना की।
मलिक की हतà¥à¤¯à¤¾ के पीछे का मकसद और लोग सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ नहीं हैं इस कारण उनके परिवार में à¤à¤¯ का माहौल है। धालीवाल ने अदालत में कहा कि यह डर और चिंता यह न जानने से आती है कि आपको किसने काम पर रखा है। धालीवाल ने कहा- कà¥à¤¯à¤¾ अब हम निशाने पर हैं?
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