अमेरिका से à¤à¤¾à¤°à¤¤ घूमने गईं दो महिला परà¥à¤¯à¤Ÿà¤• हिमाचल पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के ऊंचे इलाकों में à¤à¤Ÿà¤• गईं। हिमाचल के सिरमौर जिले के चूड़धार घाटी में फंसी à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के इन दो अमेरिकी नागरिकों को à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सेना के हेलीकॉपà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ के जरिठबचाया गया।
सिरमौर के डिपà¥à¤Ÿà¥€ कमिशà¥à¤¨à¤° सà¥à¤®à¤¿à¤¤ खिमता ने बताया कि दो अमेरिकी नागरिक ऋचा अà¤à¤¯ सोनावने और सोनिया रतन नोहराधार-चूड़धार टà¥à¤°à¥‡à¤• रूट पर फंस गई थीं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सेना के दो हेलीकॉपà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की मदद से तीसरी इलाके से बचाया गया। बाद में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चंडीगढ़ के à¤à¤• असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ कराया गया।
Based on the request of the civil admin to evacuate an American national, who had suffered a spinal injury during trekking, IAF launched a Cheetah helicopter for the casualty evacuation.
— Indian Air Force (@IAF_MCC) May 11, 2024
IAF airlifted the woman trekker successfully from the treacherous terrain of Teesri village… pic.twitter.com/mFoUxhQKo9
इन अमेरिकी नागरिकों के बचाव अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ में अमेरिकी दूतावास के अलावा à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार के गृह, विदेश à¤à¤µà¤‚ रकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ ने à¤à¥€ आपसी समनà¥à¤µà¤¯ से काम किया। सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ अधिकारियों की तà¥à¤µà¤°à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से अमेरिकी नागरिकों की जिंदगी बचाने में सफलता मिली।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ ने à¤à¤• बयान में बताया कि टà¥à¤°à¥‡à¤•िंग के दौरान à¤à¤• अमेरिकी नागरिक की रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में चोट लग गई थी। इसकी सूचना मिलने पर सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ नागरिक पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ ने इनके रेसà¥à¤•à¥à¤¯à¥‚ के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ से अनà¥à¤°à¥‹à¤§ किया था। इस पर वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ के चीता हेलीकॉपà¥à¤Ÿà¤° मदद के लिठà¤à¥‡à¤œà¥‡ गà¤à¥¤
वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, उसके पायलटों ने महिला टà¥à¤°à¥‡à¤•र को हिमाचल पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के तीसरी गांव के दà¥à¤°à¥à¤—म इलाके से सफलतापूरà¥à¤µà¤• à¤à¤¯à¤°à¤²à¤¿à¤«à¥à¤Ÿ किया और इलाज के लिठचंडीगढ़ के असà¥à¤ªà¤ªà¤¾à¤¤à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ कराया। सिरमौर के उपायà¥à¤•à¥à¤¤ खिमता ने बताया कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल की दोनों अमेरिकी महिलाà¤à¤‚ अब खतरे से बाहर हैं।
चूड़धार टà¥à¤°à¥‡à¤• 12,000 फीट की ऊंचाई पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है। इसे मधà¥à¤¯à¤® से कठिन टà¥à¤°à¥‡à¤• के रूप में वरà¥à¤—ीकृत किया गया है। टà¥à¤°à¥‡à¤• का पहला घंटा काफी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ माना जाता है। इस दौरान खड़ी और ढलावदार चटà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ से होकर गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ पड़ता है। सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ लोग कहते हैं कि इस समय चूड़धार चोटी पर टà¥à¤°à¥‡à¤• से बचना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मौसम अनà¥à¤•ूल नहीं रहता है।
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