अमेरिका में à¤à¤• ही महीने में चार à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की मौत को लेकर चिंता के बीच à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार ने चौंकाने वाली जानकारी देते हà¥à¤ बताया है कि पिछले पांच वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में 34 देशों में अलग-अलग कारणों से 403 à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की मौत हो चà¥à¤•ी है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ विदेश मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¤¸ जयशंकर ने लोकसà¤à¤¾ में à¤à¤• सवाल के लिखित जवाब में बताया कि उपलबà¥à¤§ जानकारी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 2018 से लेकर अब तक पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक कारणों, दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤“ं और मेडिकल सहित अनà¥à¤¯ कारणों से विदेश में 403 à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की मौत हà¥à¤ˆ है।
विदेश मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ ने बताया कि कनाडा में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की मौतें हà¥à¤ˆ हैं। आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, कनाडा में 91, यूके में 48, ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ में 35, रूस में 40, अमेरिका में 36 à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की मौत पिछले पांच वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में हो चà¥à¤•ी है।
सरकार की तरफ से संसद में आगे बताया गया कि इन छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के अलावा यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ में 21, साइपà¥à¤°à¤¸ में 14, जरà¥à¤®à¤¨à¥€ में 20, इटली में 10 और चीन, किरà¥à¤—िसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ व कतर में नौ-नौ छातà¥à¤° à¤à¥€ अपनी जान गंवा चà¥à¤•े हैं।
विदेश मंतà¥à¤°à¥€ का यह बयान अमेरिका के ओहायो में हाल ही में 19 वरà¥à¤·à¥€à¤¯ शà¥à¤°à¥‡à¤¯à¤¸ रेडà¥à¤¡à¥€ बेनिगेरी की संदिगà¥à¤§ हालात में मौत के बाद आया है। à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में अमेरिका में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤° की यह तीसरी और à¤à¤• महीने में चौथी मौत है।
शà¥à¤°à¥‡à¤¯à¤¸ से पहले परà¥à¤¡à¥à¤¯à¥‚ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ से पढ़ाई कर रहे नील आचारà¥à¤¯ का हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ के पास शव बरामद हà¥à¤† था। वहीं जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ के लिथोनिया शहर में à¤à¤• बेघर नशेड़ी ने छातà¥à¤° विवेक सैनी की हतà¥à¤¯à¤¾ कर दी गई थी। उससे पहले इलिनोइस यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ से पढ़ाई कर रहे 18 वरà¥à¤·à¥€à¤¯ अकà¥à¤² धवन का शव मिला था। उसमें हाइपोथरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ दिखे थे।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की à¤à¤• के बाद à¤à¤• मौत को लेकर परिजनों में चिंता के बीच विदेश मंतà¥à¤°à¥€ जयशंकर ने अपने लिखित जबाव में कहा कि विदेश में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ का कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ सरकार की सबसे अहम पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ताओं में से à¤à¤• है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤° जहां à¤à¥€ विदेशी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में पढ़ रहे हैं, हमारे मिशन उनके साथ नियमित संपरà¥à¤• में रहते हैं और वरिषà¥à¤ अधिकारी लगातार विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ और कॉलेजों का दौरा करते रहते हैं।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि विदेश में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मिशन और केंदà¥à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को होने वाली किसी à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ पर पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता के आधार पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देते हैं। इसके लिठफोन, ई-मेल, सोशल मीडिया, 24x7 हेलà¥à¤ªà¤²à¤¾à¤‡à¤¨, ओपन हाउस और पोरà¥à¤Ÿà¤² जैसे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ माधà¥à¤¯à¤® सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं।
जयशंकर ने आगे कहा कि हमारे मिशन और पोसà¥à¤Ÿ सतरà¥à¤• रहकर छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की à¤à¤²à¤¾à¤ˆ पर पैनी नजर रखते हैं। यदि कोई अपà¥à¤°à¤¿à¤¯ घटना होती है तो उसे तà¥à¤°à¤‚त उस देश के अधिकारियों के सामने उठाया जाता है ताकि सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ किया जा सके कि घटना की उचित जांच हो और दोषियों को सजा मिल सके।
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