à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के बहà¥à¤¤ से वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• विदेशों में काम कर रहे हैं और समाज की तरकà¥à¤•ी में अपना योगदान दे रहे हैं। अब à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार ने इन वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों के जरिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ साइंस à¤à¤‚ड टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‹à¤œà¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ को पूरा करने के लिठफेलोशिप योजना तैयार की है। इस योजना के तहत लगà¤à¤— 75 वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों से तीन साल तक à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सेवाà¤à¤‚ ली जाà¤à¤‚गी।
इन वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों की घर वापसी वैà¤à¤µ फेलोशिप योजना के तहत हो रही है। इसे à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार के विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ तकनीकी विà¤à¤¾à¤— (डीà¤à¤¸à¤Ÿà¥€) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अमल में लाया जा रहा है। करीब 80 करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ की इस योजना के पहले चरण के तहत à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के 22 वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों के अपà¥à¤°à¥ˆà¤² तक à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ जॉइन करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है।
ये वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• आईआईटी जैसे à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ और विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¤•र रिसरà¥à¤š पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ पर काम करेंगे। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तीन साल तक हर साल à¤à¤• से दो महीने à¤à¤¾à¤°à¤¤ में रहकर सेवाà¤à¤‚ देनी होंगी। इसके बदले में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चार लाख रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ का अनà¥à¤¦à¤¾à¤¨ दिया जाà¤à¤—ा। इसके लिठà¤à¤¸à¥‡ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों को चà¥à¤¨à¤¾ गया है, जो कम से कम पांच साल तक विदेश में मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में शोध कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रहे हैं।
साइंस à¤à¤‚ड टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‹à¤œà¥€ विà¤à¤¾à¤— की डॉ. चारू अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² ने मीडिया को बताया कि पिछले साल वैà¤à¤µ योजना के तहत हमें 302 वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों की तरफ से पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ मिले थे। इनमें से 22 को शॉरà¥à¤Ÿà¤²à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ किया गया है। जलà¥à¤¦ ही इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लेटर जारी कर दिठजाà¤à¤‚गे। उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि वे अपà¥à¤°à¥ˆà¤² से अपने संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ जॉइन कर लेंगे।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि ये वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• साइंस, टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‹à¤œà¥€, इंजीनियरिंग, मैथ à¤à¤‚ड मेडिसिन (STEMM) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में शोध कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में अपना योगदान देंगे। इसमें आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² इंटेलिजेंस, मशीन लरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग और डाटा साइंस पर जोर रहेगा। विà¤à¤¾à¤— वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों को अनà¥à¤¦à¤¾à¤¨ के अलावा विà¤à¤¾à¤— रिसरà¥à¤š से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को तीन साल तक पांच-पांच रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ की वितà¥à¤¤à¥€à¤¯ सहायता à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करेगा।
पहले चरण के लिठचà¥à¤¨à¥‡ गठवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों में अमेरिका के अलावा सà¥à¤µà¥€à¤¡à¤¨, नॉरà¥à¤µà¥‡, ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾, सिंगापà¥à¤°, जापान और यूके के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शामिल हैं। इस योजना के तहत आवेदन करने वालों में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अमेरिका और कनाडा के साइंटिसà¥à¤Ÿ शामिल थे। ये फेलोशिप सà¤à¥€ à¤à¤¨à¤†à¤°à¤†à¤ˆ, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के लोगों (पीओआई) और ओवरसीज सिटिजंस ऑफ इंडिया (ओसीआई) के लिठखà¥à¤²à¥€ है।
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