अधिकांश à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकी, मूल हवाईयन और पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤‚त दà¥à¤µà¥€à¤ª समूह (AAIP) वयसà¥à¤•ों का मानना है कि अमेरिकी सà¥à¤•ूलों को नसà¥à¤² से संबंधित इतिहास के बारे में à¤à¥€ पढ़ाया जाना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤• नठसरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ से ये तथà¥à¤¯ उà¤à¤°à¤•र सामने आठहैं। AAPI डेटा और à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤Ÿà¥‡à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¸-NORC सेंटर फॉर पबà¥à¤²à¤¿à¤• अफेयरà¥à¤¸ रिसरà¥à¤š यह सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ किया गया है।
सरà¥à¤µà¥‡ में पाया गया कि AAPI के 71 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ वयसà¥à¤• K-12 पबà¥à¤²à¤¿à¤• सà¥à¤•ूलों में दासता, नसà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¦ और अलगाव के इतिहास को पढ़ाने के पकà¥à¤· में हैं। सिलेबस में AAPI समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के इतिहास को पढ़ाने का को लेकर à¤à¤• समान रूप से समरà¥à¤¥à¤¨ मिला है।
AP-NORC सेंटर के उप निदेशक जेनिफर बेंज ने कहा कि ये निषà¥à¤•रà¥à¤· शैकà¥à¤·à¤¿à¤• मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ की à¤à¤• शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला पर AAPI लोगों के नजरिये को उजागर करते हैं। पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® सामगà¥à¤°à¥€ से लेकर उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ तक उनके विचार को बताते हैं। समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के कई लोग अपने सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ सà¥à¤•ूलों को ककà¥à¤·à¤¾ में कम पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ वाले समूहों के इतिहास को संबोधित करते हà¥à¤ देखना चाहते हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लगता है कि शिकà¥à¤·à¤•ों और माता-पिता को उन पà¥à¤°à¤•ार के निरà¥à¤£à¤¯à¥‹à¤‚ पर अधिक इनपà¥à¤Ÿ होना चाहिà¤à¥¤
सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ में यह à¤à¥€ पाया गया कि नसà¥à¤² के बारे में पढ़ाने के लिठमजबूत समरà¥à¤¥à¤¨ है। सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• सेकà¥à¤¸ और कामà¥à¤•ता से संबंधित शिकà¥à¤·à¤£ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर AAPI वयसà¥à¤• 53 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ पकà¥à¤· में और 19 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ विरोध में हैं। शिकà¥à¤·à¤¾ की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ के संबंध में दस में से चार AAPI वयसà¥à¤• अपने राजà¥à¤¯ में सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• और निजी दोनों K-12 सà¥à¤•ूलों को सकारातà¥à¤®à¤• रूप से रेट करते हैं। लगà¤à¤— आधे सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• कॉलेजों या 2-वरà¥à¤·à¥€à¤¯ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के बारे में समान महसूस करते हैं। जबकि सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• 4-वरà¥à¤·à¥€à¤¯ कॉलेज और विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के बारे में 65 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ या अचà¥à¤›à¥‡ के रूप में रेटिंग देते हैं।
सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ में उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण का à¤à¥€ पता लगाया गया। AAPI वयसà¥à¤•ों के लगà¤à¤— आधे (48 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤) नौकरी हासिल करने के लिठचार साल की कॉलेज की डिगà¥à¤°à¥€ को आवशà¥à¤¯à¤• मानते हैं। हालांकि, धन संचय (43 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤) और नागरिक जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ (42 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤) के लिठयह à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ थोड़ी कम है। AAPI डेटा के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• और निदेशक कारà¥à¤¤à¤¿à¤• रामकृषà¥à¤£à¤¨ ने कहा कि ये निषà¥à¤•रà¥à¤· AAPI की पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ रूढ़िवादिता को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ देते हैं। उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ के संबंध में केवल कठिन कौशल और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता दी जाती है।
यह अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ à¤à¤• अधिक सूकà¥à¤·à¥à¤® और पूरे पिकà¥à¤šà¤° का खà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¾ करता है। यह बताता है कि AAPI वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ न केवल अपने वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• वैलà¥à¤¯à¥‚ बलà¥à¤•ि महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सोच को बढ़ावा देने के लिठशिकà¥à¤·à¤¾ को महतà¥à¤µ देते हैं। यह राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ सरà¥à¤µà¥‡ 8-17 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² 2024 तक आयोजित किया गया था। AAPI सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ में अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€, मंदारिन, कैंटोनीज, वियतनामी और कोरियाई में आयोजित किठगठथे।
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