à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के अशà¥à¤µà¤¿à¤¨ रामासà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने हाल ही में जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ के 48वें जिले से डेमोकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ में जीत हासिल करके सबको चौंका दिया था। अब जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ से सीनेट के लिठउनका मà¥à¤•ाबला रिपबà¥à¤²à¤¿à¤•न नेता शॉन सà¥à¤Ÿà¤¿à¤² से होगा। अगर अशà¥à¤µà¤¿à¤¨ जीते तो वह जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ से सीनेट पहà¥à¤‚चने वाले न सिरà¥à¤« पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकी होंगे, बलà¥à¤•ि जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ से सबसे कम उमà¥à¤° के सांसद होने का खिताब à¤à¥€ अपने नाम कर लेंगे। उनकी इस कामयाबी को यूà¤à¤¸à¤ टà¥à¤¡à¥‡ ने फीचर किया है।
24 वरà¥à¤·à¥€à¤¯ अशà¥à¤µà¤¿à¤¨ रामासà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ के जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ सीनेट के लिठकैंपेन ने राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर लोगों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ किया है। जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ के 48वें जिले की सीनेट सीट सबसे उथल पà¥à¤¥à¤² वाली सीट रही है। इस चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में उनके पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤‚दी शॉन सà¥à¤Ÿà¤¿à¤² को 2020 के चà¥à¤¨à¤¾à¤µ परिणामों में हेरफेर के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ के लिठपूरà¥à¤µ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के साथ दोषी ठहराया जा चà¥à¤•ा है।
When Trump fired my boss, he had no idea what he unleashed.
— Ashwin Ramaswami (@ashwinforga) May 27, 2024
Enough is enough. If our elected officials don't stand up for the sake of honesty and integrity, I will.https://t.co/os4hHlFcCK
अशà¥à¤µà¤¿à¤¨ रामासà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने अब à¤à¤•à¥à¤¸ पर यूà¤à¤¸à¤ टà¥à¤¡à¥‡ का लेख शेयर करते हà¥à¤ लिखा कि जब टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने मेरे बॉस को नौकरी से निकाल दिया था, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पता नहीं था कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कà¥à¤¯à¤¾ गलती कर दी है। बस बहà¥à¤¤ हो गया। अगर हमारे निरà¥à¤µà¤¾à¤šà¤¿à¤¤ नेता ईमानदारी और अखंडता के लिठखड़े नहीं होते हैं तो यह काम अब मैं करूंगा।
यूà¤à¤¸à¤ टà¥à¤¡à¥‡ ने लेख में लिखा है कि अशà¥à¤µà¤¿à¤¨ रामासà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ 2020 के आखिर में जब साइबर सिकà¥à¤¯à¥‹à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ à¤à¤‚ड इनà¥à¤«à¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤šà¤° सिकà¥à¤¯à¥‹à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ à¤à¤œà¥‡à¤‚सी में इंटरà¥à¤¨ थे, तब पूरà¥à¤µ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने उनके बॉस को नौकरी से निकाल दिया था। उनका दोष सिरà¥à¤« इतना था कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में वोटर फà¥à¤°à¥‰à¤¡ के टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के दावों का सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• रूप से चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ दी थी।
जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ में पॉलिटिकल साइंस के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° चारà¥à¤²à¥à¤¸ à¤à¤¸ बà¥à¤²à¥‰à¤• कहते हैं कि 2020 के चà¥à¤¨à¤¾à¤µ के बाद 48वें जिले का खाका फिर से खींचा गया था। तà¤à¥€ से वह रिपबà¥à¤²à¤¿à¤•न के फेवर वाला जिला बना हà¥à¤† है। 2022 के मधà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤§à¤¿ चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में शॉन सà¥à¤Ÿà¤¿à¤² ने डेमोकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¥€ से 13 फीसदी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मतों से जीत दरà¥à¤œ की थी। à¤à¤¸à¥‡ में अशà¥à¤µà¤¿à¤¨ रामासà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ की राह आसान नहीं है।
हालांकि डेमोकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ को उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि अशà¥à¤µà¤¿à¤¨ के जरिठवह इस बार जीत दरà¥à¤œ करके नया इतिहास रच सकते हैं। उनकी उमà¥à¤®à¥€à¤¦ की वजह पिछले कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में इलाके में विविध समूहों के आकर बसने से जनसांखà¥à¤¯à¤•ीय आबादी में आया बदलाव है।
बà¥à¤²à¥‰à¤• उदाहरण देते हà¥à¤ कहते हैं कि जिले के सबसे दकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€ इलाके में डेमोकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¥€ को वोट मिलते रहे हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहां पर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ लोगों की आबादी बढ़ रही है। à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– वजह ये à¤à¥€ है कि इलाके के कॉलेज में पढ़े लिखे वोटर इस बात को à¤à¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ को तैयार नहीं हैं कि 2020 के चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में रिपबà¥à¤²à¤¿à¤•ंस ने हेराफेरी नहीं की थी। बà¥à¤²à¥‰à¤• ने आखिर में कहा कि कहने का मतलब ये है कि अशà¥à¤µà¤¿à¤¨ रामासà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ के पास नवंबर में à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ मौका है।
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