रूस और यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ के बीच जंग को 1000 दिन से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ का वकà¥à¤¤ हो गया है। इस महायà¥à¤¦à¥à¤§ में दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ दो खेमों में बंट गई है। यूरोपीय देश, नाटो और अमेरिका का यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ को समरà¥à¤¥à¤¨ है। वहीं, रूस को चीन और उतà¥à¤¤à¤° कोरिया का साथ है। इस बीत कनाडा ने 300 अतिरिकà¥à¤¤ हथियारों पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध बढ़ा दिया है।
दरअसल, मॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² में इकोले पॉलिटेकà¥à¤¨à¤¿à¤• डी मॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² नरसंहार में à¤à¤• बंदूकधारी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 14 महिलाओं की हतà¥à¤¯à¤¾ करने और 13 अनà¥à¤¯ को घायल करने के पैंतीस साल बाद, कनाडा सरकार ने हथियारोंपर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध लगाने के अपने निरंतर कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के à¤à¤• à¤à¤¾à¤— के रूप में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धित सूची में 324 अतिरिकà¥à¤¤ हथियारों को जोड़ा है।
कà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¤ मॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² नरसंहार की 35वीं बरसी की पूरà¥à¤µ संधà¥à¤¯à¤¾ पर कनाडा के सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¥€ डोमिनिक लेबà¥à¤²à¤¾à¤‚क ने 324 अतिरिकà¥à¤¤ हथियारों पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध की घोषणा की। इस तरह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धित हथियारों की संखà¥à¤¯à¤¾ बढ़कर 1824 हो गई है।
डोमिनिक लेबà¥à¤²à¤¾à¤‚क ने कहा कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धित हथियार यà¥à¤¦à¥à¤§ के मैदान के लिठबनाठगठहैं, न कि निजी तौर पर शिकार के लिà¤à¥¤ अतिरिकà¥à¤¤ 324 हथियारों पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध की घोषणा करते हà¥à¤ लेबà¥à¤²à¤¾à¤‚क ने कहा कि “इन हथियारों को अब कनाडा में कानूनी रूप से उपयोग, बेचा या आयात नहीं किया जा सकता है और केवल बेहद सीमित परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में ही सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित या परिवहन किया जा सकता है।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, अतिरिकà¥à¤¤ हथियारों पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध लगाने वाला नया आदेश तà¥à¤°à¤‚त पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ हो गया है, जिन लोगों के पास पहले से ही इन नठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धित हथियारों का कबà¥à¤œà¤¾ है, उनके पास इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वापस करने के लिठ30 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर 2025 तक का समय है।
यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ पर चल रहा विचार
लेबà¥à¤²à¤¾à¤‚क ने कहा कि ओटावा इस पर à¤à¥€ विचार कर रहा है कि कà¥à¤¯à¤¾ रूस के खिलाफ यà¥à¤¦à¥à¤§ में यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ को सहायता के लिठकà¥à¤› पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धित बंदूकें दान की जा सकती हैं?
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login