कà¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤¸à¤¨ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ ने 7 मई को आयोजित वारà¥à¤·à¤¿à¤• कà¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤¸à¤¨ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ रिसरà¥à¤š सिमà¥à¤ªà¥‹à¤œà¤¿à¤¯à¤® के दौरान अपने दो à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकी फेकलà¥à¤Ÿà¥€ मेंबरà¥à¤¸ को वरà¥à¤· 2025 के लिठरिसरà¥à¤š अवॉरà¥à¤¡ से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया है। बता दें, जहां अंजलि जोसेफ को सीनियर रिसरà¥à¤šà¤°, जबकि शà¥à¤°à¥à¤¤à¤¿ नारायणन को जूनियर रिसरà¥à¤šà¤° से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया है।
बता दें, अंजलि जोसेफ , सà¥à¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤¨à¤¬à¤°à¥à¤— कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ वासà¥à¤¤à¥à¤•ला, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ डिजाइन में संपनà¥à¤¨ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·, को रोगी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ दकà¥à¤·à¤¤à¤¾ को बढ़ाने वाले सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ देखà¤à¤¾à¤² वातावरण को डिजाइन करने के लिठजानी जाती है.
बता दें, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा डिजाइन में à¤à¤• राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नेता, जोसेफ ने देश à¤à¤° में सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ लेआउट को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किया है, जिसमें ऑपरेटिंग रूम और रोगी ककà¥à¤· शामिल हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अब कई असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में लागू किया गया है।
रिसरà¥à¤šà¤° अवारà¥à¤¡ से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ होने के बाद जोसेफ ने कहा, "दकà¥à¤·à¤¿à¤£ कैरोलिना और उसके बाहर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं में मरीजों और पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾à¤“ं के जीवन पर सारà¥à¤¥à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालने वाली परियोजनाओं पर काम करने में सकà¥à¤·à¤® होना à¤à¤• सचà¥à¤šà¤¾ सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ से पीà¤à¤šà¤¡à¥€, कैनसस सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ से मासà¥à¤Ÿà¤° डिगà¥à¤°à¥€ और नई दिलà¥à¤²à¥€, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सà¥à¤•ूल ऑफ पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग à¤à¤‚ड आरà¥à¤•िटेकà¥à¤šà¤° से सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤• की डिगà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है।
कौन हैं शà¥à¤°à¥à¤¤à¤¿ नारायणन, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जूनियर रिसरà¥à¤šà¤° अवारà¥à¤¡ से किया गया समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤
पà¥à¤²à¤¾à¤‚ट और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° नारायणन को जलवायॠतनाव के सामने फसल की तनà¥à¤¯à¤•ता में सà¥à¤§à¤¾à¤° के उनके पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ के लिठजूनियर रिसरà¥à¤šà¤° ऑफ द ईयर का पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार मिला। नारायणन का शोध जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ के बीच टिकाऊ कृषि में सहायता करने वाली गरà¥à¤®à¥€ और सूखा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ फसलों को विकसित करने पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ है। नारायणन ने कहा, "मà¥à¤à¥‡ 2025 जूनियर रिसरà¥à¤šà¤° ऑफ द ईयर अवारà¥à¤¡ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करके वासà¥à¤¤à¤µ में समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ महसूस हो रहा है। यह मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ न केवल मेरे काम को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है, बलà¥à¤•ि छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ और पोसà¥à¤Ÿà¤¡à¥‰à¤•à¥à¤Ÿà¤°à¤² विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ सहित मेरी रिसरà¥à¤š टीम के जà¥à¤¨à¥‚न को à¤à¥€ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है। बता दें, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कैनसस सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ से पीà¤à¤šà¤¡à¥€ और à¤à¤®.à¤à¤¸. और केरल कृषि विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से बी.à¤à¤¸. की डिगà¥à¤°à¥€ हासिल की है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login