अमेरिका की कॉरà¥à¤¨à¥‡à¤² यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ उदà¥à¤¯à¥‹à¤—पतियों और परोपकारी शखà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¤à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• रतन टाटा के निधन पर शोक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किया है।
रतन टाटा कॉरà¥à¤¨à¥‡à¤² के पूरà¥à¤µ टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ और विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के सबसे बड़े अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ दानदाताओं में से à¤à¤• रहे हैं। वह सà¥à¤•ॉलरशिप, अनà¥à¤¸à¤‚धान à¤à¤µà¤‚ टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‹à¤œà¥€ इनोवेशन में सहयोग के जरिठअपनी विरासत छोड़कर गठहैं। बता दें कि रतन टाटा का 86 वरà¥à¤· की आयॠमें 9 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर को मà¥à¤‚बई में निधन हो गया। गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° को राजकीय समà¥à¤®à¤¾à¤¨ के साथ उनका अंतिम संसà¥à¤•ार किया गया।
टाटा संस के मानद चेयरमैन और 1991 से 2012 तक टाटा समूह के मà¥à¤–िया रतन टाटा ने सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• à¤à¤²à¤¾à¤ˆ पर फोकस करते हà¥à¤ गà¥à¤°à¥à¤ª की वैशà¥à¤µà¤¿à¤• पहचान बनाई। उनके परोपकारी योगदान खासकर टाटा टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ में शिकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ विकास पर सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ छोड़ा है।
रतन टाटा ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ ही नहीं दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में असाधारण विरासत छोड़ी है। कॉरà¥à¤¨à¥‡à¤² à¤à¥€ इससे अछूता नहीं रहा है। यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के अंतरिम पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट माइकल कोटलिकॉफ ने कहा कि रतन टाटा à¤à¤• उदार हसà¥à¤¤à¥€ थे। वे हमेशा दूसरों की चिंता किया करते थे। उनकी इसी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ ने छातà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ और अनà¥à¤¸à¤‚धान को बढ़ावा दिया जिससे à¤à¤¾à¤°à¤¤ और उसके बाहर लाखों विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की शिकà¥à¤·à¤¾ व सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करके कॉरà¥à¤¨à¥‡à¤² के वैशà¥à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को बढ़ाया।
2008 में टाटा टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿ की ओर से 50 मिलियन डॉलर का योगदान दिया गया था, जिससे टाटा-कॉरà¥à¤¨à¥‡à¤² इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट फॉर à¤à¤—à¥à¤°à¥€à¤•लà¥à¤šà¤° à¤à¤‚ड नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ तैयार हà¥à¤†à¥¤ 2017 में टाटा कंसलà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚सी सरà¥à¤µà¤¿à¤¸à¥‡à¤œ के 50 मिलियन डॉलर निवेश से नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• शहर में कॉरà¥à¤¨à¥‡à¤² टेक के रूजवेलà¥à¤Ÿ दà¥à¤µà¥€à¤ª कैंपस में टाटा इनोवेशन सेंटर बनाने में मदद मिली थी।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक परिवार में 1937 में जनà¥à¤®à¥‡ रतन टाटा ने 1959 में कॉरà¥à¤¨à¥‡à¤² में दाखिला लिया था। पहले उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, उसके बाद आरà¥à¤•िटेकà¥à¤šà¤° में सà¥à¤µà¤¿à¤š किया और फिर बिजनेस में अपनी कामयाबी के à¤à¤‚डे गाड़ दिà¤à¥¤
कॉरà¥à¤¨à¥‡à¤² कॉलेज ऑफ आरà¥à¤•िटेकà¥à¤šà¤° में आरà¥à¤Ÿ à¤à¤‚ड पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग के डीन जे. मीजिन यून ने कहा कि रतन के जीवन को देखते हà¥à¤ मैं न सिरà¥à¤« उनके योगदà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ के लिठआà¤à¤¾à¤°à¥€ हूं बलà¥à¤•ि उनकी दयालà¥à¤¤à¤¾, उदारता के लिठमेरे दिल में गहरा समà¥à¤®à¤¾à¤¨ है। इसने à¤à¤¾à¤°à¤¤ और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में लोगों की जिंदगी सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ में अहम योगदान दिया है।
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