अमेरिका में अवैध पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की समसà¥à¤¯à¤¾ से निपटने के लिठइस चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ साल में à¤à¤• कड़ा विधेयक सीनेट में पेश किया गया है। डेमोकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ सांसदों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ समरà¥à¤¥à¤¿à¤¤ इस बिल का जोर-शोर से पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° किया जा रहा है, हालांकि रिपबà¥à¤²à¤¿à¤•न आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤œà¤¨à¤• रूप से इसकी राह में रोड़ा बनकर खड़े हो गठहैं। उनका मानना है कि यह à¤à¤• 'मरणासनà¥à¤¨' बिल से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤› नहीं है। इस तरह इसके सीनेट में वोटिंग तक पहà¥à¤‚चने के आसार कम ही लग रहे हैं।
अमेरिका में जैसे-जैसे चà¥à¤¨à¤¾à¤µ नजदीक आ रहे हैं, इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ गरमाता जा रहा है। वैसे तो इस पर हमेशा से ही विवाद होता रहा है, लेकिन अब चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ राजनीति इस पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ होती नजर आ रही है। रिपबà¥à¤²à¤¿à¤•न आरोप लगा रहे हैं कि बाइडेन सरकार हजारों पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सीमाओं से बेरोकटोक आवाजाही का मौका दे रही है। हाउस में रिपबà¥à¤²à¤¿à¤•ंस ने तो अà¤à¥‚तपूरà¥à¤µ कदम उठाते हà¥à¤ होमलैंड सिकà¥à¤¯à¥‹à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ के सेकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ à¤à¤²à¥‡à¤œà¤¾à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¥‹ मायोरà¥à¤•ास को महाà¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤— को जरिठहटाने तक की कवायद कर दी। सेकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ पर आरोप लगाया गया कि वह मेकà¥à¤¸à¤¿à¤•ो बॉरà¥à¤¡à¤° को सील करने में नाकाम रहे हैं, जिससे अधिकतर पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ शरण लेने के लिठअमेरिका में दाखिल होते हैं। हालांकि महाà¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤— की ये कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ 6 फरवरी को सदन में वोटिंग के दौरान सिरे नहीं चढ़ पाई।
पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ बिल में यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ और इजराइल को फंडिंग का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ है। इस बिल में कैच à¤à¤‚ड रिलीज यानी पकड़ो और छोड़ो के पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ पर सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिंताà¤à¤‚ उठरही हैं। इस पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ के तहत बॉरà¥à¤¡à¤° के अधिकारियों को यह तय करने का अधिकार होगा कि वे तय कर सकें कि किसी पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ को अमेरिका में शरण पाने योगà¥à¤¯ है या नहीं। अगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लगता है कि कोई पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ शरण के लिठयोगà¥à¤¯ है तो वह उसे कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ के साथ रहने के लिठशरà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के साथ रिहा कर सकते हैं। इस तरह वह तब तक अमेरिका में रहने के योगà¥à¤¯ हो जाता है, जब तक उसकी शरण संबंधी अरà¥à¤œà¥€ पर फैसला नहीं हो जाता। ये à¤à¤• तरह से इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ और कसà¥à¤Ÿà¤® à¤à¤¨à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¸à¤®à¥‡à¤‚ट डिटेंशन में रखने जैसा है।
पूरà¥à¤µ डेमोकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और अब निरà¥à¤¦à¤²à¥€à¤¯ बन चà¥à¤•ी करà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¤¨ सिनेमा ने हाल ही में फेस द नेशन में à¤à¤• इंटरवà¥à¤¯à¥‚ में कहा था कि जो लोग अपने अमेरिकन डà¥à¤°à¥€à¤® को पूरा करने या यहां पर काम करने के लिठअमेरिका के दरवाजे पर आते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हम इकोनोमिक माइगà¥à¤°à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ कहते हैं और शरà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के साथ देश में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ की छूट दे देते हैं। लेकिन नठबिल में पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ है कि à¤à¤¸à¥‡ लोग देश में à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ न कर पाà¤à¤‚। à¤à¤¸à¥‡ लोग शरणारà¥à¤¥à¥€ सिसà¥à¤Ÿà¤® का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— करते हैं, à¤à¤¸à¥‡ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनके मूल देश लौटाने का नियम है।
इस 'कैच à¤à¤‚ड रिलीज' नियम के खतà¥à¤® होने से उन हजारों à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के सामने बड़ी मà¥à¤¶à¥à¤•िल खड़ी होने वाली है, जो अमेरिका में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ पाने की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ लिठअकà¥à¤¸à¤° छह महीने या उससे à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक, पैदल रासà¥à¤¤à¥‡ से कनाडा या मेकà¥à¤¸à¤¿à¤•ो से सटी अमेरिकी सीमा तक पहà¥à¤‚चते हैं। कसà¥à¤Ÿà¤® à¤à¤‚ड बॉरà¥à¤¡à¤° पैटà¥à¤°à¥‹à¤² के आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल इस तरह करब 97 हजार à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शरण पाने की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ लिठसीमा तक पहà¥à¤‚चे थे। इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साल 2020 में इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ महज 20 हजार थी। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ शरण लेकर अपने अमेरिकन डà¥à¤°à¥€à¤® का सफर पूरा करने के लिठसà¥à¤®à¤—लरà¥à¤¸ को 60 लाख से लेकर à¤à¤• करोड़ रूपये तक देते हैं।
शरण पाने के इचà¥à¤›à¥à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ में अधिकतर पंजाब के रहने वाले होते हैं। लेकिन अब इस पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ में बदलाव आ रहा है। जनवरी 2023 में गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ का à¤à¤• परिवार कनाडा से अवैध रूप से अमेरिकी बॉरà¥à¤¡à¤° पार करने की कोशिश में बरà¥à¤« में जमकर खतà¥à¤® हो गया था।
इस नठबिल के पास होने से शरणारà¥à¤¥à¥€ बनकर अमेरिका में घà¥à¤¸à¤¨à¥‡ वालों की राह बेहद मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाà¤à¤—ी। जो थोड़े बहà¥à¤¤ लोग शरण पाने के पातà¥à¤° माने जाà¤à¤‚गे, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आईसीई के डिटेंशन में तब तक रहना होगा, जब तक कि उनके केस पर सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ नहीं हो जाती।
हालांकि ये बिल से कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ को फायदा होगा, जो रोजगार आधारित गà¥à¤°à¥€à¤¨ कारà¥à¤¡ के इंतजार में हैं। साल 2025 से 2029 तक à¤à¤¸à¥‡ 18 हजार à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ को गà¥à¤°à¥€à¤¨ कारà¥à¤¡ दिठजाà¤à¤‚गे। इस बिल में, इन वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ के दौरान पà¥à¤°à¤¿à¤«à¤°à¥‡à¤‚स कैटिगरी में फैमिली बेसà¥à¤¡ गà¥à¤°à¥€à¤¨ कारà¥à¤¡ की लिमिट 32 हजार बढ़ाने का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ है। हालांकि गौर करने की बात ये है कि 15 लाख से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पिछले कà¥à¤› दशकों से गà¥à¤°à¥€à¤¨ कारà¥à¤¡ की वेटिंग लिसà¥à¤Ÿ में अटके हà¥à¤ हैं। इसकी वजह पà¥à¤°à¤¤à¤¿ देश के लिठहर साल 7 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ गà¥à¤°à¥€à¤¨ कारà¥à¤¡ कोटा आवंटित करने का नियम है।
इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ मामलों के अटॉरà¥à¤¨à¥€ साइरस मेहता ने टà¥à¤µà¥€à¤Ÿ में कहा था कि इस बिल में पसंद और नापसंद करने जैसा कà¥à¤› नहीं है। संगठन à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ अमेरिकंस à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚सिंग जसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ तो अपने बयान में आरोप लगा चà¥à¤•ा है कि सीनेट में पेश ये बिल अपमानजनक, अनैतिक और अपà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ है जो विदेशी फंडिंग के बदले शरणारà¥à¤£à¥€ सिसà¥à¤Ÿà¤® को तबाह कर देगा।
संगठन का कहना है कि राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ बाइडेन संकेत दे चà¥à¤•े हैं कि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ से पास होने पर वह इस बिल पर दसà¥à¤¤à¤–त कर देंगे। यह à¤à¤• तरह से इंसानी गरिमा को कायम रखने की अपनी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से पीछा छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ जैसा होगा।
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