आजकल के दौर में शारीरिक पीड़ा से बहà¥à¤¤ से लोग परेशान हैं। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में इससे छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के तीन पà¥à¤°à¤®à¥à¤– मंतà¥à¤° बताठगठहैं। इनके बारे में जानकारी देते हà¥à¤ बनारस हिंदू विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के चिकितà¥à¤¸à¤¾ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के असिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° वैदà¥à¤¯ सà¥à¤¶à¥€à¤² दà¥à¤¬à¥‡ ने कहा कि दरà¥à¤¦ कम करने के उपायों के तीन पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤¤à¤‚ठहैं- आहार, नींद और बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤šà¤°à¥à¤¯à¥¤ ये इतने कारगर हैं कि आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤ªà¤° मेडिसिन बताया गया है।
दà¥à¤¬à¥‡ ने बताया कि दरà¥à¤¦à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤°à¤• के तौर पर तीन तरह के उपाय अमल में लाठजाते हैं, जो हैं à¤à¤¨à¤¾à¤²à¥à¤œà¥‡à¤¸à¤¿à¤•, à¤à¤‚टीपायरेटिक और à¤à¤‚टी इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि जिस तरह पूरा बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड तीन ततà¥à¤µà¥‹à¤‚- सूरà¥à¤¯, चंदà¥à¤°à¤®à¤¾ और वायॠदà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शासित है, उसी तरह हमारा शरीर वात (अंतरिकà¥à¤· व वायà¥), पितà¥à¤¤ (अगà¥à¤¨à¤¿ व जल) और कफ (पृथà¥à¤µà¥€ व जल) के संतà¥à¤²à¤¨ से कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को पूरा करता है।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आगे कहा कि अगर आप गौर से देखें तो पाà¤à¤‚गे कि गैस जो कि दूसरी व तीसरी अवसà¥à¤¥à¤¾ है, हमारे शरीर के समसà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ करती है। देखा जाठतो गैस ही मूवमेंट का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण है। इसी मूवमेंट की वजह से शरीर में अलग अलग जगहों पर दरà¥à¤¦ होता है।
दà¥à¤¬à¥‡ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के उपयोग से गैर-संचारी रोगों के इलाज à¤à¤µà¤‚ रोकथाम पर बीà¤à¤šà¤¯à¥‚ में शोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि शोध के दौरान हमने आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ पर आधारित आहार पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ तैयार करने का छोटा सा पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया है। आहार की à¤à¤• शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला होनी चाहिà¤à¥¤ अगर हम इसका पालना करते हैं तो यह शरीर के लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद हो सकता है।
दà¥à¤¬à¥‡ सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट सबसे पहले फल खाने का सà¥à¤à¤¾à¤µ देते हैं। उनका कहना है कि इससे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में तृपà¥à¤¤à¤¿ का संकेत जाता है, जो ओवर ईटिंग को रोकता है। अगर हम सबसे पहले फलों का रस पीते हैं तो यह गैर-संचारी रोगों को रोकने के लिठहमारा पहला उपाय हो सकता है। हालांकि जिन लोगों को डायबीटीज जैसी अनà¥à¤¯ बीमारियां हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह लेकर ही करना चाहिà¤à¥¤
दà¥à¤¬à¥‡ ने इंटरमिटेंट फासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग के फायदों का जिकà¥à¤° करते हà¥à¤ कहा कि रात का खाना हलà¥à¤•ा होना चाहिà¤à¥¤ अगर हम फल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाà¤à¤‚, बाकी चीजें कम करें और खाने में कà¥à¤› डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ à¤à¥€ शामिल करें तो इस तरह हम बिना फासà¥à¤Ÿ फूड के à¤à¥€ वà¥à¤°à¤¤ रख सकते हैं।
बायोकेमिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ और मॉलिकà¥à¤¯à¥‚लर बायोलॉजी की सà¥à¤•ॉलर यामिनी à¤à¥‚षण तà¥à¤°à¤¿à¤ªà¤¾à¤ ी का कहना है कि आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ इलाज का ही à¤à¤• तरीका है। पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• विकलà¥à¤ª के तौर पर हरà¥à¤¬à¤² दवाओं का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है। वो संà¤à¤µ नहीं है तो खनिज यानी मिनरलà¥à¤¸ से इलाज किया जाता है। अगर इससे à¤à¥€ काम न बने तो पशॠउतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ कैा पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने की सलाह दी जाती है।
(उपायों को आजमाने से पहले अपने चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह अवशà¥à¤¯ लें)
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