बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° सà¥à¤¬à¤¹ अमृतसर में सà¥à¤µà¤°à¥à¤£ मंदिर के बाहर सेवादार की डà¥à¤¯à¥‚टी निà¤à¤¾ रहे शिरोमणि अकाली दल (शिअद) पà¥à¤°à¤®à¥à¤– और पंजाब के पूरà¥à¤µ उपमà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ सà¥à¤–बीर सिंह बादल पर गोली चली। हमलावर की पहचान पूरà¥à¤µ खालिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ आतंकवादी नारायण सिंह चौरा के रूप में हà¥à¤ˆ है। पà¥à¤²à¤¿à¤¸ सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ अकाल फेडरेशन के पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– चौरा ने सिख उगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ पर किताबें लिखी हैं। 1995 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ लौटने से पहले चौरा तीन बार पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ जा चà¥à¤•ा था।
चौरा पंजाब के पूरà¥à¤µ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ बेअंत सिंह हतà¥à¤¯à¤¾à¤•ांड में संदिगà¥à¤§ रह चà¥à¤•ा है। वह 2004 के बà¥à¤°à¥ˆà¤² जेल से à¤à¤¾à¤—ने के मामले में à¤à¥€ कथित रूप से शामिल था, जिसमें बेअंत सिंह के हतà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‡ और बबà¥à¤¬à¤° खालसा इंटरनेशनल के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– जगतार सिंह हवारा चार विचाराधीन कैदियों के साथ जेल की बैरक नंबर 7 से सà¥à¤°à¤‚ग खोदकर à¤à¤¾à¤— गठथे। यह सनसनीखेज à¤à¤¾à¤—ने की घटना 21 जनवरी 2004 की रात को घटी थी।
कम से कम 30 मामलों में वांछित
चौरा पर करीब 30 मामले दरà¥à¤œ हैं, जिनमें से à¤à¤• 8 मई 2010 को अमृतसर के सिविल लाइनà¥à¤¸ पà¥à¤²à¤¿à¤¸ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ में विसà¥à¤«à¥‹à¤Ÿà¤• अधिनियम के तहत दरà¥à¤œ किया गया था। वह अमृतसर, तरनतारन और रोपड़ में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दरà¥à¤œ मामलों में à¤à¥€ वांछित था। उसे 28 फरवरी, 2013 को तरनतारन के जलालाबाद गांव से गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° किया गया था और वे जमानत पर बाहर थे।
पà¥à¤²à¤¿à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, चौरा 1984 में पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ चला गया था और आतंकवाद के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दौर में पंजाब में हथियारों और विसà¥à¤«à¥‹à¤Ÿà¤•ों की बड़ी खेपों की तसà¥à¤•री में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆ थी। पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में रहते हà¥à¤ उसने कथित तौर पर गà¥à¤°à¤¿à¤²à¥à¤²à¤¾ यà¥à¤¦à¥à¤§ पर किताबें लिखीं।
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