दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ महान संत तिरà¥à¤µà¤²à¥à¤²à¥à¤µà¤° की विशाल पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ का फà¥à¤°à¤¾à¤‚स के सेरà¥à¤—ी शहर में अनावरण किया गया है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी ने इस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ को à¤à¤¾à¤°à¤¤ और फà¥à¤°à¤¾à¤‚स के साà¤à¤¾ सांसà¥à¤•ृतिक संबंधों का à¤à¤• सà¥à¤‚दर उदाहरण करार दिया है।
Thiruvalluvar statue in Cergy, France is a beautiful testament to our shared cultural bonds. Thiruvalluvar stands tall as a symbol of wisdom and knowledge. His writings motivate millions across the world. https://t.co/yaDbtXpOzb pic.twitter.com/UJiX5k5myW
— Narendra Modi (@narendramodi) December 10, 2023
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ विदेश मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¤¸ जयशंकर ने बताया कि पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोदी जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ में जब बैसà¥à¤Ÿà¤¿à¤² दिवस के अवसर पर पेरिस की यातà¥à¤°à¤¾ पर गठथे, उस दौरान उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इस मूरà¥à¤¤à¤¿ की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ को लेकर अपनी इचà¥à¤›à¤¾ जाहिर की थी। अब पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ का अनावरण करके फà¥à¤°à¤¾à¤‚स सरकार ने पीà¤à¤® मोदी के उसी इचà¥à¤›à¤¾ को पूरा किया है।
विदेश मंतà¥à¤°à¥€ जयशंकर ने कहा कि तिरà¥à¤µà¤²à¥à¤²à¥à¤µà¤° की यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ अनगिनत लोगों को उनके नेक विचारों का पालन करने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करेगी। यह सिरà¥à¤« à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ नहीं है बलà¥à¤•ि à¤à¤¾à¤°à¤¤ और फà¥à¤°à¤¾à¤‚स के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांसà¥à¤•ृतिक संबंधों का à¤à¤• और पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है। यह दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में संदेश देती है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ और फà¥à¤°à¤¾à¤‚स सचà¥à¤šà¥‡ मितà¥à¤° हैं।
ईसा पूरà¥à¤µ पहली शताबà¥à¤¦à¥€ में जनà¥à¤®à¥‡ तिरà¥à¤µà¤²à¥à¤²à¥à¤µà¤° की यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ राजधानी पेरिस के पास सेरà¥à¤—ी शहर में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ की गई है। इसके उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में सेरà¥à¤—ी के मेयर जीनडॉन और पà¥à¤¡à¥à¤šà¥‡à¤°à¥€ के मंतà¥à¤°à¥€ के लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤¨à¤¾à¤°à¤¾à¤¯à¤£ सहित अनà¥à¤¯ अधिकारी à¤à¤µà¤‚ नेता उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ थे। फà¥à¤°à¤¾à¤‚स में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के दूत जावेद अशरफ ने टà¥à¤µà¥€à¤Ÿ करके पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ के उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ की जानकारी दी।
तिरà¥à¤µà¤²à¥à¤²à¥à¤µà¤° के बारे में बताà¤à¤‚ तो उतà¥à¤¤à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ में तà¥à¤²à¤¸à¥€, सूरदास, कबीर और रसखान जैसे कवियों का जो पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है, उसी तरह का दरà¥à¤œà¤¾ दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में संत तिरà¥à¤µà¤²à¥à¤²à¥à¤µà¤° को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है। दकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में उनके रचित गà¥à¤°à¤‚थ और संगà¥à¤°à¤¹ रामचरितमानस की तरह पढ़े जाते हैं।
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