मोहनदास करमचंद गांधी, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ महातà¥à¤®à¤¾ गांधी के नाम से जाना जाता है, वो à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ हसà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤®à¥à¤– थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 20वीं सदी में बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ शासन के खिलाफ अहिंसक आंदोलन का नेतृतà¥à¤µ किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इस आंदोलन के साथ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में अहिंसा के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपने सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों ने लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किया। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ शासन के दौरान आजादी के लड़ाई के समय की कà¥à¤› दà¥à¤°à¥à¤²à¤ तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ में आज à¤à¥€ मौजूद हैं।
लेकिन बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶-अमेरिकी कलाकार कà¥à¤²à¥‡à¤¯à¤° लीटन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 1931 में बनाई गई पेंटिंग को ही à¤à¤•मातà¥à¤° à¤à¤¸à¤¾ तेल चितà¥à¤° माना जाता है, जिसके लिठउनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पेंटिंग बनाई थी, यह बात चितà¥à¤°à¤•ार के परिवार और बोनहमà¥à¤¸ ने कही है, जहां 7 से 15 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ तक ऑनलाइन नीलामी की जाà¤à¤—ी। पहली बार नीलामी में जाने वाली इस पेंटिंग के £50,000 से £70,000 ($68,000 और $95,000) के बीच बिकने का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ है।
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