जॉरà¥à¤œ मेसन यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ का कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग à¤à¤‚ड कंपà¥à¤¯à¥‚टिंग (सीईसी) कृषि चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से निपटने के लिठकृतà¥à¤°à¤¿à¤® बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¤à¥à¤¤à¤¾ (à¤à¤†à¤ˆ) का उपयोग करने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨-रोपड़ (आईआईटी-रोपड़) के साथ काम कर रहा है। इसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में फसल की पैदावार को बढ़ाना है। इसके लिठà¤à¤†à¤ˆ तकनीक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाà¤à¤—ा। 40 मिलियन डॉलर की यह परियोजना à¤à¤¾à¤°à¤¤ के शिकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ की पहल के बाद हाल ही में घोषित किया गया था। जॉरà¥à¤œ मेसन के इस पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ का नेतृतà¥à¤µ सीईसी के डिवीजनल डीन और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤‚शी गà¥à¤°à¤¦à¥€à¤ª सिंह कर रहे हैं।
दोनों संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² इंटेलिजेंस (à¤à¤†à¤ˆ) में तीन उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ (सीओई) में से à¤à¤• बनने के लिठसहयोग करने की योजना बना रहे हैं, जो दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के à¤à¤¾à¤—ीदारों के साथ सहयोग के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤¾à¤°à¤¤ के à¤à¤†à¤ˆ पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤•ी तंतà¥à¤° को बेहतर बनाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं। यह सहयोग à¤à¤¾à¤°à¤¤ के शिकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पिछले सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ के लिठकिठगठआहà¥à¤µà¤¾à¤¨ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प हà¥à¤†à¥¤ इसमें फसल की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤°, नà¥à¤•सान को कम करने और जैव विविधता को बढ़ाने के लिठà¤à¤†à¤ˆ-आधारित समाधान विकसित करने पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ है।
इस पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ का नेतृतà¥à¤µ कर रहे सीईसी डिवीजनल डीन गà¥à¤°à¤¦à¥€à¤ª सिंह ने कहा, "कृषि तरीकों और फसल की पैदावार में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने की जबरदसà¥à¤¤ इचà¥à¤›à¤¾ है।" यह सहयोग कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® जनवरी 2024 में वाशिंगटन, डी.सी. समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ के दौरान सिंह और आईआईटी-रोपड़ के निदेशक राजीव आहूजा के बीच मंतà¥à¤°à¤£à¤¾ के बाद शà¥à¤°à¥‚ किया गया। आईआईटी-रोपड़ का पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ इस पहल के लिठ55 पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है।
$40 मिलियन की यह चार-वरà¥à¤·à¥€à¤¯ परियोजना अंतःविषय अनà¥à¤¸à¤‚धान, अनà¥à¤ªà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— विकास और सà¥à¤•ेलेबल समाधानों को वितà¥à¤¤à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ करेगी। यह पहल वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• समय में à¤à¤†à¤ˆ-संचालित कृषि सलाह, जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ और पारंपरिक और वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के à¤à¤•ीकरण जैसे मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को संबोधित करेगी।
परियोजना का नेतृतà¥à¤µ करने वाले आईआईटी-रोपड़ के अनà¥à¤¸à¤‚धान और पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी के डीन पà¥à¤·à¥à¤ªà¥‡à¤‚दà¥à¤° सिंह ने कहा, "सीओई किसानों से जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡, उनकी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥à¤¯ à¤à¤†à¤ˆ-आधारित आरà¥à¤¥à¤¿à¤• समाधान विकसित करने के लिठआईआईटी-रोपड़ के वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ ढांचे का लाठउठाà¤à¤—ा।"
जॉरà¥à¤œ मेसन à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के दौरों की मेजबानी करेंगे और इस पहल के लिठछातà¥à¤°à¥‹à¤‚ और शिकà¥à¤·à¤•ों की à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ करेंगे। गà¥à¤°à¤¦à¥€à¤ª सिंह, जो अब आईआईटी-रोपड़ में सहायक संकाय की à¤à¥‚मिका में हैं, ने कहा, "आने वाले महीनों में हम इस परियोजना पर काम करने के लिठछातà¥à¤°à¥‹à¤‚ और संकाय की तलाश करेंगे।"
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