संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° ने चेतावनी दी है कि यूरोपीय देशों और पशà¥à¤šà¤¿à¤® à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¥€à¤·à¤£ यà¥à¤¦à¥à¤§ के बीच दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के कई देशों में लोग à¤à¥à¤–मरी से जूठरहे हैं। यूà¤à¤¨ ने अपनी चौंकाने वाली रिपोरà¥à¤Ÿ में दावा किया है कि 2025 में कम से कम 117 मिलियन की आबादी à¤à¥à¤–मरी के कगार पर होगी। इसके पीछे की मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के धनी देशों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मदद की कटौती है। इसमें अमेरिका, चीन, à¤à¤¾à¤°à¤¤ और रूस का à¤à¥€ नाम है। रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, चीन, रूस और à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने मिलकर à¤à¥€ 1 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक फंडिंग नहीं दी।
संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° में सहायक कारà¥à¤¯à¤•ारी निदेशक रानिया दगाश-कामारा ने कहा, मारà¥à¤š में सीरिया का दौरा करके हमने à¤à¥à¤–मरी को अपनी आंखों से देखा। हजारों लोगों को दो वकà¥à¤¤ का खाना à¤à¥€ नसीब नहीं हो रहा है। यूà¤à¤¨ ने कहा कि 2024 में ही गरीब देशों में रह रहे लोगों के à¤à¥‹à¤œà¤¨ के लिठसिरà¥à¤« 46 फीसदी धन ही मिल पाया। यह लगातार दूसरा वरà¥à¤· है जब विशà¥à¤µ निकाय को मांग के आधे से à¤à¥€ कम की राशि मिल पाई। इस कमी ने गंà¤à¥€à¤° मानवीय संकट पैदा कर दिया है।
टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª सरकार पर निगाहें, à¤à¤¾à¤°à¤¤ का à¤à¥€ कम योगदान
संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के सबसे बड़े दानदाताओं में से à¤à¤• जरà¥à¤®à¤¨à¥€ ने 2023 से 2024 तक पहले ही 500 मिलियन डॉलर की फंडिंग कम कर दी है। मानवीय संगठन à¤à¥€ इस बात पर नजर रख रहे हैं कि जनवरी में अपना दूसरा कारà¥à¤¯à¤•ाल शà¥à¤°à¥‚ करने के बाद अमेरिकी राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿-चà¥à¤¨à¤¾à¤µ डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ रखते हैं? टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª सलाहकारों ने अà¤à¥€ यह नहीं बताया है कि वह मानवीय सहायता कैसे करेंगे, लेकिन उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने पहले कारà¥à¤¯à¤•ाल में अमेरिकी फंडिंग में कटौती करने की मांग की थी। संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° योगदान डेटा के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की तीन अनà¥à¤¯ शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ चीन, रूस और à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने सामूहिक रूप से मानवीय वितà¥à¤¤ पोषण में 1% से à¤à¥€ कम योगदान दिया।
अमेरिका का अकेले 38 फीसदी तक योगदान
अमेरिका दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में à¤à¥à¤–मरी को रोकने और उससे निपटने में अगà¥à¤°à¤£à¥€ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। इसने पिछले पांच वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में 64.5 बिलियन डॉलर की मानवीय सहायता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की। यह संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दरà¥à¤œ किठगठà¤à¤¸à¥‡ कà¥à¤² योगदान का कम से कम 38% है। मानवीय सहायता का अधिकांश हिसà¥à¤¸à¤¾ अमेरिका, जरà¥à¤®à¤¨à¥€ और यूरोपीय आयोग से आता है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 2020 से 2024 तक 170 बिलियन डॉलर का योगदान दिया है।
किन देशों में à¤à¥à¤–मरी जैसे हालात
2023 में 59 देशों और कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में लगà¤à¤— 282 मिलियन लोग à¤à¥à¤–मरी के कगार पर थे। इसमें बà¥à¤°à¥€ तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ देशों में सूडान, मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार और अफगानिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ शामिल हैं।
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