इस साल मदरà¥à¤¸ डे वीकेंड के शनिवार को कैलिफोरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के बà¥à¤°à¥‡à¤‚टवà¥à¤¡ में वेरी बेरी फारà¥à¤® में 4000 लोग जà¥à¤Ÿà¥‡ थे। ये सà¤à¥€ इस मौके पर पेड़ों से शहतूत के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को लेने के लिठइकटà¥à¤ ा हà¥à¤ थे। दो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की à¤à¤• मां ने कहा, यह à¤à¤• मातृ दिवस का à¤à¤• खास उपहार है जो मैंने खà¥à¤¦ को दिया है। वह पहली बार शहतूत चख रही थीं। शहतूत फारसी फलों में से à¤à¤• है।
अनीता मनवानी ने अपनी सहेलियों के साथ मिलकर पेड़ों से फल तोड़े। वह सà¥à¤¬à¤¹ 7.30 बजे घर से निकली थीं और सà¥à¤¬à¤¹ 9 बजे फारà¥à¤® खà¥à¤²à¤¨à¥‡ से पहले ही पहà¥à¤‚च गई थी। जब वह पहà¥à¤‚ची, तो वहां पहले से ही पारà¥à¤•िंग कारों से à¤à¤°à¥€ हà¥à¤ˆ थी। अनिल गोधवानी ने कहा कि आज यहां लोग उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ हैं। हमारे पास 4000 लोग हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने लता कृषà¥à¤£à¤¨ और अजय शाह को पारà¥à¤•िंग सà¥à¤¥à¤² पर मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ करने के लिठहाथ हिलाया।
TiE के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· के रूप में मनवानी ने TiEcon समारोह में उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ लोगों के साथ फल के लिठअपने पà¥à¤¯à¤¾à¤° को साà¤à¤¾ किया। फलों से लदी मेजों ने 2023 में TiEcon परà¥à¤µ में काफी छाप छोड़ी थी। मनवानी ने कहा कि 2024 के परà¥à¤µ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• टेबल पर शहतूत से à¤à¤°à¥‡ कटोरे परोसे गठहै, ताकि यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ किया जा सके कि सà¤à¥€ को सà¥à¤µà¤¾à¤¦ मिले। जलसा खानपान ने शहतूत के साथ गà¥à¤²à¤¾à¤¬ फिरनी परोसी।
शहतूत Habitera के खेतों से सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ उपहार थे। अनिल गोधवानी à¤à¤• सफल उदà¥à¤¯à¤®à¥€ हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने à¤à¤¾à¤ˆ गौतम और दोसà¥à¤¤ सà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ के साथ Habitera फारà¥à¤®à¥à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ किया है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सफल इंडिया कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ सेंटर à¤à¥€ बनाया है। अब वह अपने समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लिठविटामिन सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र, कम गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• फल पेश करना चाहते हैं।
इस फल को पेड़ से तोड़कर ही अचà¥à¤›à¥‡ तरीके से खाया जाता है। शहतूत दà¥à¤°à¥à¤²à¤ उपचार में à¤à¥€ काम करती है। ये फल कैलिफोरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के आसपास किसान बाजारों में दिखाई दे सकते हैं। जहां पà¥à¤°à¤¶à¤‚सक मई और जून के महीनों में इसे खरीद सकते हैं। फरसी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° इसके सूखे संसà¥à¤•रण बेचते हैं।
अपने बचपन में इस फल की यादों का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ चखने के लिठकैलिफोरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के फà¥à¤°à¥‡à¤®à¥‹à¤‚ट में अपने बरामदे में कà¥à¤› पेड़ उगाने वाले अनिल गोधवानी ने कहा, इसे अचà¥à¤›à¥€ तरह से कहीं ले जा नहीं सकते हैं, इसकी लाइफ कम होती है। शहतूत या 'फिट फॉर रॉयलà¥à¤Ÿà¥€' किसी के दिल में अपना रासà¥à¤¤à¤¾ बनाने का à¤à¤• तरीका है। इसकी शराब के रंग की मिठास, आपके मà¥à¤‚ह की कोमलता में पिघल जाती है। ये लंबे बà¥à¤²à¥ˆà¤•बेरी की तरह दिखते हैं लेकिन à¤à¤• शानदार मिठास के साथ।
बà¥à¤°à¥‡à¤‚टवà¥à¤¡ में हैबिटेरा फारà¥à¤® ने इसे विकसित करने और साà¤à¤¾ करने के लिठबà¥à¤°à¤¾à¤‚ड वेरी शहतूत बनाया। वे बैंगनी पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ शहतूत उगाते हैं। पेड़ लगà¤à¤— तीन या चार वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में तैयार हो जाता है। शहतूत को बाजारों और बà¥à¤°à¥‡à¤‚टवà¥à¤¡ के खेत में खरीदा जा सकता है।
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