जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के छातà¥à¤° की बेरहमी से की गई हतà¥à¤¯à¤¾ के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। जहां वारदात को अंजाम दिया गया वहां काम करने वाले लोगों में दहशत है। घटना 15 जनवरी, लिथोनिया की है। बताया जाता है कि हतà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¾ बेघर है। विवेक सैनी नाम का छातà¥à¤° मूल रूप से à¤à¤¾à¤°à¤¤ के हरियाणा राजà¥à¤¯ का था और यहां à¤à¤• फूड मारà¥à¤Ÿ में पारà¥à¤Ÿ टाइम काम à¤à¥€ करता था।
जिस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पर छातà¥à¤° की हतà¥à¤¯à¤¾ का आरोप है उसका नाम जूलियन फॉकनर है। फॉकनर के पास अपना घर नहीं था। जिस सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° में फॉकनर रह रहा था छातà¥à¤° ने उससे वहां से चले जाने को कहा था। बस इसी बात पर फॉकनर को गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आ गया और उसने छातà¥à¤° पर हमला बोल दिया।
सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° में काम करने वाले à¤à¤• करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ ने सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ चैनल को बताया कि फॉकनर ने उनसे चिपà¥à¤¸ और कोक मांगी थी। हमने उसे सब कà¥à¤› दिया। पानी à¤à¥€ दिया। फिर उसने कहा कि कà¥à¤¯à¤¾ उसे कंबल मिल सकता है। करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ ने कहा कि हमारे पास कंबल नहीं है लिहाजा मैंने उसे अपनी जैकेट दे दी। मगर उसके बाद à¤à¥€ वह कà¤à¥€ बाहर जा रहा था और फिर कà¤à¥€ लौट रहा था। इसी के साथ वह सिगरेट, पानी और बहà¥à¤¤ सी चीजें मांग रहा था। वह सारा समय बैठा रहता था और हमने कà¤à¥€ उससे जाने को à¤à¥€ नहीं कहा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हम जानते हैं कि ठंड कड़ाके की है।
मगर 15 जनवरी को सैनी ने फॉकनर से चले जाने को कहा। यह कहकर जैसे ही सैनी जाने लगा तो फॉकनर ने उस पर हथौड़े से हमला कर दिया। हमला इतना जबरà¥à¤¦à¤¸à¥à¤¤ था कि सैनी की मौत हो गई।
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