à¤à¤•ेडमी ऑफ साइंस इंजीनियरिंग à¤à¤‚ड मेडिसिन ऑफ फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤¡à¤¾ (à¤à¤à¤¸à¤ˆà¤à¤®à¤à¤«à¤à¤²) ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤‚त महापातà¥à¤°, दीपेन जे. पारेख और रणजय घोष के साथ-साथ राइजिंग सà¥à¤Ÿà¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार विजेता हरिओम यादव को समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया है। ये समà¥à¤®à¤¾à¤¨ बीते 1 नवंबर को सेंटà¥à¤°à¤² फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤¡à¤¾ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के रोसेन कॉलेज ऑफ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¥ˆà¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ मैनेजमेंट में à¤à¤à¤¸à¤ˆà¤à¤®à¤à¤«à¤à¤² की वारà¥à¤·à¤¿à¤• बैठक में दिठगà¤à¥¤
दकà¥à¤·à¤¿à¤£ फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤¡à¤¾ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के पà¥à¤°à¥‹à¤µà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿ और कारà¥à¤¯à¤•ारी उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤‚त महापातà¥à¤° को वायरलेस नेटवरà¥à¤• में अकादमिक नेतृतà¥à¤µ और अनà¥à¤¸à¤‚धान में उनके असाधारण योगदान के लिठपà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ृत किया गया। वह साइबर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾, मोबाइल संचार और वायरलेस नेटवरà¥à¤• पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ में अपने अगà¥à¤°à¤£à¥€ काम से राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ फाउंडेशन और रकà¥à¤·à¤¾ विà¤à¤¾à¤— जैसे संगठनों से $15 मिलियन की महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ धनराशि अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ कर चà¥à¤•े हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ (à¤à¤¨à¤†à¤ˆà¤Ÿà¥€) राउरकेला से सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤• की डिगà¥à¤°à¥€ और पेन सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ से पीà¤à¤šà¤¡à¥€ की है।
वहीं, यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ ऑफ मियामी हेलà¥à¤¥ सिसà¥à¤Ÿà¤® के मà¥à¤–à¥à¤¯ परिचालन अधिकारी दीपेन जे. पारेख को यूरोलॉजिकल सरà¥à¤œà¤°à¥€ में उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय कारà¥à¤¯ के लिठसमà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया। रोबोटिक सिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ को आगे बढ़ाने के लिठजाने जाने वाले, पारेख के काम ने रोबोटिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया है। सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल परिणामों में सà¥à¤§à¤¾à¤° किया है और अधिक महिलाओं को जेनिटोरिनरी सरà¥à¤œà¤°à¥€ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में आने की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ दी है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मà¥à¤‚बई विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से जनरल सरà¥à¤œà¤°à¥€ में à¤à¤®à¤à¤¸ की उपाधि पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की, और वेंडरबिलà¥à¤Ÿ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ मेडिकल कॉलेज, नैशविले से अपनी रेजीडेंसी पूरी की।
सेंटà¥à¤°à¤² फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤¡à¤¾ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के मैकेनिकल और à¤à¤¯à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤ªà¥‡à¤¸ इंजीनियरिंग विà¤à¤¾à¤— के à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° रणजय घोष को नॉनलाइनियर मेटामटेरियलà¥à¤¸ में उनके अà¤à¤¿à¤¨à¤µ शोध के लिठसमà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया। उनका काम गतिशीलता और ऊरà¥à¤œà¤¾ अपवà¥à¤¯à¤¯ की समठको बढ़ाता है। यह à¤à¤¯à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤ªà¥‡à¤¸ और रोबोटिकà¥à¤¸ में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अनà¥à¤ªà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— है, जो सामगà¥à¤°à¥€ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और इंजीनियरिंग की सीमाओं को आगे बढ़ाता है। घोष ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ से बीटेक और कॉरà¥à¤¨à¥‡à¤² विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से पीà¤à¤šà¤¡à¥€ पूरी की है।
इसके अलावा राइजिंग सà¥à¤Ÿà¤¾à¤° के रूप में पहचाने जाने वाले हरिओम यादव बेहतर मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•, हृदय और मांसपेशियों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤® मॉडà¥à¤¯à¥‚लेशन पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ उमà¥à¤° बढ़ने वाले अनà¥à¤¸à¤‚धान का नेतृतà¥à¤µ कर रहे हैं। यूà¤à¤¸à¤à¤« माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤®à¥à¤¸ इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट के निदेशक के रूप में, वह उमà¥à¤° बढ़ने संबंधी रोग और कैंसर से बचे रहने में पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ मामलों को देखते हैं। माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤®à¥à¤¸ पर अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¥à¤¨à¤¿à¤• शोध कर रहे हैं। यादव ने जीवाजी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, à¤à¤¾à¤°à¤¤ से बीà¤à¤¸à¤¸à¥€ और à¤à¤®à¤à¤¸à¤¸à¥€ और राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ डायरी अनà¥à¤¸à¤‚धान संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨, à¤à¤¾à¤°à¤¤ से पीà¤à¤šà¤¡à¥€ पूरी की है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login