यूà¤à¤¸ की बढ़ी टैरिफ दरों को लेकर कई देशों में हलचल के बीच वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° पर अब आरà¥à¤¥à¤¿à¤• नीति में अहम बदलाव के सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ संकेत मिलने लगे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो जाता है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ रूस का तीसरा सबसे बड़ा वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤• साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है, जिसके साथ मई तक के वरà¥à¤· में कà¥à¤² 68 अरब डॉलर का वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° हà¥à¤† था। à¤à¤¸à¥‡ में सवाल है कि यूà¤à¤¸ के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤‚प की टैरिफ धमकी का à¤à¤¾à¤°à¤¤, रूस और चीन जैसे देशों पर कà¥à¤¯à¤¾ असर होने होगा?
बà¥à¤°à¥‚गल थिंक टैंक के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, चीन अब तक रूस का सबसे बड़ा वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤• साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है, और दोनों देशों के बीच वारà¥à¤·à¤¿à¤• आयात-निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ लगà¤à¤— 240 अरब डॉलर का है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login