à¤à¤¾à¤°à¤¤ जब वरà¥à¤· 1947 में आजाद हà¥à¤† उस वकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के मामले में à¤à¤¾à¤°à¤¤, चीन और कोरिया à¤à¤• ही सà¥à¤¤à¤° पर थे। लेकिन वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में चीन की पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आय $30,000 और कोरिया $36,000 से $40,000 के बीच है, जबकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आय $2,500 है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ तमाम सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के बावजूद अब तक विकासशील देर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बना हà¥à¤† है? दकà¥à¤·à¤¿à¤£ कोरिया और चीन से पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आय के मामले में पिछड़ने के कà¥à¤¯à¤¾ मायने हैं? इसकी वरिषà¥à¤ पतà¥à¤°à¤•ार और शिकà¥à¤·à¤¾ अधिवकà¥à¤¤à¤¾ सतीश à¤à¤¾ कà¥à¤› अहम वजह बताई है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ के à¤à¤¾à¤°à¤¤ की मौजूदा शिकà¥à¤·à¤¾ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को सबसे अधिक जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° बताया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ शिकà¥à¤·à¤¾ परिणामों के मामले में चीन और दकà¥à¤·à¤¿à¤£ कोरिया जैसे देशों से दशकों पीछे है।
हिंदी दैनिक जनसतà¥à¤¤à¤¾ के सह-संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• सतीश à¤à¤¾ ने पिछले à¤à¤• दशक में à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ शिकà¥à¤·à¤¾ को बेहतर बनाने पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया है। à¤à¤• साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार में सतीश à¤à¤¾ ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ जिस वकà¥à¤¤ आजाद हà¥à¤† देश के हालात चीन और कोरिया जैसे ही थे। लेकिन आजादी के बाद चीन ने शिकà¥à¤·à¤¾ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया, जबकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने à¤à¤¸à¤¾ नहीं किया। à¤à¤¾ ने कहा, "अधिक से अधिक 1-2 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤¸à¥€ शिकà¥à¤·à¤¾ मिल पाती है, जिससे वे अपने लिठनई राह तलाश सकते हैं। बाकी लोग... वहीं रहते हैं जहां वे थे।"
à¤à¤¾à¤°à¤¤ की शिकà¥à¤·à¤¾ को लेकर à¤à¤¾ ने खà¥à¤²à¤•र बात की। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपनी शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• सफलता का शà¥à¤°à¥‡à¤¯ सरकारी छातà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ को देते हà¥à¤ कहा, "जब मà¥à¤à¥‡ छातà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ के बारे में कोई समठनहीं थी, तब सरकार ने मà¥à¤à¥‡ छातà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ दी होती... तो अधिकांश छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठयह अवसर नहीं बढ़ाया गया होता।"
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à¤à¤¾ वरà¥à¤· 2007-08 के आसपास शिकà¥à¤·à¤¾ सà¥à¤§à¤¾à¤° में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप से शामिल हो गà¤à¥¤ जिसका कà¥à¤› पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¤®à¤†à¤ˆà¤Ÿà¥€ के मीडिया लैब में उनके समय और पà¥à¤°à¥‹. निकोलस नेगà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥‹à¤‚टे दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤• लैपटॉप पहल से पड़ा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ पिंगला जैसे कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की। ये नाम पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ के नाम पर रखा गया था इसके जरिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• अवधारणाओं को जलà¥à¤¦à¥€ समà¤à¤¨à¥‡ में मदद करने के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से बाइनरी सिसà¥à¤Ÿà¤® विकसित किया गया।
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ मॉडल पर खरà¥à¤š
सतीश à¤à¤¾ ने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की शिकà¥à¤·à¤¾ का जिकà¥à¤° करते हà¥à¤ कहा कि तकनीक पर नà¥à¤¯à¥‚नतम संसाधन खरà¥à¤š करना कारगर नहीं है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, " अगर आप इन छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ पर सिरà¥à¤« तकनीक के लिठपांच साल में 1 लाख रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ से कम निवेश करते हैं, तो आप गरà¥à¤® तवे पर पानी की कà¥à¤› बूंदें फेंकने जैसा है। à¤à¤¾ मानते हैं कि à¤à¤• परिवार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संचालित संसà¥à¤¥à¤¾ के रूप में उनकी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ अपनी सीमा तक पहà¥à¤‚च गई है। हमारा लकà¥à¤·à¥à¤¯ à¤à¤¸à¥‡ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® बनाना था जो यह पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करें कि कà¥à¤¯à¤¾ हासिल किया जा सकता है।" उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि अब वे सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• और निजी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ से वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• समरà¥à¤¥à¤¨ की मांग कर रहे हैं। मेरा शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¥à¤¯ था: मैं à¤à¤• करूà¤à¤—ा, समाज को 99 करने चाहिà¤à¥¤ अà¤à¥€ तक à¤à¤¸à¤¾ नहीं हà¥à¤† है।"
अब वे आशà¥à¤°à¤¯ समरà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सà¥à¤•ूलों में छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठछातà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ मारà¥à¤— बनाने के लिठऑकà¥à¤¸à¤«à¤¼à¥‹à¤°à¥à¤¡ में सोमरविले कॉलेज और यू.à¤à¤¸. में अनà¥à¤¯ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के साथ बातचीत कर रहे हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जोर देकर कहा, "हम यह काम परिणाम, सीखने के परिणाम के लिठकर रहे हैं... नाम के लिठनहीं।"
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