टेकà¥à¤¸à¤¾à¤¸ के रहने वाले इंडियन-अमेरिकन 49 साल के बà¥à¤¶à¤¨ अठाले ने à¤à¤• सिख नॉन-पà¥à¤°à¥‰à¤«à¤¿à¤Ÿ ऑरà¥à¤—ेनाइजेशन के करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को जान से मारने की धमकी देने का दोषी ठहराया गया है। अठाले पर आरोप है कि उसने खतरनाक हथियार से धमकी देकर फेडरल सरकार की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ में आने वाली गतिविधियों में दखल दिया। इसके अलावा उन पर दूसरे सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ से किसी को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाने की धमकी देने का आरोप है।
नà¥à¤¯à¥‚ जरà¥à¤¸à¥€ डिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤Ÿ के à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग यू.à¤à¤¸. अटॉरà¥à¤¨à¥€ विकास खनà¥à¤¨à¤¾ ने कहा, 'हमारे समाज में हिंसा की धमकियों की कोई जगह नहीं है। इस देश में हर शखà¥à¤¸ को बिना किसी डर के, बिना हिंसा या ज़à¥à¤²à¥à¤® के अपने धरà¥à¤® का पालन करने की आजादी होनी चाहिà¤à¥¤'
कोरà¥à¤Ÿ के दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, 17 सितंबर, 2022 को अठाले ने सिखों के अधिकारों के लिठकाम करने वाली à¤à¤• संसà¥à¤¥à¤¾ की मेन लाइन पर फोन किया। उसने सात वॉइसमेल छोड़े जिनमें समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के खिलाफ नफरत à¤à¤°à¥€ बातें थीं। उसने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उसà¥à¤¤à¤°à¥‡ से घायल करने या मारने की धमकी दी। उसके मैसेज में हिंसक और गंदी गालियां थीं, जिसमें धारà¥à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•ों और रसà¥à¤®à¥‹à¤‚ का à¤à¥€ जिकà¥à¤° था।
अठाले की धमकियां 21 मारà¥à¤š, 2024 को à¤à¥€ जारी रहीं। उसने फिर से दो वॉइसमेल छोड़े जिनमें हिंसक और नफरत à¤à¤°à¥€ बातें कही गईं। अपना गà¥à¤¨à¤¾à¤¹ कबूल करते समय अठाले ने धरà¥à¤® के नाम पर की गई और à¤à¥€ धमकियों को माना। नवंबर 2021 में, उसने अपने à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ साथी को मैसेज à¤à¥‡à¤œà¥‡, जिसमें लिखा था, 'मà¥à¤à¥‡ पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ से नफरत है। मà¥à¤à¥‡ मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ से नफरत है।आगे लिखा, शायद मैं à¤à¤• यहूदी को काम पर रखूंगा, वे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाने में सबसे अधिक खà¥à¤¶ होंगे।' मई 2024 में, उसने à¤à¤• रिकà¥à¤°à¥‚टर को जिसके बारे में उसे लगता था कि वो मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨ है, इसी तरह की धमकियां à¤à¥‡à¤œà¥€à¤‚।
अठाले को फेडरल सरकार की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ में आने वाली गतिविधियों में दखल देने के लिठ10 साल और दूसरे सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ से धमकी देने के लिठपांच साल तक की सजा हो सकती है। हर आरोप पर उस पर 250,000 डॉलर तक का जà¥à¤°à¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¾ à¤à¥€ लग सकता है। सजा तय करने की सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ 3 जून को होगी, जहां à¤à¤• फेडरल जज अंतिम सजा तय करेगा।
FBI फिलाडेलà¥à¤«à¤¿à¤¯à¤¾ फीलà¥à¤¡ ऑफिस ने इस केस की जांच की। असिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट यू.à¤à¤¸. अटॉरà¥à¤¨à¤¿à¤¸ सारा à¤. अली आबाडी, जेसन à¤à¤®. रिचरà¥à¤¡à¤¸à¤¨ और जसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ डिपारà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के टà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤² अटॉरà¥à¤¨à¥€ à¤à¤°à¤¿à¤• पेफà¥à¤²à¥‡ इस केस की पैरवी कर रहे हैं। FBI फिलाडेलà¥à¤«à¤¿à¤¯à¤¾ फीलà¥à¤¡ ऑफिस के सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² à¤à¤œà¥‡à¤‚ट इन चारà¥à¤œ वेन à¤. जैकबà¥à¤¸ ने कहा, 'हर नागरिक को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤, निशà¥à¤šà¤¿à¤‚त और हिंसा या नफरत के डर से मà¥à¤•à¥à¤¤ रहने का अधिकार है।'
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