4 मई को 'मैनà¥à¤¸ सà¥à¤•ूल ऑफ मà¥à¤¯à¥‚जिक' में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकी वायलिन वादक (violinist), जो नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• के द नà¥à¤¯à¥‚ सà¥à¤•ूल से अंडरगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥à¤à¤¶à¤¨ की पढ़ाई करने वाली छातà¥à¤°à¤¾
सथà¥à¤µà¥€ रामसेशन हैं, उनके मà¥à¤¯à¥‚जिक ने शà¥à¤°à¥‹à¤¤à¤¾à¤“ं को आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤šà¤•ित कर दिया और हर कोई मंतà¥à¤°à¤®à¥à¤—à¥à¤§ हो गया है।
सथà¥à¤µà¥€ रामसेशन का मà¥à¤¯à¥‚जिक इतना शानदार था कि लोगों की उंगलियां खà¥à¤¦ ब खà¥à¤¦ थिरकने लगी थी। बता दें, शायद पहली बार दरà¥à¤¶à¤•ों ने “अलाप” की बारीकियों का अनà¥à¤à¤µ किया था। वायलिन वादक के मà¥à¤¯à¥‚जिक से साफ पता चल रहा था कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ राग का धीमा होता है, जो आतà¥à¤®à¤¾ को खà¥à¤¶ कर देता है।
बता दें, सैन डिà¤à¤—ो, कैलिफोरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की मूल निवासी सथà¥à¤µà¥€ रामसेशन ने अपने मितà¥à¤° अरà¥à¤œà¤¨ सिंह की रचना पूरिया कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ राग से अपने गायन की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की और फिर उनकी मधूर धà¥à¤¨ सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ को मिली।
उनकी कला ने दरà¥à¤¶à¤•ों को मंतà¥à¤°à¤®à¥à¤—à¥à¤§ कर दिया, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संगीत से अवगत कराया। बता दें, सधà¥à¤µà¥€ रामशेषन गà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥€-नामांकित जैक चौकड़ी के पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ वायलिन वादक ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ वà¥à¤²à¤¿à¤®à¤¨ की छातà¥à¤°à¤¾ हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ संगीत का काफी अचà¥à¤›à¤¾ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ है।
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