अमेरिका में सिà¤à¤Ÿà¤² सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दूतावास में 7 फरवरी को ऑफिस टाइम खतà¥à¤® होने के बाद कà¥à¤› लोग बिना इजाजत जबरन अंदर दाखिल हो गà¤à¥¤ इस पर अफसरों को बीच-बचाव करना पड़ा। दूतावास ने à¤à¤•à¥à¤¸ (पहले टà¥à¤µà¤¿à¤Ÿà¤°) पर बयान जारी करके इस घटना को 'लॉ à¤à¤‚ड ऑरà¥à¤¡à¤° सिचà¥à¤à¤¶à¤¨' बताया। बयान के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, 'ऑफिस के बंद होने के बाद कà¥à¤› लोगों के दूतावास में बिना इजाजत घà¥à¤¸à¤¨à¥‡ की वजह से हमें à¤à¤• लॉ à¤à¤‚ड ऑरà¥à¤¡à¤° पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® का सामना करना पड़ा।'
दूतावास ने आगे बताया, 'हमें इस मामले को सà¥à¤²à¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठलोकल अथॉरिटीज को बà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ पड़ा। इन घà¥à¤¸à¤ªà¥ˆà¤ ियों के खिलाफ आगे की कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ की जा रही है।' खबरों के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, ये घटना à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकी राजनीतिक कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ कà¥à¤·à¤®à¤¾ सावंत के विरोध से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ है। सावंत का दावा है कि उनका à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वीजा तीन बार रदà¥à¤¦ किया गया है। वरà¥à¤•रà¥à¤¸ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤• बैक के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ सावंत दूतावास में 'शांतिपूरà¥à¤£ नागरिक अवजà¥à¤žà¤¾' कर रही थीं और वीजा रदà¥à¤¦ करने की वजह जानना चाहती थीं।
सावंत ने à¤à¤•à¥à¤¸ पर लिखा कि उनके पति कैलà¥à¤µà¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¥€à¤¸à¥à¤Ÿ को उनकी बीमार मां से मिलने के लिठइमरजेंसी वीजा मिल गया, लेकिन उनका वीजा रदà¥à¤¦ कर दिया गया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने लिखा, 'उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मेरे पति को इमरजेंसी वीजा दे दिया, लेकिन मेरा रदà¥à¤¦ कर दिया। साफ-साफ कहा गया कि मेरा नाम 'रिजेकà¥à¤Ÿ लिसà¥à¤Ÿ' में है। और वजह à¤à¥€ नहीं बताई।'
ये घटना कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‡ पहले विदेश मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¤¸. जयशंकर के सैन फà¥à¤°à¤¾à¤‚सिसà¥à¤•ो में 2023 में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दूतावास पर हà¥à¤ हमले के लिठजवाबदेही की मांग दोहराने के बाद हà¥à¤ˆ है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इस घटना को बहà¥à¤¤ गंà¤à¥€à¤° मामला बताया था।
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