à¤à¤¾à¤°à¤¤ सà¥à¤ªà¥‡à¤¸ टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‹à¤œà¥€ में नई उड़ान à¤à¤°à¤¨à¥‡ जा रहा है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार के केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी राजà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ डॉ. जितेंदà¥à¤° सिंह ने कहा है कि अगले साल पूरा विशà¥à¤µ अंतरिकà¥à¤· में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पहले मानव मिशन का गवाह बनेगा। इसके अलावा इसी साल डीप सी मिशन के तहत à¤à¤¾à¤°à¤¤ गहरे समà¥à¤¦à¥à¤° में à¤à¥€ पहली बार इंसान को à¤à¥‡à¤œà¥‡à¤—ा।
पीआईबी पर जारी विजà¥à¤žà¤ªà¥à¤¤à¤¿ में जितेंदà¥à¤° सिंह ने बताया कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पहले सà¥à¤ªà¥‡à¤¸ मिशन गगनयान के लिठचार अंतरिकà¥à¤· यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का चयन कर लिया गया है। इनमें तीन गà¥à¤°à¥à¤ª कैपà¥à¤Ÿà¤¨ और à¤à¤• विंग कमांडर हैं। इनकी टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग चल रही है। साल 2025 में दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ को अंतरिकà¥à¤· में और दूसरे à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ को गहरे समà¥à¤¦à¥à¤° में पहà¥à¤‚चते हà¥à¤ देखेगी।
"2025 will mark dual landmark for India.Under leadership of PM Sh @NarendraModi,world will witness 1st Indian in Space & another Indian in Deep Sea. 4 astronauts, 3 Group Captains & 1 Wing Commander selected for
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) July 4, 2024
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केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ जितेंदà¥à¤° सिंह ने à¤à¤• टीवी चैनल पर इंटरवà¥à¤¯à¥‚ में कहा कि 2022 में हमारे पास सिरà¥à¤« à¤à¤• अंतरिकà¥à¤· सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤…प था, लेकिन अंतरिकà¥à¤· कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को निजी à¤à¤¾à¤—ीदारी के लिठखोलने के बाद 2024 में हमारे पास लगà¤à¤— 200 सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤…प होंगे। इनमें से कई वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° के हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि कà¥à¤› ही महीनों में अंतरिकà¥à¤· कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में 1000 करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ का निवेश निजी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से आया है।
बता दें कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अंतरिकà¥à¤· अनà¥à¤¸à¤‚धान संगठन (इसरो) के गगनयान मिशन का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ अंतरिकà¥à¤· में तीन दिवसीय मानवयà¥à¤•à¥à¤¤ मिशन à¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ है, जो पृथà¥à¤µà¥€ से 400 किमी ऊपर परिकà¥à¤°à¤®à¤¾ करेगा और वापस आà¤à¤—ा। इसके लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ के गà¥à¤°à¥à¤ª कैपà¥à¤Ÿà¤¨ पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤‚त बालकृषà¥à¤£à¤¨ नायर, अजीत कृषà¥à¤£à¤¨, अंगद पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª और विंग कमांडर शà¥à¤à¤¾à¤‚शॠशà¥à¤•à¥à¤²à¤¾ को चà¥à¤¨à¤¾ गया है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पहले समà¥à¤¦à¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¨ मिशन के बारे में बताà¤à¤‚ तो इसके तहत मानवयà¥à¤•à¥à¤¤ पनडà¥à¤¬à¥à¤¬à¥€ को हिंद महासागर में 6000 मीटर की गहराई तक à¤à¥‡à¤œà¤¾ जाà¤à¤—ा। पृथà¥à¤µà¥€ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ की पहल पर मतà¥à¤¸à¥à¤¯ 6000 मिशन को सà¥à¤µà¤¦à¥‡à¤¶à¥€ रूप से विकसित किया जा रहा है।
डॉ. जितेंदà¥à¤° सिंह ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ कà¥à¤µà¤¾à¤‚टम पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकियों के मामले में अगà¥à¤°à¤£à¥€ देशों में से à¤à¤• है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हमारे पास राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ कà¥à¤µà¤¾à¤‚टम मिशन है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ के विशाल संसाधनों की à¤à¥€ चरà¥à¤šà¤¾ की और कहा कि हिमालय कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के संसाधनों और 7500 किमी लंबी समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ तटरेखा का पूरी तरह दोहन नहीं हो पाया है। इसके लिठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ जारी हैं।
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