अमेरिका में कैलिफोरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के बे à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में रहने वाली 50 साल की à¤à¤• कामकाजी मां रितॠनारायण को परेशानी तब होती थी जब जब उनके बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤•ूल बस समय पर नहीं पहà¥à¤‚चती थी। à¤à¤¸à¥‡ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ को छोड़ने या लाने के लिठसà¥à¤•ूल जाना पड़ता था। इसका असर उनके काम पर पड़ता था। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी मां का तà¥à¤¯à¤¾à¤— याद आया। और इस तरह उनके मन में à¤à¤• आइडिया ने जनà¥à¤® लिया, जो आज अरबों रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ का कारोबार बन गया है। रितॠनारायण इस समय बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठऑन-डिमांड सवारी और देखà¤à¤¾à¤² करने वाली कंपनी ZUM की संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• सीईओ हैं।
दरअसल, अपनी समसà¥à¤¯à¤¾ को देखते हà¥à¤ रितॠके दिमाग में आया कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को ले जाने के लिठà¤à¤¸à¥€ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की जानी चाहिà¤, जिसे लेकर पेरेंटà¥à¤¸ निशà¥à¤šà¤¿à¤‚त हो जाà¤à¤‚। इसके बाद 2015 में रितॠनारायण ने अपनी नौकरी छोड़ने और à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤…प ZUM शà¥à¤°à¥‚ करने का निरà¥à¤£à¤¯ लिया। ZUM à¤à¤• à¤à¤†à¤ˆ-समरà¥à¤¥à¤¿à¤¤ इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• सà¥à¤•ूल बस सेवा है। यह राइड à¤à¤‚ड केयर कंपनी कामकाजी अमेरिकी पैरेंटà¥à¤¸ के सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और ससà¥à¤¤à¥€ परिवहन सेवा की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ देती है।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में Zum ने à¤à¤• सेलà¥à¤« फंडेड उबर के रूप में काम किया। जो कामकाजी पैरेंटà¥à¤¸ के लिठबेहतर सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ साबित हà¥à¤ˆà¥¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ मीडिया रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बाद में इसे इनोवेटिव à¤à¤ª के माधà¥à¤¯à¤® से माता-पिता को पहले से यातà¥à¤°à¤¾ बà¥à¤• करने और रियल टाइम में अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤•ूल तक पहà¥à¤‚चाने की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ मिलने लगी। फोरà¥à¤¬à¥à¤¸ मैगजीन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नारायण बचपन से à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥‰à¤Ÿ बनना चाहती थीं। हालांकि बाद वो अमेरिका आ गईं और वो परिवार में पहली इंजीनियर थीं।
रितॠका कहना है कि मà¥à¤à¥‡ पता था कि ZUM कामकाजी माता-पिता के जीवन को बदल सकता है। कामकाजी महिलाà¤à¤‚ हमें बताती हैं कि यह सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ उनके लिठकरियर में आगे बढ़ने में कैसे मददगार साबित हà¥à¤ˆà¤‚। महिलाà¤à¤‚ बताती हैं कि वे नौकरी पर वापस गईं और काम पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फोकस करने की वजह से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कामयाबी मिली, पà¥à¤°à¤®à¥‹à¤¶à¤¨ मिला। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को लेने के लिठशाम 4 बजे दौड़ना नहीं पड़ रहा है। अब बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤•ूल छोड़ने या वापस लाने का कोई टेंशन नहीं है।
अपने कारोबार का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° करने के लिठनारायण ने सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ सà¥à¤•ूलों से संपरà¥à¤• करना शà¥à¤°à¥‚ किया कि वे पैरेंटà¥à¤¸ से अनà¥à¤°à¥‹à¤§ इस सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ को अपनाने के लिठअनà¥à¤°à¥‹à¤§ करें। हालांकि, सà¥à¤•ूलों ने ZUM को इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• वाहनों और टà¥à¤°à¥ˆà¤•िंग कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं के साथ à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ सà¥à¤•ूल बस बेड़े के रूप में लिसà¥à¤Ÿ किया। नतीजतन, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ बस सेवाओं के साथ मà¥à¤•ाबला करने के लिठà¤à¤• बड़े कसà¥à¤Ÿà¤®à¤° सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ के तौर पर ZUM को नया रूप देना शà¥à¤°à¥‚ किया।
2020 में ऑकलैंड यूनिफाइड सà¥à¤•ूल डिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤Ÿ के साथ पांच साल के लिठ53 मिलियन डॉलर का कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ मिलने के बाद उनके सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤…प को गति मिली। नारायण का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान पांच और छह महीने के लिठकाम ठप हो गया। à¤à¤¸à¥‡ में हमने उस समय का उपयोग अपने पà¥à¤°à¥‰à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ को बहà¥à¤¤ तेजी से बढ़ाने के लिठकिया।
रितॠका कहना है कि आज ZUM कैलिफोरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾, वाशिंगटन, टेकà¥à¤¸à¤¾à¤¸, इलिनोइस, टेनेसी और मैरीलैंड में 4,000 से अधिक निजी और पबà¥à¤²à¤¿à¤• सà¥à¤•ूलों की सेवा करते हà¥à¤ 1.5 बिलियन डॉलर से अधिक मूलà¥à¤¯ का कारोबार बन चà¥à¤•ा है। रितॠदिलà¥à¤²à¥€ से कंपà¥à¤¯à¥‚टर साइंस में सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤• होने के साथ ही ईबे, याहू, ओरेकल और आईबीà¤à¤® जैसी कंपनियों में लगà¤à¤— 15 साल तक काम कर चà¥à¤•ी हैं।
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