à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• विजय मà¥à¤°à¥à¤—ेसन की अगà¥à¤†à¤ˆ वाली à¤à¤• टीम ने बैटरी में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होने वाले à¤à¤• नठपदारà¥à¤¥ की खोज की है। गौर करने वाली बात ये है कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ये खोज आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² इंटेलिजेंस (à¤à¤†à¤ˆ) और सà¥à¤ªà¤°à¤•ंपà¥à¤¯à¥‚टिंग की ताकत का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हà¥à¤ की है। उनकी इस खोज से बैटरी में लिथियम पर निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ को काफी कम किया जा सकता है।
मà¥à¤°à¥à¤—ेसन की टीम ने 3.2 करोड़ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अकारà¥à¤¬à¤¨à¤¿à¤• सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को जांचने के लिठमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‰à¤«à¥à¤Ÿ के à¤à¤œà¤¼à¥à¤¯à¥‹à¤° कà¥à¤µà¤¾à¤‚टम à¤à¤²à¤¿à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ का लाठउठाया। à¤à¤†à¤ˆ-संचालित इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ने केवल 80 घंटों में ही बैटरी बनाने में उपयोग होने वाले 18 पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को छांटकर अलग कर दिया।
यह खोज माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‰à¤«à¥à¤Ÿ और अमेरिका सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ पैसिफ़िक नॉरà¥à¤¥-वेसà¥à¤Ÿ नेशनल लेबोरेटरी (पीà¤à¤¨à¤à¤¨à¤à¤²) के बीच à¤à¤• सहयोग के तहत की गई है। माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‰à¤«à¥à¤Ÿ कà¥à¤µà¤¾à¤‚टम टीम ने लगà¤à¤— 5 लाख सà¥à¤¥à¤¿à¤° पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की तेजी से पहचान करने के लिठà¤à¤†à¤ˆ का उपयोग किया। मà¥à¤°à¥à¤—ेसन और उनकी टीम का मानना ​​है कि इस नठपदारà¥à¤¥ से लिथियम के उपयोग को 70 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक कम किया जा सकता है।
इससे पहले इसे लाइटबलà¥à¤¬ को बिजली देने के लिठसफलतापूरà¥à¤µà¤• इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा चà¥à¤•ा है। à¤à¤†à¤ˆ से खोजी गया पदारà¥à¤¥ ठोस अवसà¥à¤¥à¤¾ में इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ का काम करता है जो नà¥à¤¯à¥‚नतम पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ के साथ कैथोड और à¤à¤¨à¥‹à¤¡ के बीच आयनों की निरà¥à¤¬à¤¾à¤§ आवाजाही सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करता है।
शà¥à¤°à¥‚ में वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों का मानना ​​था कि सोडियम आयन और लिथियम आयन अपने समान चारà¥à¤œ लेकिन अलग-अलग आकार के कारण ठोस-अवसà¥à¤¥à¤¾ वाले इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ सिसà¥à¤Ÿà¤® में à¤à¤• साथ नहीं रह सकते। à¤à¤¸à¥‡ में इस तरह के पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का संरचनातà¥à¤®à¤• ढांचा दो अलग-अलग आयनों की गति को सपोरà¥à¤Ÿ नहीं कर सकता। हालांकि कठोर परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बाद देखा गया सोडियम और लिथियम आयन à¤à¤• दूसरे की मदद à¤à¥€ करते हैं।
आजकल के दौर में रिचारà¥à¤œà¥‡à¤¬à¤² लिथियम आयन बैटरी का मà¥à¤–à¥à¤¯ आधार बन चà¥à¤•ा है जो फोन से लेकर इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• वाहनों और उपगà¥à¤°à¤¹à¥‹à¤‚ तक के उपकरणों को ऊरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। अमेरिकी ऊरà¥à¤œà¤¾ विà¤à¤¾à¤— का आकलन है कि 2030 तक लिथियम की मांग में पांच से दस गà¥à¤¨à¤¾ तक वृदà¥à¤§à¤¿ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में इसकी कमी और उचà¥à¤š लागत को लेकर à¤à¥€ चिंताà¤à¤‚ बढ़ रही हैं।
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