बफेलो यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¿à¤¯ बनरà¥à¤œà¥€ और उनके छातà¥à¤° थारà¥à¤¨ सेलà¥à¤µà¤® महेंदà¥à¤°à¤¨ के नेतृतà¥à¤µ में à¤à¤• रिसरà¥à¤šà¤°à¥à¤¸ की टीम ने यह पता लगाया है कि कोशिकाओं के अंदर हानिकारक RNA कà¥à¤²à¤¸à¥à¤Ÿà¤° कैसे बनते हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कैसे तोड़ा जा सकता है। इस शोध के निषà¥à¤•रà¥à¤· को नेचर केमिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ में पà¥à¤°à¤•ाशित किया गया, जो à¤à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¿à¤• लेटरल सà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (ALS) और हंटिंगटन रोग जैसी तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा संबंधी नà¥à¤¯à¥‚रोडीजेनेरेटिव बीमारियों के इलाज में अहम साबित हो सकता है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल की टीम के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ को यू.à¤à¤¸. नेशनल इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ हेलà¥à¤¥ और सेंट जूड चिलà¥à¤¡à¥à¤°à¤¨ रिसरà¥à¤š हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² ने सपोरà¥à¤Ÿ किया। जिसमें आरà¤à¤¨à¤ कैसे रोग से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कà¥à¤²à¤‚प बनाते हैं, यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया गया है। शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं का दावा है कि RNA को बीमारियों का कà¥à¤²à¤‚प बनाने से रोका à¤à¥€ जा सकता है।
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