पिछले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ दिलà¥à¤²à¥€ हाईकोरà¥à¤Ÿ में लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ इंसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट मैसेजिंग à¤à¤ª WhatsApp के वकील ने कहा था कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार अपने सूचना पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी (मधà¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤¤à¥€ दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियमों 2021 [6.4.2023 को अपडेट] के तहत आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ने पर किसी à¤à¥€ चैट की जानकारी के लिठà¤à¤¨à¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¶à¤¨ तोड़ने के लिठमजबूर कर रही है। वकील ने यह à¤à¥€ कहा कि सरकार की ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि WhatsApp को मैसेज के सोरà¥à¤¸ के बारे में बताना होगा। यानी कोई मैसेज कब और कहां से à¤à¥‡à¤œà¤¾ गया इसकी जानकारी देनी होगी। मगर à¤à¤¨à¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¶à¤¨ तोड़ना कंपनी की पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤¸à¥€ पॉलिसी के खिलाफ है।
वकील ने कहा कि इस तरह की जरूरत दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के किसी देश में नहीं है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अगर à¤à¤¸à¤¾ किया गया तो कंपनी को लाखों-लाख मैसेज को बरसों तक जमा करके रखना होगा। लेकिन किसी à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में गोपनीयता WhatsApp का मà¥à¤–à¥à¤¯ मूलà¥à¤¯ है। अगर à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हमे इस तरह से मजबूर किया गया तो कंपनी à¤à¤¾à¤°à¤¤ छोड़ देगी।
WhatsApp का à¤à¤¾à¤°à¤¤ छोड़ने का मतलब होगा करीब 50 करोड़ उपà¤à¥‹à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं से हाथ धोना। जाहिर है कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में किसी à¤à¤• देश में इतने उपà¤à¥‹à¤•à¥à¤¤à¤¾ नहीं हैं। कंपनी का साफ कहना है कि अगर हमसे à¤à¤¨à¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¶à¤¨ तोड़ने को कहा गया तो हम à¤à¤¾à¤°à¤¤ छोड़ देंगे।
WhatsApp के मालिक मेटा (पूरà¥à¤µ में फेसबà¥à¤•) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नियमों को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ को अगसà¥à¤¤ तक के लिठसà¥à¤¥à¤—ित कर दिया गया। लेकिन दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के कà¥à¤› सबसे लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ सोशल मीडिया टूल और à¤à¤ªà¥à¤¸ को लेकर à¤à¤¾à¤°à¤¤ की आधिकारिक बेचैनी उसके 50 करोड़ या इससे अधिक इंटरनेट उपयोगकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं और à¤à¤• अरब से अधिक सà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤«à¥‹à¤¨ पर मर मिटने वाली जनता के लिठकिसी बिन बà¥à¤²à¤¾à¤ˆ आफत से कम नहीं है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार अपनी मांग को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ अथवा सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ताओठके रूप में पेश कर रही है। WhatsApp और à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार के बीच लंबे समय से लड़ाई चल रही है। मगर कंपनी अपनी पॉलिसी के खिलाफ जाने को तैयार नहीं है, à¤à¤²à¥‡ ही उसे à¤à¤¾à¤°à¤¤ से जाना पड़े।
इससे पहले फरवरी में X (पूरà¥à¤µ में टà¥à¤µà¤¿à¤Ÿà¤°) को पंजाब, हरियाणा और राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ राजधानी में विरोध कर रहे किसानों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ और उनकी ओर से कई पोसà¥à¤Ÿ हटाने का आदेश दिया गया था, जिनमें सरकारी अधिकारियों पर जà¥à¤°à¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¾ और कारावास की धमकी दी गई थी। यह फरवरी 2021 में परिदृशà¥à¤¯ की पà¥à¤¨à¤°à¤¾à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ थी और अब à¤à¤²à¤¨ मसà¥à¤• के सà¥à¤µà¤¾à¤®à¤¿à¤¤à¥à¤µ वाले X ने विरोध के तहत अनà¥à¤ªà¤¾à¤²à¤¨ किया और कहा- हम अकेले à¤à¤¾à¤°à¤¤ में इन खातों और पोसà¥à¤Ÿ को रोक देंगे, हालांकि हम इन कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से असहमत हैं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार की सटीक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ खतरे की धारणा कà¥à¤¯à¤¾ है और कà¥à¤¯à¤¾ यह वासà¥à¤¤à¤µ में अनà¥à¤¯à¤¤à¥à¤° लागू नियमों और आवशà¥à¤¯à¤•ताओं की गारंटी देता है... इस मसले पर कà¤à¥€ और बात करेंगे मगर अà¤à¥€ मैं जो कहना चाहता हूं वह यह है: ​​कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में सबसे बड़े डेटा और इंटरनेट बाजारों के साथ वैशà¥à¤µà¤¿à¤• खिलाड़ियों से यह उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करना अवासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• है कि वे अपने उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ की विशिषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾à¤“ं को केवल इसलिठखतà¥à¤® कर देंगे ताकि वे à¤à¤¾à¤°à¤¤ में काम कर सकें।
आप कह सकते हैं कि चीन ने वà¥à¤¹à¤¾à¤Ÿà¥à¤¸à¤à¤ª और गूगल तथा à¤à¤•à¥à¤¸/टà¥à¤µà¤¿à¤Ÿà¤° पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध लगा दिया है और वह इससे बच à¤à¥€ निकला है? यह सच है लेकिन उनके पास अपने घरेलू à¤à¤¾à¤·à¤¾ के ताकतवर विकलà¥à¤ª मौजूद थे। यानी अपने विकलà¥à¤ª तैयार करके ही चीन ने किसी सà¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¥€ को आंखें दिखाईं। Whatsapp के लिठउनके पास WeChat था, Google के लिठBaidu था और जब टà¥à¤µà¤¿à¤Ÿà¤° पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध लगा दिया गया तो चीनी लोग Weibo पर चले गà¤à¥¤ हालांकि गोपनीयता या सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ ही कोई अकेला कारक नहीं था जब à¤à¤®à¥‡à¤œà¥‰à¤¨ ने चीन से अपना तंबू उखाड़ (2019) लिया। दरअसल चीनियों ने अपनी ई-कॉम साइट Alibaba को à¤à¤¾à¤°à¥€ संरकà¥à¤·à¤£ देकर आगे बढ़ाने की कोशिश की।
अब सवाल उठता है कि यदि Whatsapp को à¤à¤¨à¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¶à¤¨ तोड़ने का आदेश दिया गया तो कà¥à¤¯à¤¾ Whatsapp à¤à¤¾à¤°à¤¤ छोड़ने की अपनी धमकी पर अमल करेगा? कà¥à¤¯à¤¾ अगली बार जब à¤à¤²à¤¨ मसà¥à¤• को à¤à¤¾à¤°à¤¤ में X पोसà¥à¤Ÿ हटाने के लिठकहा जाà¤à¤—ा तो कà¥à¤¯à¤¾ वे सà¥à¤µà¥‡à¤šà¥à¤›à¤¾ से या अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ à¤à¤¸à¤¾ करेंगे? अà¤à¥€ इस पर कà¥à¤› कहना जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ होगी।
लेकिन वह à¤à¥‚मि जो शासन कला के पहलà¥à¤“ं का आविषà¥à¤•ार करने और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ईसा पूरà¥à¤µ चौथी शताबà¥à¤¦à¥€ में कौटिलà¥à¤¯ यानी ​​​​चाणकà¥à¤¯ के हाथों संहिताबदà¥à¤§ करने का दावा करती है वहां à¤à¤• सबक तो साफ है... अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° से लेकर à¤à¤®à¤¬à¥€à¤ तक: जब आप à¤à¤• कॉरà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥‡à¤Ÿ दà¥à¤µà¤‚दà¥à¤µ को विनाश की हद तक ले जाना चाहते हैं तो à¤à¤• बैकअप योजना अवशà¥à¤¯ रखें। यानी पà¥à¤²à¤¾à¤¨ बी।
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